ब्रिक्स (BRICS) देशों के बीच नई साझा मुद्रा पर विचार-विमर्श तेज
ब्रिक्स देशों ने वैश्विक व्यापार में अमेरिकी डॉलर की निर्भरता कम करने के लिए एक नई साझा मुद्रा प्रणाली विकसित करने पर चर्चा की है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ब्रिक्स देशों ने वैश्विक व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए एक नई साझा व्यापार मुद्रा या भुगतान प्रणाली पर विचार-विमर्श तेज किया है।
- इस पहल का मुख्य उद्देश्य 'डी-डलराइजेशन' को बढ़ावा देना और सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को सुगम बनाना है।
- भारत ने ब्रिक्स साझा मुद्रा पर चर्चा के दौरान अपनी राष्ट्रीय मुद्रा 'रुपये' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की प्राथमिकता पर जोर दिया है।
- न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) और आकस्मिक आरक्षित व्यवस्था (CRA) ब्रिक्स द्वारा पहले उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं जो आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
- ब्रिक्स समूह का हाल ही में विस्तार हुआ है, जिसमें अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए हैं (1 जनवरी 2024 से प्रभावी)।
- एक साझा मुद्रा से ब्रिक्स देशों के बीच लेनदेन की लागत कम हो सकती है और पश्चिमी वित्तीय प्रणालियों पर निर्भरता घट सकती है।
- हालांकि, विभिन्न सदस्य देशों की अलग-अलग आर्थिक नीतियां और बाजार की स्थितियां एक साझा मुद्रा के कार्यान्वयन में चुनौतियां पेश कर सकती हैं।
- यह पहल वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में बहुध्रुवीयता को बढ़ावा दे सकती है और अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती दे सकती है।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | G20, IMF/World Bank decisions, and global trade events are tested in banking exams. |
Key Facts to Remember: ब्रिक्स (BRICS) देशों के बीच नई साझा मुद्रा पर विचार-विमर्श तेज
- ब्रिक्स देशों ने वैश्विक व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए एक नई साझा व्यापार मुद्रा या भुगतान प्रणाली पर विचार-विमर्श तेज किया है।
- इस पहल का मुख्य उद्देश्य 'डी-डलराइजेशन' को बढ़ावा देना और सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को सुगम बनाना है।
- भारत ने ब्रिक्स साझा मुद्रा पर चर्चा के दौरान अपनी राष्ट्रीय मुद्रा 'रुपये' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की प्राथमिकता पर जोर दिया है।
- न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) और आकस्मिक आरक्षित व्यवस्था (CRA) ब्रिक्स द्वारा पहले उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं जो आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
- ब्रिक्स समूह का हाल ही में विस्तार हुआ है, जिसमें अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए हैं (1 जनवरी 2024 से प्रभावी)।
- एक साझा मुद्रा से ब्रिक्स देशों के बीच लेनदेन की लागत कम हो सकती है और पश्चिमी वित्तीय प्रणालियों पर निर्भरता घट सकती है।
- हालांकि, विभिन्न सदस्य देशों की अलग-अलग आर्थिक नीतियां और बाजार की स्थितियां एक साझा मुद्रा के कार्यान्वयन में चुनौतियां पेश कर सकती हैं।
- यह पहल वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में बहुध्रुवीयता को बढ़ावा दे सकती है और अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती दे सकती है।
Practice Questions
Q1. ब्रिक्स देशों द्वारा हाल ही में किस प्रमुख आर्थिक पहल पर विचार-विमर्श तेज किया गया है?
- एक साझा ब्रिक्स स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना
- एक नई साझा व्यापार मुद्रा या भुगतान प्रणाली का विकास
- ब्रिक्स देशों के लिए एक सामान्य वीजा प्रणाली
- ब्रिक्स देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता
Explanation: बैठक में मुख्य रूप से एक नई साझा व्यापार मुद्रा या भुगतान प्रणाली विकसित करने पर चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य 'डी-डलराइजेशन' को बढ़ावा देना है।
Q2. ब्रिक्स देशों के बीच 'डी-डलराइजेशन' का क्या अर्थ है?
- सभी सदस्य देशों द्वारा अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को छोड़ना
- अमेरिकी डॉलर पर वैश्विक व्यापार और वित्तीय निर्भरता को कम करना
- केवल चीन की मुद्रा युआन का उपयोग बढ़ाना
- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की भूमिका को समाप्त करना
Explanation: 'डी-डलराइजेशन' का तात्पर्य वैश्विक व्यापार, निवेश और वित्तीय लेनदेन में अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को कम करने और अन्य मुद्राओं या भुगतान प्रणालियों के उपयोग को बढ़ाने की प्रक्रिया से है।
Q3. ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
- नई दिल्ली, भारत
- ब्रासीलिया, ब्राजील
- मॉस्को, रूस
- शंघाई, चीन
Explanation: न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना ब्रिक्स देशों द्वारा की गई थी और इसका मुख्यालय शंघाई, चीन में स्थित है।
Q4. ब्रिक्स समूह में 1 जनवरी 2024 से प्रभावी होने वाले विस्तार के बाद कौन से देश शामिल हुए हैं?
- मेक्सिको, तुर्की, इंडोनेशिया
- अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात
- वियतनाम, फिलीपींस, थाईलैंड
- नाइजीरिया, केन्या, घाना
Explanation: 1 जनवरी 2024 से प्रभावी ब्रिक्स के विस्तार में अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया है।
Q5. ब्रिक्स साझा मुद्रा पर चर्चा के दौरान, भारत ने किस राष्ट्रीय मुद्रा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की अपनी प्राथमिकता पर जोर दिया?
- भारतीय रुपया
- चीनी युआन
- रूसी रूबल
- दक्षिण अफ्रीकी रैंड
Explanation: भारत ने ब्रिक्स के भीतर एक साझा मुद्रा की अवधारणा पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकता अपनी राष्ट्रीय मुद्रा 'भारतीय रुपया' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत और स्वीकार्य बनाना है।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — ब्रिक्स (BRICS) देशों के बीच नई साझा मुद्रा पर वि…
Focus on India-centric news — India's bilateral visits, MoUs signed, and positions in international bodies. This is what domestic exams test.
For UPSC, understand geopolitical context: Why does India take a particular position? What is India's strategic interest?
Keep a running note of all G20, SCO, BRICS, and QUAD-related outcomes. These bodies generate 3–5 questions per major exam cycle.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz