ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना: पर्यावरणीय चिंताओं पर नई रिपोर्ट
ग्रेट निकोबार द्वीप पर प्रस्तावित ₹72,000 करोड़ की बुनियादी ढांचा परियोजना को लेकर पर्यावरणविदों ने जैव विविधता के नुकसान की चेतावनी दी है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ग्रेट निकोबार द्वीप पर ₹72,000 करोड़ की बुनियादी ढांचा परियोजना प्रस्तावित है, जिसमें ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, हवाई अड्डा और टाउनशिप शामिल हैं।
- परियोजना से लेदरबैक समुद्री कछुओं और निकोबार मेगापोड पक्षी जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीवों के आवासों को गंभीर खतरा है।
- पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) ने **2022** में कुछ शर्तों के साथ परियोजना को मंजूरी दी, जिसमें प्रतिपूरक वनीकरण शामिल है।
- यह परियोजना भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'सागर' पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करना है।
- पर्यावरणविदों ने परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं और अधिक कठोर समीक्षा की मांग की है।
- परियोजना के लिए **130 वर्ग किलोमीटर** से अधिक जंगल की कटाई का अनुमान है, जो द्वीप की नाजुक जैव विविधता के लिए चिंता का विषय है।
- सरकार ने **10 लाख** से अधिक पेड़ लगाने का वादा किया है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- यह मामला भारत में विकास की आवश्यकता और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन की बहस को उजागर करता है।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
Key Facts to Remember: ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना: पर्यावरणीय चिंताओं पर नई रिपोर्ट
- ग्रेट निकोबार द्वीप पर ₹72,000 करोड़ की बुनियादी ढांचा परियोजना प्रस्तावित है, जिसमें ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, हवाई अड्डा और टाउनशिप शामिल हैं।
- परियोजना से लेदरबैक समुद्री कछुओं और निकोबार मेगापोड पक्षी जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीवों के आवासों को गंभीर खतरा है।
- पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) ने **2022** में कुछ शर्तों के साथ परियोजना को मंजूरी दी, जिसमें प्रतिपूरक वनीकरण शामिल है।
- यह परियोजना भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'सागर' पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करना है।
- पर्यावरणविदों ने परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं और अधिक कठोर समीक्षा की मांग की है।
- परियोजना के लिए **130 वर्ग किलोमीटर** से अधिक जंगल की कटाई का अनुमान है, जो द्वीप की नाजुक जैव विविधता के लिए चिंता का विषय है।
- सरकार ने **10 लाख** से अधिक पेड़ लगाने का वादा किया है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- यह मामला भारत में विकास की आवश्यकता और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन की बहस को उजागर करता है।
Practice Questions
Q1. ग्रेट निकोबार द्वीप पर प्रस्तावित प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?
- ₹50,000 करोड़
- ₹72,000 करोड़
- ₹1 लाख करोड़
- ₹36,000 करोड़
Explanation: ग्रेट निकोबार द्वीप पर प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, हवाई अड्डे और टाउनशिप जैसी विशाल बुनियादी ढांचा परियोजना की अनुमानित लागत ₹72,000 करोड़ है।
Q2. ग्रेट निकोबार परियोजना से किन दो प्रमुख वन्यजीव प्रजातियों के आवासों को सबसे अधिक खतरा होने की चेतावनी दी गई है?
- बंगाल टाइगर और एशियाई हाथी
- भारतीय गैंडा और दलदली हिरण
- लेदरबैक समुद्री कछुए और निकोबार मेगापोड पक्षी
- हिम तेंदुआ और लाल पांडा
Explanation: नई रिपोर्टों ने विशेष रूप से लेदरबैक समुद्री कछुओं, जो घोंसला बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, और निकोबार मेगापोड पक्षी, जो एक लुप्तप्राय प्रजाति है, के आवासों पर गंभीर खतरे की चेतावनी दी है।
Q3. ग्रेट निकोबार परियोजना को भारत सरकार की किन पहलों का हिस्सा माना जाता है?
- मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया
- स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत योजना
- एक्ट ईस्ट नीति और सागर पहल
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
Explanation: यह परियोजना भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक और आर्थिक पहुंच का विस्तार करना है।
Q4. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने ग्रेट निकोबार परियोजना को किस वर्ष में कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी?
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
Explanation: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने **2022** में कुछ शर्तों के साथ इस परियोजना को मंजूरी दी, जिसमें प्रतिपूरक वनीकरण और वन्यजीव संरक्षण योजनाएं शामिल हैं।
Q5. ग्रेट निकोबार परियोजना के विरोध में पर्यावरणविदों द्वारा उठाई गई मुख्य चिंताओं में से एक क्या है?
- परियोजना के कारण स्थानीय भाषा का लुप्त होना
- परियोजना के लिए आवश्यक बड़े पैमाने पर जंगल की कटाई और जैव विविधता का नुकसान
- परियोजना से उत्पन्न होने वाला अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण
- परियोजना के कारण पर्यटन का अत्यधिक बढ़ना
Explanation: पर्यावरणविदों की मुख्य चिंता यह है कि परियोजना के लिए आवश्यक **130 वर्ग किलोमीटर** से अधिक जंगल की कटाई से द्वीप की अनूठी जैव विविधता को अपरिवर्तनीय नुकसान होगा, जिसमें लेदरबैक कछुओं और निकोबार मेगापोड जैसे महत्वपूर्ण प्रजातियों के आवास शामिल हैं।
How to Prepare Environment for Government Exams — ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना: पर्यावरणीय चिंताओं…
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