भारत ने विकसित की दुनिया की पहली 'नेजल' मलेरिया वैक्सीन
भारतीय वैज्ञानिकों ने मलेरिया के खिलाफ दुनिया की पहली नेजल (नाक से दी जाने वाली) वैक्सीन विकसित करने में सफलता हासिल की है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने दुनिया की पहली नेजल (नाक से दी जाने वाली) मलेरिया वैक्सीन विकसित की है।
- इस वैक्सीन का विकास भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और एक प्रमुख हैदराबाद स्थित बायोटेक कंपनी ने मिलकर किया है।
- यह वैक्सीन पारंपरिक इंजेक्शन के बजाय नाक के स्प्रे के रूप में दी जाएगी।
- नेजल वैक्सीन को पारंपरिक टीकों की तुलना में अधिक प्रभावी और उपयोग में आसान माना जा रहा है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस नवाचार की सराहना की है और वैश्विक वितरण पर चर्चा शुरू की है।
- यह वैक्सीन मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रमों को बड़ी मजबूती प्रदान करेगी।
- मलेरिया परजीवी के खिलाफ लक्षित प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के लिए नाक के माध्यम से प्रशासन को डिज़ाइन किया गया है।
- इस वैक्सीन का लक्ष्य मलेरिया के खिलाफ 90% से अधिक प्रभावकारिता प्राप्त करना है।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Space missions, defence acquisitions, and health research appear regularly. |
Key Facts to Remember: भारत ने विकसित की दुनिया की पहली 'नेजल' मलेरिया वैक्सीन
- भारत ने दुनिया की पहली नेजल (नाक से दी जाने वाली) मलेरिया वैक्सीन विकसित की है।
- इस वैक्सीन का विकास भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और एक प्रमुख हैदराबाद स्थित बायोटेक कंपनी ने मिलकर किया है।
- यह वैक्सीन पारंपरिक इंजेक्शन के बजाय नाक के स्प्रे के रूप में दी जाएगी।
- नेजल वैक्सीन को पारंपरिक टीकों की तुलना में अधिक प्रभावी और उपयोग में आसान माना जा रहा है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस नवाचार की सराहना की है और वैश्विक वितरण पर चर्चा शुरू की है।
- यह वैक्सीन मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रमों को बड़ी मजबूती प्रदान करेगी।
- मलेरिया परजीवी के खिलाफ लक्षित प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के लिए नाक के माध्यम से प्रशासन को डिज़ाइन किया गया है।
- इस वैक्सीन का लक्ष्य मलेरिया के खिलाफ 90% से अधिक प्रभावकारिता प्राप्त करना है।
Practice Questions
Q1. भारत द्वारा विकसित दुनिया की पहली 'नेजल' मलेरिया वैक्सीन का मुख्य लाभ क्या है?
- यह केवल बच्चों के लिए है।
- इसे इंजेक्शन के बजाय नाक के स्प्रे के रूप में दिया जाता है, जिससे यह अधिक सुलभ है।
- यह मलेरिया के सभी प्रकारों के खिलाफ 100% प्रभावी है।
- यह केवल वयस्कों के लिए है।
Explanation: नेजल वैक्सीन का एक प्रमुख लाभ यह है कि इसे इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि नाक के स्प्रे के रूप में दिया जाता है। इससे यह बच्चों और सुई से डरने वाले लोगों के लिए अधिक सुलभ और स्वीकार्य हो जाती है।
Q2. इस नेजल मलेरिया वैक्सीन के विकास में किस भारतीय संगठन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है?
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO)
- भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR)
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
Explanation: हैदराबाद स्थित एक प्रमुख बायोटेक कंपनी ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से इस नेजल मलेरिया वैक्सीन का विकास किया है। ICMR भारत में चिकित्सा अनुसंधान के लिए शीर्ष निकाय है।
Q3. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत की इस नेजल मलेरिया वैक्सीन के बारे में क्या प्रतिक्रिया दी है?
- WHO ने इसे अप्रभावी घोषित किया है।
- WHO ने इसके वैश्विक वितरण की संभावनाओं पर चर्चा शुरू कर दी है और इसकी सराहना की है।
- WHO ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
- WHO ने इसके विकास को रोक दिया है।
Explanation: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस अभूतपूर्व भारतीय नवाचार की व्यापक रूप से सराहना की है। WHO ने इसके वैश्विक स्तर पर उपलब्धता और वितरण की संभावनाओं पर सक्रिय रूप से चर्चा शुरू कर दी है, जो इसकी परिवर्तनकारी क्षमता को रेखांकित करता है।
Q4. मलेरिया किस प्रकार का रोग है और यह मुख्य रूप से किसके द्वारा फैलता है?
- यह एक जीवाणु जनित रोग है जो दूषित पानी से फैलता है।
- यह एक वायरल रोग है जो हवा से फैलता है।
- यह एक परजीवी रोग है जो संक्रमित मच्छरों (मुख्य रूप से एनोफिलीज) के काटने से फैलता है।
- यह एक फंगल रोग है जो त्वचा के संपर्क से फैलता है।
Explanation: मलेरिया एक जानलेवा परजीवी रोग है जो प्लास्मोडियम नामक प्रोटोजोआ के कारण होता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलता है।
Q5. नेजल वैक्सीन का प्रशासन पारंपरिक इंजेक्शन वाली वैक्सीन की तुलना में क्यों बेहतर माना जा रहा है?
- यह अधिक महंगा है।
- इसे केवल विशेष चिकित्सा सुविधाओं में ही दिया जा सकता है।
- यह उपयोग में आसान है, दर्द रहित है, और संभवतः अधिक प्रभावी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकता है।
- यह केवल वयस्कों के लिए प्रभावी है।
Explanation: नेजल वैक्सीन को उपयोग में आसानी, दर्द रहित प्रशासन और श्वसन पथ में सीधे प्रतिरक्षा कोशिकाओं को सक्रिय करने की क्षमता के कारण बेहतर माना जा रहा है। यह संभावित रूप से अधिक प्रभावी और व्यापक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकता है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — भारत ने विकसित की दुनिया की पहली 'नेजल' मलेरिया व…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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