'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल का शुभारंभ
पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण शासन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल लॉन्च किया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ग्रामीण शासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए लॉन्च किया गया है।
- यह पोर्टल वास्तविक समय में परियोजनाओं की निगरानी के लिए AI-आधारित उपकरणों से सुसज्जित है।
- इसमें एक नया 'नागरिक फीडबैक' मॉड्यूल शामिल है, जो नागरिकों को सीधे शिकायतें और सुझाव दर्ज करने की सुविधा देता है।
- यह पोर्टल ग्राम पंचायतों को उनकी विकास योजनाओं, बजट और व्यय का विवरण सार्वजनिक करने में सक्षम बनाता है।
- 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' भारत सरकार की 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' नीति के अनुरूप है।
- यह पोर्टल 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा स्थापित पंचायती राज संस्थाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
- पोर्टल का उद्देश्य ग्रामीण विकास की गति को तेज करना और स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है।
- यह 2020 में लॉन्च किए गए 'ई-ग्राम स्वराज' पोर्टल का उन्नत संस्करण है।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
Key Facts to Remember: 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल का शुभारंभ
- 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ग्रामीण शासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए लॉन्च किया गया है।
- यह पोर्टल वास्तविक समय में परियोजनाओं की निगरानी के लिए AI-आधारित उपकरणों से सुसज्जित है।
- इसमें एक नया 'नागरिक फीडबैक' मॉड्यूल शामिल है, जो नागरिकों को सीधे शिकायतें और सुझाव दर्ज करने की सुविधा देता है।
- यह पोर्टल ग्राम पंचायतों को उनकी विकास योजनाओं, बजट और व्यय का विवरण सार्वजनिक करने में सक्षम बनाता है।
- 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' भारत सरकार की 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' नीति के अनुरूप है।
- यह पोर्टल 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा स्थापित पंचायती राज संस्थाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
- पोर्टल का उद्देश्य ग्रामीण विकास की गति को तेज करना और स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है।
- यह 2020 में लॉन्च किए गए 'ई-ग्राम स्वराज' पोर्टल का उन्नत संस्करण है।
Practice Questions
Q1. 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल का शुभारंभ किस केंद्रीय मंत्रालय द्वारा किया गया है?
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
- वित्त मंत्रालय
- पंचायती राज मंत्रालय
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
Explanation: यह पोर्टल पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ग्रामीण शासन को डिजिटल बनाने और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया है।
Q2. 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल में कौन सी नई तकनीक को शामिल किया गया है जो परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी में मदद करती है?
- ब्लॉकचेन
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- क्वांटम कंप्यूटिंग
- बिग डेटा एनालिटिक्स
Explanation: पोर्टल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उपकरणों को एकीकृत किया गया है, जो परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी को सक्षम बनाते हैं, जिससे दक्षता और पारदर्शिता बढ़ती है।
Q3. 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल में जोड़ा गया 'नागरिक फीडबैक' मॉड्यूल का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करना
- ग्रामीणों को सीधे अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज करने की सुविधा देना
- रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त करना
- सरकारी कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना
Explanation: यह मॉड्यूल नागरिकों को सीधे अपनी प्रतिक्रिया, शिकायतें और सुझाव दर्ज करने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिससे शासन प्रक्रिया अधिक समावेशी और जवाबदेह बनती है।
Q4. भारत सरकार की किस नीति के अनुरूप 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल को लॉन्च किया गया है?
- डिजिटल इंडिया
- मेक इन इंडिया
- स्किल इंडिया
- न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन
Explanation: यह पोर्टल 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' की नीति के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और कुशल बनाना है, विशेष रूप से ग्रामीण स्तर पर।
Q5. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 का पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के संबंध में क्या महत्व है?
- इसने शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया।
- इसने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया और उन्हें अधिक शक्तियाँ दीं।
- इसने पंचायती राज के लिए वित्तीय सहायता की रूपरेखा तैयार की।
- इसने ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरू किया।
Explanation: 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने भारत में पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता दी, जिससे वे स्थानीय स्वशासन की एक महत्वपूर्ण इकाई बन गईं और उन्हें अधिक अधिकार व जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
How to Prepare Government Schemes for Government Exams — 'ई-ग्राम स्वराज 2.0' पोर्टल का शुभारंभ
Create a scheme log: Name | Ministry | Target | Key Feature. Add every new scheme as it appears. Review this weekly.
Focus on 'Flagship' schemes: PM-KISAN, PMAY, Ayushman Bharat, PM SVANidhi. These generate the most questions.
For UPSC, understand the policy objective behind the scheme — income support, housing, health insurance. The 'why' matters more than the name.
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