ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना: पर्यावरणीय चिंताओं के बीच नई रिपोर्ट
ग्रेट निकोबार द्वीप पर मेगा विकास परियोजना को लेकर एक नई पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट जारी की गई है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ग्रेट निकोबार द्वीप पर 72,000 करोड़ रुपये की मेगा विकास परियोजना प्रस्तावित है, जिसमें ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, हवाई अड्डा और टाउनशिप शामिल हैं।
- यह परियोजना लेदरबैक कछुओं के घोंसले के शिकार स्थलों और क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के लिए गंभीर पर्यावरणीय खतरा पैदा करती है।
- परियोजना के लिए लगभग 130 वर्ग किलोमीटर वन भूमि को गैर-वानिकी उपयोग के लिए परिवर्तित करने और 28,000 से अधिक पेड़ काटने की आवश्यकता होगी।
- स्वदेशी 'निकोबारी' और 'शोम्पेन' जनजातियों के अधिकारों और उनके पारंपरिक जीवन शैली पर परियोजना के प्रभाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
- परियोजना को भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'सागर' पहल के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया है।
- जनवरी 2024 में, पर्यावरण मंत्रालय की एक विशेषज्ञ समिति ने परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी की सिफारिश की, लेकिन यह विवादास्पद रही।
- पर्यावरणविदों का तर्क है कि परियोजना क्षेत्र के 49% से अधिक वन क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है, जिससे अपरिवर्तनीय क्षति हो सकती है।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना: पर्यावरणीय चिंताओं के बीच नई रिपोर्ट
- ग्रेट निकोबार द्वीप पर 72,000 करोड़ रुपये की मेगा विकास परियोजना प्रस्तावित है, जिसमें ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, हवाई अड्डा और टाउनशिप शामिल हैं।
- यह परियोजना लेदरबैक कछुओं के घोंसले के शिकार स्थलों और क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के लिए गंभीर पर्यावरणीय खतरा पैदा करती है।
- परियोजना के लिए लगभग 130 वर्ग किलोमीटर वन भूमि को गैर-वानिकी उपयोग के लिए परिवर्तित करने और 28,000 से अधिक पेड़ काटने की आवश्यकता होगी।
- स्वदेशी 'निकोबारी' और 'शोम्पेन' जनजातियों के अधिकारों और उनके पारंपरिक जीवन शैली पर परियोजना के प्रभाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
- परियोजना को भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'सागर' पहल के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया है।
- जनवरी 2024 में, पर्यावरण मंत्रालय की एक विशेषज्ञ समिति ने परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी की सिफारिश की, लेकिन यह विवादास्पद रही।
- पर्यावरणविदों का तर्क है कि परियोजना क्षेत्र के 49% से अधिक वन क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है, जिससे अपरिवर्तनीय क्षति हो सकती है।
Practice Questions
Q1. ग्रेट निकोबार द्वीप पर प्रस्तावित विकास परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?
- 52,000 करोड़ रुपये
- 62,000 करोड़ रुपये
- 72,000 करोड़ रुपये
- 82,000 करोड़ रुपये
Explanation: ग्रेट निकोबार द्वीप पर प्रस्तावित समग्र विकास परियोजना की अनुमानित लागत 72,000 करोड़ रुपये है। इस परियोजना में एक अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, एक हवाई अड्डा और एक टाउनशिप का निर्माण शामिल है।
Q2. ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना से जुड़ी प्रमुख पर्यावरणीय चिंताओं में से एक क्या है?
- समुद्री जल स्तर में वृद्धि
- लेदरबैक कछुओं के घोंसले के शिकार स्थलों का विनाश
- ज्वालामुखी गतिविधि में वृद्धि
- भूकंपीय गतिविधि में वृद्धि
Explanation: परियोजना से जुड़ी एक प्रमुख पर्यावरणीय चिंता यह है कि यह लेदरबैक कछुओं के महत्वपूर्ण घोंसले के शिकार स्थलों को नष्ट कर सकती है, जो इस क्षेत्र की जैव विविधता के लिए एक बड़ा खतरा है।
Q3. परियोजना के तहत ग्रेट निकोबार द्वीप पर कितने वर्ग किलोमीटर वन भूमि को गैर-वानिकी उपयोग के लिए परिवर्तित करने की आवश्यकता होगी?
- लगभग 50 वर्ग किलोमीटर
- लगभग 90 वर्ग किलोमीटर
- लगभग 130 वर्ग किलोमीटर
- लगभग 170 वर्ग किलोमीटर
Explanation: इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 130 वर्ग किलोमीटर वन भूमि को गैर-वानिकी उपयोग के लिए परिवर्तित करने की आवश्यकता होगी, जिससे वनों की कटाई और पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव पड़ेगा।
Q4. ग्रेट निकोबार द्वीप पर कौन सी स्वदेशी जनजातियां निवास करती हैं, जिनके अधिकारों पर परियोजना के प्रभाव को लेकर चिंताएं हैं?
- सेंटिनलीज़ और जारवा
- निकोबारी और शोम्पेन
- ओंग और ग्रेट अंडमानीज़
- कोई स्वदेशी जनजाति नहीं
Explanation: ग्रेट निकोबार द्वीप पर 'निकोबारी' और 'शोम्पेन' जनजातियां निवास करती हैं। विकास परियोजना के कारण उनके पारंपरिक भूमि उपयोग, अधिकारों और जीवन शैली पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
Q5. ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को भारत की किन प्रमुख पहलों के तहत रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया है?
- 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया'
- 'स्वच्छ भारत' और 'आयुष्मान भारत'
- 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'सागर' पहल
- 'स्मार्ट सिटीज मिशन' और 'प्रधानमंत्री आवास योजना'
Explanation: इस परियोजना को भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) पहल के तहत रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया है, जिसका उद्देश्य भारत को एक प्रमुख समुद्री लॉजिस्टिक्स हब बनाना है।
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