चुनाव आयोग का 'डिजिटल वोटर आईडी' अनिवार्य करने का प्रस्ताव
भारत निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल वोटर आईडी (e-EPIC) को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव दिया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने डिजिटल वोटर आईडी (e-EPIC) को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।
- ई-ईपिक को स्मार्टफोन पर डाउनलोड किया जा सकता है और डिजिलॉकर में सुरक्षित रखा जा सकता है।
- इस कदम का मुख्य उद्देश्य फर्जी मतदान रोकना और मतदाताओं के लिए पहचान पत्र प्राप्त करना आसान बनाना है।
- ई-ईपिक की शुरुआत 25 जनवरी 2021 को 11वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर की गई थी।
- यह पहल 'डिजिटल इंडिया' अभियान के अनुरूप है और चुनावी प्रक्रिया को आधुनिक बनाने का प्रयास है।
- ई-ईपिक में क्यूआर (QR) कोड जैसी सुरक्षा सुविधाएँ शामिल हैं।
- वर्तमान में ई-ईपिक एक वैकल्पिक सुविधा है, लेकिन आयोग इसे मुख्य पहचान दस्तावेज बनाना चाहता है।
- यह प्रस्ताव चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाएगा।
- ई-ईपिक के सफल कार्यान्वयन के लिए डिजिटल पहुंच और साक्षरता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
| State PCS / PSC | High | 5–10 | State PCS papers test both central and state government structures. |
Key Facts to Remember: चुनाव आयोग का 'डिजिटल वोटर आईडी' अनिवार्य करने का प्रस्ताव
- भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने डिजिटल वोटर आईडी (e-EPIC) को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।
- ई-ईपिक को स्मार्टफोन पर डाउनलोड किया जा सकता है और डिजिलॉकर में सुरक्षित रखा जा सकता है।
- इस कदम का मुख्य उद्देश्य फर्जी मतदान रोकना और मतदाताओं के लिए पहचान पत्र प्राप्त करना आसान बनाना है।
- ई-ईपिक की शुरुआत 25 जनवरी 2021 को 11वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर की गई थी।
- यह पहल 'डिजिटल इंडिया' अभियान के अनुरूप है और चुनावी प्रक्रिया को आधुनिक बनाने का प्रयास है।
- ई-ईपिक में क्यूआर (QR) कोड जैसी सुरक्षा सुविधाएँ शामिल हैं।
- वर्तमान में ई-ईपिक एक वैकल्पिक सुविधा है, लेकिन आयोग इसे मुख्य पहचान दस्तावेज बनाना चाहता है।
- यह प्रस्ताव चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाएगा।
- ई-ईपिक के सफल कार्यान्वयन के लिए डिजिटल पहुंच और साक्षरता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा।
Practice Questions
Q1. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने हाल ही में किस डिजिटल पहचान पत्र को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है?
- डिजिटल आधार कार्ड
- डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस
- डिजिटल वोटर आईडी (e-EPIC)
- डिजिटल पैन कार्ड
Explanation: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनावी प्रक्रिया को आधुनिक बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से डिजिटल वोटर आईडी कार्ड (e-EPIC) को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव दिया है।
Q2. ई-ईपिक (e-EPIC) को मतदाताओं द्वारा कहाँ सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जा सकता है?
- केवल भौतिक वॉलेट में
- बैंक लॉकर में
- स्मार्टफोन पर और डिजिलॉकर में
- किसी भी USB ड्राइव में
Explanation: ई-ईपिक को सीधे स्मार्टफोन पर डाउनलोड किया जा सकता है और इसे भारत सरकार की डिजिलॉकर सेवा में भी सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जा सकता है, जिससे यह आसानी से सुलभ हो जाता है।
Q3. ई-ईपिक (e-EPIC) की शुरुआत भारत में किस वर्ष की गई थी?
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
Explanation: ई-ईपिक (इलेक्ट्रॉनिक इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड) की शुरुआत 25 जनवरी 2021 को 11वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की गई थी।
Q4. ई-ईपिक को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव का एक मुख्य उद्देश्य क्या है?
- मतदाताओं की संख्या बढ़ाना
- फर्जी मतदान को रोकना
- चुनावों को अधिक महंगा बनाना
- भौतिक मतदाता सूची का उपयोग बढ़ाना
Explanation: ई-ईपिक को अनिवार्य बनाने का एक प्रमुख उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें फर्जी मतदान जैसी धोखाधड़ी को प्रभावी ढंग से रोकना शामिल है।
Q5. ई-ईपिक (e-EPIC) की शुरुआत किस राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर की गई थी?
- राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस
- राष्ट्रीय मतदाता दिवस
- राष्ट्रीय एकता दिवस
- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस
Explanation: ई-ईपिक की शुरुआत 25 जनवरी 2021 को 11वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर की गई थी, जो मतदाताओं के महत्व और चुनावी प्रक्रिया में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है।
How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams — चुनाव आयोग का 'डिजिटल वोटर आईडी' अनिवार्य करने का…
Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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