आरबीआई ने डिजिटल भुगतान सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 'डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण' दिशानिर्देश जारी किए
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में बढ़ते ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए 'डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण' (Digital Payment Security Controls) पर नए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये दिशानिर्देश सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, भुगतान बैंकों और बड़े गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) पर लागू होंगे। इसके तहत बैंकों को बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण (MFA) और वास्तविक समय की धोखाधड़ी निगरानी प्रणालियों को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- आरबीआई ने डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए 'डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण' दिशानिर्देश जारी किए हैं।
- ये नियम सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, भुगतान बैंकों और बड़ी एनबीएफसी (NBFCs) पर लागू होंगे।
- सभी डिजिटल लेनदेन के लिए बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण (MFA) को अनिवार्य बना दिया गया है।
- बैंकों को संदिग्ध लेनदेन की पहचान के लिए वास्तविक समय की धोखाधड़ी निगरानी प्रणालियां स्थापित करनी होंगी।
- नए लाभार्थियों को जोड़ने के बाद एक निश्चित 'कूलिंग-ऑफ' अवधि लागू की जाएगी ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके।
- वित्तीय संस्थानों को इन नए सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है।
- भारत दुनिया में वास्तविक समय के डिजिटल लेनदेन में 45% से अधिक हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है।
- यह कदम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
Why In News
16 जून 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल बैंकिंग और भुगतान प्रणालियों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए नए सुरक्षा नियंत्रण दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो साइबर हमलों और ऑनलाइन घोटालों से ग्राहकों के पैसे की रक्षा करेंगे।
Syllabus Connection
डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, साइबर सुरक्षा खतरे और वित्तीय क्षेत्र में विनियामक निकायों (जैसे RBI) की भूमिका।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| नियामक निकाय | भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) | वित्तीय स्थिरता और उपभोक्ता संरक्षण में केंद्रीय बैंक की भूमिका |
| मुख्य सुरक्षा उपाय | बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण (MFA) और कूलिंग-ऑफ अवधि | नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करना |
| लागू होने की समय सीमा | 6 महीने | वित्तीय संस्थानों के लिए तकनीकी उन्नयन की चुनौतियां |
| वैधानिक आधार | भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 | डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत कानूनी ढांचे की आवश्यकता |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| Banking (IBPS / SBI) | Very High | 6–10 | RBI policy, inflation, CRR/SLR, monetary committee decisions — banking exams test the full spectrum. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | Budget highlights, GDP data, and government economic schemes appear in SSC CGL GK section. |
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Economy is a core UPSC subject. Economic Survey, budget, and policy changes are heavily tested. |
| State PCS / PSC | High | 4–8 | State budget, MSME, agriculture policy, and banking data are common in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: आरबीआई ने डिजिटल भुगतान सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 'डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण' दिशानिर्देश जारी किए
- आरबीआई ने डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए 'डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण' दिशानिर्देश जारी किए हैं।
- ये नियम सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, भुगतान बैंकों और बड़ी एनबीएफसी (NBFCs) पर लागू होंगे।
- सभी डिजिटल लेनदेन के लिए बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण (MFA) को अनिवार्य बना दिया गया है।
- बैंकों को संदिग्ध लेनदेन की पहचान के लिए वास्तविक समय की धोखाधड़ी निगरानी प्रणालियां स्थापित करनी होंगी।
- नए लाभार्थियों को जोड़ने के बाद एक निश्चित 'कूलिंग-ऑफ' अवधि लागू की जाएगी ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके।
- वित्तीय संस्थानों को इन नए सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है।
- भारत दुनिया में वास्तविक समय के डिजिटल लेनदेन में 45% से अधिक हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है।
- यह कदम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
Practice Questions
Q1. हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी 'डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण' (DPSC) दिशानिर्देशों के तहत लेनदेन सुरक्षा के लिए किसे अनिवार्य किया गया है?
- बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण (Multi-Factor Authentication)
- केवल एकल-ओटीपी प्रमाणीकरण
- केवल पासवर्ड-आधारित लॉगिन
- हस्ताक्षर सत्यापन
Explanation: आरबीआई के नए दिशानिर्देशों के तहत सभी डिजिटल लेनदेन के लिए बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण (MFA) को अनिवार्य किया गया है, जिसमें कम से कम दो स्वतंत्र प्रमाणीकरण कारकों का उपयोग शामिल है।
Q2. आरबीआई के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, डिजिटल भुगतान प्रणालियों में 'कूलिंग-ऑफ अवधि' (Cooling-off Period) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- नए पंजीकृत लाभार्थी को तुरंत बड़ी राशि के हस्तांतरण को रोकना
- बैंक सर्वर को ठंडा होने का समय देना
- ग्राहकों को लेनदेन रद्द करने के लिए अतिरिक्त समय देना
- बैंक कर्मचारियों के काम के घंटे कम करना
Explanation: कूलिंग-ऑफ अवधि का उद्देश्य नए पंजीकृत लाभार्थियों को तुरंत बड़ी राशि के हस्तांतरण को रोकना है, जिससे यदि खाता हैक हुआ हो तो ग्राहक को धोखाधड़ी का पता लगाने और उसे रोकने का समय मिल सके।
Q3. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भारत में भुगतान प्रणालियों को विनियमित और पर्यवेक्षित करने की शक्ति किस अधिनियम के तहत प्राप्त है?
- भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (PSS Act)
- बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949
- भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934
- सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
Explanation: आरबीआई को भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (Payment and Settlement Systems Act, 2007) के तहत देश में सभी भुगतान प्रणालियों को विनियमित और पर्यवेक्षित करने की वैधानिक शक्ति प्राप्त है।
Q4. डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण दिशानिर्देशों को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए विनियमित संस्थाओं को कितना समय दिया गया है?
- 6 महीने
- 3 महीने
- 12 महीने
- 9 महीने
Explanation: आरबीआई ने सभी विनियमित संस्थाओं (बैंकों और एनबीएफसी) को इन नए सुरक्षा नियंत्रणों को अपने सिस्टम में पूरी तरह से लागू करने के लिए 6 महीने का समय दिया है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सी संस्था भारत में यूपीआई (UPI) प्लेटफॉर्म का संचालन करती है?
- भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI)
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
- वित्त मंत्रालय
- भारतीय बैंक संघ (IBA)
Explanation: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (National Payments Corporation of India - NPCI) भारत में यूपीआई (UPI), आईएमपीएस (IMPS) और रुपे (RuPay) जैसी खुदरा भुगतान प्रणालियों का संचालन करने वाली मूल संस्था है।
How to Prepare Economy & Finance for Government Exams — आरबीआई ने डिजिटल भुगतान सुरक्षा को मजबूत करने के…
Track current Repo Rate, Inflation rate, and GDP growth. These three numbers appear in almost every banking exam.
Keep a running note of new schemes with their ministry, launch date, and target beneficiary group.
Focus on the Economic Survey and Union Budget highlights — these single documents generate dozens of exam questions.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz