डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026
संसद ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है, जिससे डेटा उल्लंघन पर दंड सख्त हो गया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- 8 मई 2026 को संसद ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया।
- यह विधेयक डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 में महत्वपूर्ण संशोधन करता है।
- डेटा उल्लंघनों के लिए कंपनियों पर जुर्माने की सीमा बढ़ाकर अधिकतम 250 करोड़ रुपये कर दी गई है।
- बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए विशेष सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए गए हैं।
- 'डेटा फिडुशरी' की परिभाषा और जिम्मेदारियों को और अधिक स्पष्ट किया गया है।
- यह संशोधन भारत को वैश्विक डेटा सुरक्षा मानकों, जैसे GDPR, के अनुरूप बनाने का प्रयास करता है।
- इसका उद्देश्य भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास बढ़ाना और नागरिकों को उनके डेटा पर अधिक नियंत्रण देना है।
- गंभीर उल्लंघनों के लिए 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- बच्चों के डेटा नियमों के उल्लंघन पर 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | RBI Act, banking legislation, and government policies are regularly tested. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
Key Facts to Remember: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026
- 8 मई 2026 को संसद ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया।
- यह विधेयक डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 में महत्वपूर्ण संशोधन करता है।
- डेटा उल्लंघनों के लिए कंपनियों पर जुर्माने की सीमा बढ़ाकर अधिकतम 250 करोड़ रुपये कर दी गई है।
- बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए विशेष सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए गए हैं।
- 'डेटा फिडुशरी' की परिभाषा और जिम्मेदारियों को और अधिक स्पष्ट किया गया है।
- यह संशोधन भारत को वैश्विक डेटा सुरक्षा मानकों, जैसे GDPR, के अनुरूप बनाने का प्रयास करता है।
- इसका उद्देश्य भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास बढ़ाना और नागरिकों को उनके डेटा पर अधिक नियंत्रण देना है।
- गंभीर उल्लंघनों के लिए 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- बच्चों के डेटा नियमों के उल्लंघन पर 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
Practice Questions
Q1. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 किस अधिनियम में संशोधन करता है?
- डिजिटल इंडिया अधिनियम, 2015
- सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023
- भारतीय डिजिटल अधिकार अधिनियम, 2024
Explanation: यह संशोधन विधेयक मूल डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 में महत्वपूर्ण बदलाव करता है। इसका उद्देश्य डेटा सुरक्षा को और मजबूत करना है।
Q2. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुसार, डेटा उल्लंघनों के लिए कंपनियों पर अधिकतम कितना जुर्माना लगाया जा सकता है?
- 50 करोड़ रुपये
- 100 करोड़ रुपये
- 150 करोड़ रुपये
- 250 करोड़ रुपये
Explanation: नए संशोधन के तहत, डेटा उल्लंघनों के गंभीर मामलों में कंपनियों पर लगाए जाने वाले जुर्माने की सीमा को काफी बढ़ा दिया गया है, जो अधिकतम 250 करोड़ रुपये तक जा सकती है।
Q3. संशोधित विधेयक में किसके डेटा के प्रसंस्करण के लिए विशेष सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किया गया है?
- वरिष्ठ नागरिकों
- दिव्यांग व्यक्तियों
- बच्चों
- छात्रों
Explanation: विधेयक में बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के संबंध में विशेष और कड़े सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किया गया है, जिसमें माता-पिता की सहमति और डेटा के न्यूनतम संग्रह पर जोर दिया गया है।
Q4. 'डेटा फिडुशरी' (Data Fiduciary) शब्द का संबंध किस विधेयक से है?
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026
- साइबर सुरक्षा अधिनियम, 2024
- ई-कॉमर्स नियम, 2020
- सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश) नियम, 2011
Explanation: 'डेटा फिडुशरी' वह संस्था है जो व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के उद्देश्य और साधनों को निर्धारित करती है। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 इस शब्द की परिभाषा और जिम्मेदारियों को और स्पष्ट करता है।
Q5. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 का एक प्रमुख उद्देश्य क्या है?
- डिजिटल सेवाओं पर कर बढ़ाना
- इंटरनेट की गति को नियंत्रित करना
- भारत को वैश्विक डेटा सुरक्षा मानकों के करीब लाना
- सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना
Explanation: यह संशोधन विधेयक भारत को यूरोपीय संघ के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (GDPR) जैसे वैश्विक डेटा सुरक्षा मानकों के साथ संरेखित करने का प्रयास करता है, जिससे देश के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास बढ़े।
How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams — डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026
Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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