धोलावीरा को यूनेस्को की नई संरक्षण परियोजना में शामिल किया गया
हड़प्पा कालीन शहर धोलावीरा को यूनेस्को द्वारा एक विशेष अंतरराष्ट्रीय संरक्षण और अनुसंधान परियोजना के लिए चुना गया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- धोलावीरा को यूनेस्को की प्राचीन जल प्रबंधन प्रणालियों पर केंद्रित नई संरक्षण परियोजना के लिए चुना गया है।
- धोलावीरा, गुजरात के कच्छ जिले में स्थित, सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख स्थल है।
- इसे 27 जुलाई 2021 को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था, जो भारत का 39वां स्थल था।
- यह स्थल अपनी उन्नत शहरी योजना, जल संचयन तकनीकों और पत्थर की वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
- इस परियोजना का उद्देश्य धोलावीरा की जल प्रबंधन तकनीकों का वैज्ञानिक अध्ययन और संरक्षण करना है।
- धोलावीरा का काल लगभग 2600-1900 ईसा पूर्व का है।
- इसकी खोज का श्रेय पुरातात्विक जे.पी. जोशी को जाता है (1967-68)।
- यह परियोजना धोलावीरा के पुरातात्विक महत्व को बढ़ाएगी और पर्यटन को बढ़ावा देगी।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 3–5 | Modern Indian history, freedom struggle, and cultural heritage appear in SSC CGL. |
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Ancient, medieval, and modern history form a full section in UPSC Prelims and GS-I Mains. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | Freedom fighters, historical events, and national anniversaries are very common in Railway GK. |
| State PCS / PSC | High | 5–10 | Regional history is specifically tested in state exams — Maratha history in Maharashtra, etc. |
Key Facts to Remember: धोलावीरा को यूनेस्को की नई संरक्षण परियोजना में शामिल किया गया
- धोलावीरा को यूनेस्को की प्राचीन जल प्रबंधन प्रणालियों पर केंद्रित नई संरक्षण परियोजना के लिए चुना गया है।
- धोलावीरा, गुजरात के कच्छ जिले में स्थित, सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख स्थल है।
- इसे 27 जुलाई 2021 को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था, जो भारत का 39वां स्थल था।
- यह स्थल अपनी उन्नत शहरी योजना, जल संचयन तकनीकों और पत्थर की वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
- इस परियोजना का उद्देश्य धोलावीरा की जल प्रबंधन तकनीकों का वैज्ञानिक अध्ययन और संरक्षण करना है।
- धोलावीरा का काल लगभग 2600-1900 ईसा पूर्व का है।
- इसकी खोज का श्रेय पुरातात्विक जे.पी. जोशी को जाता है (1967-68)।
- यह परियोजना धोलावीरा के पुरातात्विक महत्व को बढ़ाएगी और पर्यटन को बढ़ावा देगी।
Practice Questions
Q1. धोलावीरा को यूनेस्को की किस विशेष परियोजना के लिए चुना गया है?
- प्राचीन कलाकृतियों का संरक्षण
- प्राचीन जल प्रबंधन प्रणालियों का अध्ययन और संरक्षण
- हड़प्पाकालीन लेखन का अध्ययन
- सिंधु घाटी सभ्यता के शहरी नियोजन का अध्ययन
Explanation: धोलावीरा को यूनेस्को की एक नई अंतरराष्ट्रीय परियोजना के लिए चुना गया है, जो विशेष रूप से प्राचीन जल प्रबंधन प्रणालियों के अध्ययन और संरक्षण पर केंद्रित है। यह धोलावीरा की अनूठी जल संचयन तकनीकों को उजागर करेगा।
Q2. धोलावीरा, गुजरात के किस जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है?
- अहमदाबाद
- सूरत
- कच्छ
- वडोदरा
Explanation: धोलावीरा गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित है। यह कच्छ के रण के मध्य में स्थित एक विशाल पुरातात्विक स्थल है।
Q3. धोलावीरा को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में किस वर्ष शामिल किया गया था?
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
Explanation: धोलावीरा को 27 जुलाई 2021 को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। यह भारत का 39वां विश्व धरोहर स्थल बना।
Q4. धोलावीरा की जल प्रबंधन प्रणाली की मुख्य विशेषता क्या है?
- भूमिगत नालियों का विशाल नेटवर्क
- वर्षा जल को इकट्ठा करने के लिए बड़े जलाशय, नहरें और बांध
- कुओं का अत्यधिक उपयोग
- नदियों के किनारे बसावट
Explanation: धोलावीरा अपनी अनूठी और उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली के लिए जाना जाता है, जिसमें वर्षा जल को कुशलतापूर्वक इकट्ठा करने और संग्रहीत करने के लिए बड़े जलाशय, नहरें और बांधों का एक जटिल नेटवर्क शामिल है।
Q5. धोलावीरा स्थल की खोज का श्रेय किस पुरातात्विक को दिया जाता है?
- आर.डी. बनर्जी
- दयाराम साहनी
- जे.पी. जोशी
- एस.आर. राव
Explanation: धोलावीरा स्थल की खोज का श्रेय भारतीय पुरातत्वविद् जे.पी. जोशी को दिया जाता है, जिन्होंने 1967-68 में इस स्थल का उत्खनन किया था।
How to Prepare History & Culture for Government Exams — धोलावीरा को यूनेस्को की नई संरक्षण परियोजना में श…
When a historical figure is in the news, revise 5 key facts about their contribution — this is typically what the exam asks.
For SSC and Railway, focus on dates and names. For UPSC, understand the social, economic, and political context.
Maintain a 'This Week in History' note — anniversaries and commemorations generate predictable exam questions.
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