चुनाव आयोग ने 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' जारी की
भारतीय चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया और एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए नई 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' लागू की है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- चुनाव आयोग ने डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने हेतु 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' जारी की है।
- सभी डिजिटल विज्ञापनों के लिए पूर्व-प्रमाणन को अनिवार्य बनाया गया है।
- सोशल मीडिया कंपनियों को आपत्तिजनक सामग्री 3 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया है।
- डीपफेक और AI-जनित भ्रामक सामग्री के प्रसार को नियंत्रित करने पर विशेष जोर है।
- यह संहिता राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और चुनाव प्रचार से जुड़े सभी पक्षों पर लागू होगी।
- आयोग ने उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- यह कदम भारत में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
- डिजिटल युग में नैतिक चुनावी आचरण को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक सक्रिय पहल है।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
| State PCS / PSC | High | 5–10 | State PCS papers test both central and state government structures. |
Key Facts to Remember: चुनाव आयोग ने 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' जारी की
- चुनाव आयोग ने डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने हेतु 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' जारी की है।
- सभी डिजिटल विज्ञापनों के लिए पूर्व-प्रमाणन को अनिवार्य बनाया गया है।
- सोशल मीडिया कंपनियों को आपत्तिजनक सामग्री 3 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया है।
- डीपफेक और AI-जनित भ्रामक सामग्री के प्रसार को नियंत्रित करने पर विशेष जोर है।
- यह संहिता राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और चुनाव प्रचार से जुड़े सभी पक्षों पर लागू होगी।
- आयोग ने उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- यह कदम भारत में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
- डिजिटल युग में नैतिक चुनावी आचरण को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक सक्रिय पहल है।
Practice Questions
Q1. भारतीय चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में जारी 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों को पूरी तरह प्रतिबंधित करना
- चुनावों के दौरान डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग को रोकना और निष्पक्षता सुनिश्चित करना
- सभी डिजिटल विज्ञापनों के लिए सरकारी सब्सिडी प्रदान करना
- मतदाताओं को केवल सरकारी वेबसाइटों से जानकारी प्राप्त करने के लिए बाध्य करना
Explanation: नई 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' का प्राथमिक लक्ष्य चुनावों के दौरान सोशल मीडिया, AI और डीपफेक जैसी तकनीकों के दुरुपयोग को रोकना है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और अखंडता को बनाए रखना है।
Q2. चुनाव आयोग की नई डिजिटल आचार संहिता के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक सामग्री को शिकायत प्राप्त होने के कितने समय के भीतर हटाना होगा?
- 1 घंटा
- 3 घंटे
- 6 घंटे
- 12 घंटे
Explanation: नई नियमावली के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री की शिकायत प्राप्त होने के 3 घंटे के भीतर उसकी जांच करनी होगी और यदि आवश्यक हो तो उसे हटाना होगा। यह त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने में मदद करेगा।
Q3. डिजिटल चुनाव आचार संहिता के तहत, राजनीतिक प्रचार के लिए किस प्रकार के विज्ञापनों के लिए पूर्व-प्रमाणन अनिवार्य किया गया है?
- केवल टेलीविजन विज्ञापन
- केवल प्रिंट मीडिया विज्ञापन
- सभी डिजिटल विज्ञापन
- केवल बड़े बजट वाले विज्ञापन
Explanation: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस नई डिजिटल आचार संहिता के तहत, सभी प्रकार के डिजिटल विज्ञापनों, चाहे वे सोशल मीडिया पर हों या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर, के लिए पूर्व-प्रमाणन (pre-certification) अनिवार्य होगा।
Q4. चुनाव आयोग की 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' का एक प्रमुख फोकस निम्नलिखित में से किस पर है?
- ईवीएम मशीनों की सुरक्षा
- मतदान केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन
- डीपफेक वीडियो और AI-जनित भ्रामक सामग्री का प्रसार
- चुनावों के दौरान भौतिक रैलियों का आयोजन
Explanation: यह संहिता विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक जैसी नई तकनीकों के माध्यम से उत्पन्न होने वाले खतरों को संबोधित करती है। इसका उद्देश्य ऐसे भ्रामक वीडियो और ऑडियो के प्रसार को रोकना है जो मतदाताओं को गुमराह कर सकते हैं।
Q5. यदि कोई राजनीतिक दल या उम्मीदवार 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' का उल्लंघन करता है, तो चुनाव आयोग द्वारा क्या कार्रवाई की जा सकती है?
- केवल चेतावनी जारी की जाएगी
- संबंधित दल या उम्मीदवार को तत्काल अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा
- कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत हो सकती है
- डिजिटल प्रचार पर अस्थायी रोक लगाई जा सकती है
Explanation: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस डिजिटल आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 जैसे प्रासंगिक कानूनों के तहत हो सकती है, जिसमें जुर्माना या अन्य कानूनी दंड शामिल हो सकते हैं।
How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams — चुनाव आयोग ने 'डिजिटल चुनाव आचार संहिता' जारी की
Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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