ब्रिक्स (BRICS) देशों ने 'साझा भुगतान प्रणाली' विकसित करने पर दी सहमति
ब्रिक्स देशों ने वैश्विक वित्तीय लेनदेन के लिए डॉलर पर निर्भरता कम करने हेतु एक साझा भुगतान प्रणाली बनाने का निर्णय लिया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ब्रिक्स देशों ने डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए 'साझा भुगतान प्रणाली' विकसित करने पर सहमति व्यक्त की है।
- इस नई प्रणाली को संभावित रूप से 'ब्रिक्स पे' (BRICS Pay) नाम दिया जा सकता है।
- इस पहल का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देना है।
- यह प्रणाली स्विफ्ट (SWIFT) जैसी पश्चिमी भुगतान प्रणालियों पर निर्भरता को कम करेगी।
- भारत ने इस परियोजना में अपनी 'यूपीआई' (Unified Payments Interface) तकनीक के अनुभव को साझा किया है।
- इस प्रणाली से सीमा पार लेनदेन सस्ता, तेज और अधिक कुशल होने की उम्मीद है।
- यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के 'डी-डलरीकरण' (De-dollarization) की प्रक्रिया को गति दे सकता है।
- यह पहल ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को मजबूत करेगी और उनकी आर्थिक संप्रभुता बढ़ाएगी।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
Key Facts to Remember: ब्रिक्स (BRICS) देशों ने 'साझा भुगतान प्रणाली' विकसित करने पर दी सहमति
- ब्रिक्स देशों ने डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए 'साझा भुगतान प्रणाली' विकसित करने पर सहमति व्यक्त की है।
- इस नई प्रणाली को संभावित रूप से 'ब्रिक्स पे' (BRICS Pay) नाम दिया जा सकता है।
- इस पहल का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देना है।
- यह प्रणाली स्विफ्ट (SWIFT) जैसी पश्चिमी भुगतान प्रणालियों पर निर्भरता को कम करेगी।
- भारत ने इस परियोजना में अपनी 'यूपीआई' (Unified Payments Interface) तकनीक के अनुभव को साझा किया है।
- इस प्रणाली से सीमा पार लेनदेन सस्ता, तेज और अधिक कुशल होने की उम्मीद है।
- यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के 'डी-डलरीकरण' (De-dollarization) की प्रक्रिया को गति दे सकता है।
- यह पहल ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को मजबूत करेगी और उनकी आर्थिक संप्रभुता बढ़ाएगी।
Practice Questions
Q1. हाल ही में ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में किस नई प्रणाली को विकसित करने पर सहमति बनी है?
- ब्रिक्स क्रेडिट कार्ड
- साझा भुगतान प्रणाली
- डिजिटल ब्रिक्स मुद्रा
- ब्रिक्स निवेश कोष
Explanation: ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में सदस्य देशों के बीच वित्तीय लेनदेन को सुगम बनाने के लिए एक 'साझा भुगतान प्रणाली' (Common Payment System) विकसित करने पर सहमति बनी है।
Q2. ब्रिक्स देशों द्वारा विकसित की जा रही साझा भुगतान प्रणाली का संभावित नाम क्या है?
- ग्लोबल पे
- ब्रिक्स ट्रांसफर
- ब्रिक्स पे
- यूनिपे
Explanation: इस नई साझा भुगतान प्रणाली को संभावित रूप से 'ब्रिक्स पे' (BRICS Pay) के नाम से जाना जा सकता है, जो ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
Q3. भारत ने ब्रिक्स की साझा भुगतान प्रणाली के विकास में किस भुगतान तकनीक के अनुभव को साझा किया है?
- आरटीजीएस (RTGS)
- एनईएफटी (NEFT)
- यूपीआई (UPI)
- आईएमपीएस (IMPS)
Explanation: भारत ने इस चर्चा में विशेष रूप से अपनी अत्यधिक सफल 'यूपीआई' (Unified Payments Interface) तकनीक के अनुभव और केस स्टडी को साझा किया, जिसने भारत में डिजिटल भुगतान क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Q4. ब्रिक्स देशों द्वारा साझा भुगतान प्रणाली विकसित करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता बढ़ाना
- स्विफ्ट (SWIFT) प्रणाली को मजबूत करना
- सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देना
- यूरोपीय संघ के साथ वित्तीय एकीकरण
Explanation: इस पहल का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देना और स्विफ्ट (SWIFT) जैसी पश्चिमी प्रणालियों पर निर्भरता कम करना है, जिससे डॉलर पर निर्भरता घटे।
Q5. यह नई ब्रिक्स भुगतान प्रणाली किस वैश्विक आर्थिक प्रक्रिया से संबंधित है?
- वैश्वीकरण (Globalization)
- डी-डलरीकरण (De-dollarization)
- पुनरुद्धार (Revivalism)
- आर्थिक उदारीकरण (Economic Liberalization)
Explanation: यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के 'डी-डलरीकरण' (De-dollarization) की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिसका अर्थ है अमेरिकी डॉलर पर वैश्विक निर्भरता को कम करना।
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