संसद में 'डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक 2026' पारित
संसद ने नागरिकों के डिजिटल डेटा की सुरक्षा के लिए एक व्यापक डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक 2026 पारित किया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- 'डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक 2026' संसद में पारित, नागरिकों के डिजिटल डेटा की सुरक्षा को मजबूत करता है।
- यह विधेयक 2023 के पिछले अधिनियम का स्थान लेगा और AI द्वारा डेटा के उपयोग पर कड़े नियम लागू करेगा।
- डेटा उल्लंघन के लिए भारी जुर्माना: ₹500 करोड़ या वैश्विक वार्षिक कारोबार का 4%, जो भी अधिक हो।
- एक स्वतंत्र 'डेटा संरक्षण बोर्ड' स्थापित किया जाएगा जो शिकायतों का निवारण करेगा।
- व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए उपयोगकर्ता की स्पष्ट सहमति अनिवार्य की गई है।
- 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के संवेदनशील डेटा के लिए माता-पिता की सहमति आवश्यक होगी।
- डेटा उल्लंघनों की सूचना 72 घंटों के भीतर बोर्ड को देना अनिवार्य है।
- यह विधेयक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाएगा और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाएगा।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | RBI Act, banking legislation, and government policies are regularly tested. |
Key Facts to Remember: संसद में 'डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक 2026' पारित
- 'डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक 2026' संसद में पारित, नागरिकों के डिजिटल डेटा की सुरक्षा को मजबूत करता है।
- यह विधेयक 2023 के पिछले अधिनियम का स्थान लेगा और AI द्वारा डेटा के उपयोग पर कड़े नियम लागू करेगा।
- डेटा उल्लंघन के लिए भारी जुर्माना: ₹500 करोड़ या वैश्विक वार्षिक कारोबार का 4%, जो भी अधिक हो।
- एक स्वतंत्र 'डेटा संरक्षण बोर्ड' स्थापित किया जाएगा जो शिकायतों का निवारण करेगा।
- व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए उपयोगकर्ता की स्पष्ट सहमति अनिवार्य की गई है।
- 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के संवेदनशील डेटा के लिए माता-पिता की सहमति आवश्यक होगी।
- डेटा उल्लंघनों की सूचना 72 घंटों के भीतर बोर्ड को देना अनिवार्य है।
- यह विधेयक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाएगा और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाएगा।
Practice Questions
Q1. 'डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक <strong>2026</strong>' के तहत डेटा उल्लंघन के लिए अधिकतम कितना जुर्माना लगाया जा सकता है?
- ₹<strong>100</strong> करोड़ या वैश्विक वार्षिक कारोबार का <strong>2%</strong>
- ₹<strong>250</strong> करोड़ या वैश्विक वार्षिक कारोबार का <strong>3%</strong>
- ₹<strong>500</strong> करोड़ या वैश्विक वार्षिक कारोबार का <strong>4%</strong>, जो भी अधिक हो
- ₹<strong>1000</strong> करोड़ या वैश्विक वार्षिक कारोबार का <strong>5%</strong>, जो भी अधिक हो
Explanation: विधेयक में डेटा उल्लंघन के लिए अधिकतम ₹500 करोड़ या कंपनी के वैश्विक वार्षिक कारोबार का 4%, जो भी अधिक हो, जुर्माने का प्रावधान है। यह कड़ा दंड डेटा सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।
Q2. 'डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक <strong>2026</strong>' के तहत किस आयु वर्ग के बच्चों के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी?
- <strong>12</strong> वर्ष से कम
- <strong>15</strong> वर्ष से कम
- <strong>18</strong> वर्ष से कम
- <strong>21</strong> वर्ष से कम
Explanation: विधेयक के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा को संसाधित करने के लिए माता-पिता या अभिभावक की स्पष्ट सहमति प्राप्त करना अनिवार्य है। यह बच्चों के डेटा की सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है।
Q3. 'डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक <strong>2026</strong>' के तहत स्थापित नए निकाय का क्या नाम है?
- डिजिटल अधिकार प्राधिकरण
- डेटा संरक्षण बोर्ड
- साइबर सुरक्षा परिषद
- निजता अनुपालन एजेंसी
Explanation: इस विधेयक के तहत एक स्वतंत्र 'डेटा संरक्षण बोर्ड' की स्थापना की जाएगी। यह बोर्ड नागरिकों की डेटा गोपनीयता से संबंधित शिकायतों को सुनेगा और उनका निवारण करेगा।
Q4. 'डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक <strong>2026</strong>' किस पिछले अधिनियम का स्थान लेगा?
- सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, <strong>2000</strong>
- डिजिटल इंडिया अधिनियम, <strong>2018</strong>
- डेटा संरक्षण अधिनियम, <strong>2023</strong>
- साइबर सुरक्षा अधिनियम, <strong>2021</strong>
Explanation: यह नया विधेयक 2023 में पारित हुए डेटा संरक्षण अधिनियम का स्थान लेगा। इसका उद्देश्य मौजूदा कानूनों को अद्यतन करना और नई प्रौद्योगिकियों जैसे AI के संदर्भ में डेटा सुरक्षा को और मजबूत करना है।
Q5. विधेयक के अनुसार, डेटा उल्लंघनों की सूचना डेटा संरक्षण बोर्ड को कितने समय के भीतर देना अनिवार्य है?
- <strong>24</strong> घंटे
- <strong>48</strong> घंटे
- <strong>72</strong> घंटे
- <strong>96</strong> घंटे
Explanation: विधेयक में यह प्रावधान है कि किसी भी डेटा उल्लंघन की घटना की सूचना संबंधित संगठन द्वारा अधिकतम 72 घंटों के भीतर 'डेटा संरक्षण बोर्ड' को दी जानी चाहिए। यह त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए है।
How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams — संसद में 'डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विधेयक 2026' प…
Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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