डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026 पारित
संसद ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम में संशोधन करने के लिए एक नया विधेयक पारित किया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- संसद ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया, जो 2023 के अधिनियम में संशोधन करता है।
- विधेयक का मुख्य उद्देश्य डेटा सुरक्षा को मजबूत करना और डेटा उल्लंघनों के लिए दंड को सख्त करना है।
- बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय पेश किए गए हैं।
- सीमा पार डेटा हस्तांतरण के लिए नई श्रेणियों और स्पष्ट दिशानिर्देशों को शामिल किया गया है।
- डेटा फिडुशरीज़ के लिए अनुपालन की समय-सीमा को कम कर दिया गया है।
- डेटा उल्लंघनों के लिए अधिकतम 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- यह कानून भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | RBI Act, banking legislation, and government policies are regularly tested. |
Key Facts to Remember: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026 पारित
- संसद ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया, जो 2023 के अधिनियम में संशोधन करता है।
- विधेयक का मुख्य उद्देश्य डेटा सुरक्षा को मजबूत करना और डेटा उल्लंघनों के लिए दंड को सख्त करना है।
- बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय पेश किए गए हैं।
- सीमा पार डेटा हस्तांतरण के लिए नई श्रेणियों और स्पष्ट दिशानिर्देशों को शामिल किया गया है।
- डेटा फिडुशरीज़ के लिए अनुपालन की समय-सीमा को कम कर दिया गया है।
- डेटा उल्लंघनों के लिए अधिकतम 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- यह कानून भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
Practice Questions
Q1. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 किस अधिनियम में संशोधन करता है?
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023
- सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
- भारतीय दंड संहिता, 1860
- डिजिटल इंडिया अधिनियम, 2015
Explanation: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 में संशोधन करना है। यह मूल अधिनियम की कमियों को दूर करने और डेटा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए लाया गया है।
Q2. संशोधित विधेयक के अनुसार, डेटा उल्लंघनों के लिए अधिकतम कितना जुर्माना लगाया जा सकता है?
- 50 करोड़ रुपये
- 150 करोड़ रुपये
- 250 करोड़ रुपये
- 500 करोड़ रुपये
Explanation: नए संशोधनों के तहत, डेटा उल्लंघनों के लिए अधिकतम 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह 2023 के मूल अधिनियम में निर्धारित 150 करोड़ रुपये से एक महत्वपूर्ण वृद्धि है, जो जवाबदेही को बढ़ाता है।
Q3. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 में किसके डेटा की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय पेश किए गए हैं?
- वरिष्ठ नागरिकों
- बच्चों
- महिलाओं
- दिव्यांगजनों
Explanation: विधेयक में विशेष रूप से बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को शामिल किया गया है। यह उनकी भेद्यता को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम है और उनकी गोपनीयता की रक्षा करता है।
Q4. यह विधेयक सीमा पार डेटा हस्तांतरण के संबंध में क्या प्रावधान करता है?
- सभी देशों के साथ डेटा हस्तांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध।
- केवल सरकार द्वारा अनुमोदित देशों के साथ डेटा हस्तांतरण की अनुमति।
- डेटा हस्तांतरण पर कोई नियम नहीं।
- केवल यूरोपीय संघ के देशों के साथ डेटा हस्तांतरण की अनुमति।
Explanation: विधेयक में सीमा पार डेटा हस्तांतरण के लिए नई श्रेणियों और स्पष्ट दिशानिर्देशों को शामिल किया गया है। इसमें यह भी प्रावधान है कि भारत सरकार उन देशों की सूची अधिसूचित करेगी जिनके साथ डेटा साझा किया जा सकता है, और कुछ देशों को प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
Q5. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 का एक प्रमुख उद्देश्य क्या है?
- डिजिटल सेवाओं पर कर बढ़ाना।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बंद करना।
- डेटा फिडुशरीज़ के लिए अनुपालन की समय-सीमा को कम करना।
- इंटरनेट की गति को धीमा करना।
Explanation: इस संशोधन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य डेटा फिडुशरीज़ (Data Fiduciaries) के लिए अनुपालन की समय-सीमा को कम करना है। इसका मतलब है कि उन्हें नए डेटा सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन जल्द से जल्द करना होगा, जिससे समग्र डेटा सुरक्षा में सुधार होगा।
How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams — डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 202…
Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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