प्रख्यात परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर का निधन
भारत के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल काकोडकर का निधन हो गया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- प्रख्यात परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।
- वे भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) के पूर्व अध्यक्ष और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के पूर्व निदेशक थे।
- डॉ. काकोडकर को भारत के 'थोरियम-आधारित' परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का जनक माना जाता है।
- उन्होंने भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्हें भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के लिए जाना जाता है।
- उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
- डॉ. काकोडकर ने पोखरण-I और पोखरण-II परमाणु परीक्षणों में भी योगदान दिया था।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Space missions, defence acquisitions, and health research appear regularly. |
Key Facts to Remember: प्रख्यात परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर का निधन
- प्रख्यात परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।
- वे भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) के पूर्व अध्यक्ष और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के पूर्व निदेशक थे।
- डॉ. काकोडकर को भारत के 'थोरियम-आधारित' परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का जनक माना जाता है।
- उन्होंने भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्हें भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के लिए जाना जाता है।
- उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
- डॉ. काकोडकर ने पोखरण-I और पोखरण-II परमाणु परीक्षणों में भी योगदान दिया था।
Practice Questions
Q1. डॉ. अनिल काकोडकर को मुख्य रूप से किस भारतीय परमाणु कार्यक्रम का जनक माना जाता है?
- यूरेनियम-आधारित कार्यक्रम
- थोरियम-आधारित कार्यक्रम
- प्लूटोनियम-आधारित कार्यक्रम
- हाइड्रोजन-आधारित कार्यक्रम
Explanation: डॉ. अनिल काकोडकर को भारत के महत्वाकांक्षी 'थोरियम-आधारित' परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का नेतृत्व करने और उसे विकसित करने में उनकी अग्रणी भूमिका के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।
Q2. डॉ. अनिल काकोडकर ने किन दो प्रमुख परमाणु अनुसंधान संस्थानों का नेतृत्व किया?
- इंडीरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च (IGCAR) और कलपक्कम
- भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) और परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC)
- राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (RRCAT) और इंदौर
- सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (CAT) और इंदौर
Explanation: डॉ. काकोडकर ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के निदेशक और परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिससे उन्होंने भारत के परमाणु कार्यक्रम को दिशा दी।
Q3. डॉ. अनिल काकोडकर को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा निम्नलिखित में से कौन सा सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया था?
- भारत रत्न
- पद्म विभूषण
- पद्म भूषण
- पद्म श्री
Explanation: डॉ. काकोडकर को उनके असाधारण वैज्ञानिक योगदान के लिए भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म विभूषण, के साथ-साथ पद्म भूषण और पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था।
Q4. भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है, जिसे डॉ. काकोडकर ने बढ़ावा दिया?
- अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना
- परमाणु हथियारों का विकास करना
- थोरियम जैसे स्वदेशी संसाधनों का उपयोग करके ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करना
- जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता पूरी तरह समाप्त करना
Explanation: भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य थोरियम जैसे प्रचुर मात्रा में उपलब्ध स्वदेशी संसाधनों का उपयोग करके देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना है।
Q5. डॉ. अनिल काकोडकर का जन्म किस वर्ष हुआ था?
- 1940
- 1943
- 1947
- 1950
Explanation: डॉ. अनिल काकोडकर का जन्म 11 जनवरी 1943 को मध्य प्रदेश के देवास में हुआ था। उन्होंने अपना प्रारंभिक जीवन और शिक्षा यहीं प्राप्त की।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — प्रख्यात परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर का निधन
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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