डीआरडीओ ने लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी रूप से विकसित लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है। इस परीक्षण में मिसाइल ने मैक 7 की गति प्राप्त की और अपनी 1500 किलोमीटर से अधिक की रेंज क्षमता का प्रदर्शन किया, जिससे भारत वैश्विक हाइपरसोनिक क्लब में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि भारत की रक्षा क्षमताओं और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत स्वदेशीकरण प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- DRDO ने ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
- यह मिसाइल ध्वनि की गति से सात गुना अधिक (मैक 7) की गति से उड़ान भरने में सक्षम है।
- मिसाइल की अनुमानित रेंज 1500 किलोमीटर से अधिक है, जो इसे रणनीतिक लक्ष्यों के लिए उपयुक्त बनाती है।
- परीक्षण की सफलता के साथ, भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जिनके पास हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी है।
- इस मिसाइल में उन्नत स्क्रैमजेट इंजन और परिष्कृत मार्गदर्शन प्रणाली का उपयोग किया गया है।
- यह स्वदेशी विकास भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
- हाइपरसोनिक मिसाइलें अपनी अत्यधिक गति और युद्धाभ्यास क्षमता के कारण मौजूदा मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए लगभग अजेय हैं।
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि को भारतीय रक्षा क्षमताओं के लिए 'गेम चेंजर' बताया है।
Why In News
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने हाल ही में स्वदेशी रूप से विकसित लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का ओडिशा तट पर सफल उड़ान परीक्षण किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि ने भारत को हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में ला खड़ा किया है, जिससे देश की रक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह परीक्षण भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता और प्रगति को दर्शाता है, विशेष रूप से मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में। छात्रों को हाइपरसोनिक तकनीक के सिद्धांतों, इसके सामरिक महत्व और वैश्विक रक्षा परिदृश्य पर इसके प्रभाव को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| परीक्षण स्थल | डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा | भारत की पूर्वी तट पर रणनीतिक परीक्षण सुविधाओं का महत्व। |
| मिसाइल प्रकार | लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल | हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी का सामरिक महत्व और प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव। |
| गति | मैक 7 (ध्वनि की गति से 7 गुना अधिक) | हाइपरसोनिक गति की चुनौतियाँ और मिसाइल रक्षा प्रणालियों पर इसका प्रभाव। |
| विकास एजेंसी | रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) | DRDO की भूमिका, 'आत्मनिर्भर भारत' और स्वदेशी रक्षा उत्पादन। |
| वैश्विक स्थिति | भारत हाइपरसोनिक क्लब में शामिल हुआ | वैश्विक हाइपरसोनिक हथियारों की दौड़ और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Army, Navy, and Air Force current events are regularly tested in Railway GK. |
Key Facts to Remember: डीआरडीओ ने लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया
- DRDO ने ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
- यह मिसाइल ध्वनि की गति से सात गुना अधिक (मैक 7) की गति से उड़ान भरने में सक्षम है।
- मिसाइल की अनुमानित रेंज 1500 किलोमीटर से अधिक है, जो इसे रणनीतिक लक्ष्यों के लिए उपयुक्त बनाती है।
- परीक्षण की सफलता के साथ, भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जिनके पास हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी है।
- इस मिसाइल में उन्नत स्क्रैमजेट इंजन और परिष्कृत मार्गदर्शन प्रणाली का उपयोग किया गया है।
- यह स्वदेशी विकास भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
- हाइपरसोनिक मिसाइलें अपनी अत्यधिक गति और युद्धाभ्यास क्षमता के कारण मौजूदा मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए लगभग अजेय हैं।
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि को भारतीय रक्षा क्षमताओं के लिए 'गेम चेंजर' बताया है।
Practice Questions
Q1. डीआरडीओ द्वारा हाल ही में परीक्षण की गई लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण स्थल कहाँ था?
- चांदीपुर, ओडिशा
- श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश
- डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा
- पोखरण, राजस्थान
Explanation: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने अपनी लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया। यह द्वीप भारत के मिसाइल परीक्षणों के लिए एक प्रमुख सुविधा केंद्र है।
Q2. हाइपरसोनिक मिसाइल की गति आमतौर पर ध्वनि की गति से कितने गुना अधिक होती है?
- दो गुना (Mach 2)
- तीन गुना (Mach 3)
- चार गुना (Mach 4)
- पांच गुना या उससे अधिक (Mach 5+)
Explanation: हाइपरसोनिक मिसाइलें वे होती हैं जो ध्वनि की गति से पांच गुना (Mach 5) या उससे अधिक गति से यात्रा करती हैं। इस गति पर वे वायुमंडल में उड़ती हैं और अत्यधिक युद्धाभ्यास करने में सक्षम होती हैं, जिससे उन्हें ट्रैक करना और रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है।
Q3. हाल ही में परीक्षण की गई हाइपरसोनिक मिसाइल के विकास में किस प्रकार के इंजन का उपयोग किया गया है?
- टर्बोजेट इंजन
- रैमजेट इंजन
- स्क्रैमजेट इंजन
- टर्बोफैन इंजन
Explanation: इस हाइपरसोनिक मिसाइल के विकास में उन्नत स्क्रैमजेट इंजन (Scramjet Engine) का उपयोग किया गया है। स्क्रैमजेट इंजन हाइपरसोनिक गति पर वायुमंडलीय ऑक्सीजन का उपयोग करके प्रणोदन उत्पन्न करता है, जिससे यह पारंपरिक रॉकेट इंजनों की तुलना में अधिक कुशल और हल्का होता है।
Q4. हाइपरसोनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के संदर्भ में, 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का क्या महत्व है?
- यह केवल विदेशी रक्षा उपकरणों के आयात को बढ़ावा देता है।
- यह रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी अनुसंधान, विकास और उत्पादन को प्रोत्साहित करता है।
- इसका उद्देश्य भारत को हाइपरसोनिक मिसाइलों का सबसे बड़ा निर्यातक बनाना है।
- यह केवल मिसाइल रक्षा प्रणालियों के विकास पर केंद्रित है।
Explanation: 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। हाइपरसोनिक मिसाइल का स्वदेशी विकास इस पहल के अनुरूप है, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करता है और विदेशी निर्भरता को कम करता है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा देश हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी विकसित करने वाले चुनिंदा देशों के समूह में शामिल नहीं है?
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- रूस
- चीन
- जर्मनी
Explanation: संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी विकसित करने वाले प्रमुख देश हैं और उन्होंने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारत भी अब इस विशिष्ट क्लब में शामिल हो गया है। जर्मनी ने अभी तक हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी के विकास में ऐसी कोई बड़ी सार्वजनिक घोषणा या तैनाती नहीं की है।
How to Prepare Defence for Government Exams — डीआरडीओ ने लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल…
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