भारत का पहला स्वदेशी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट धोलेरा में स्थापित: टाटा-पीएसएमसी साझेदारी ने शुरू किया वाणिज्यिक परीक्षण
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत गुजरात के धोलेरा में देश के पहले वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (Fab) का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ते हुए वाणिज्यिक परीक्षण चरण में प्रवेश कर गया है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन (PSMC) के संयुक्त उपक्रम द्वारा स्थापित यह संयंत्र भारत को वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (Fab) स्थापित किया जा रहा है।
- यह परियोजना टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (TEPL) और ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन (PSMC) का एक संयुक्त उद्यम है।
- इस संयंत्र की कुल निवेश लागत ₹91,000 करोड़ (लगभग $11 बिलियन) है।
- धोलेरा फैब की कुल नियोजित उत्पादन क्षमता 50,000 वेफर प्रति माह (WSPM) होगी।
- यह संयंत्र मुख्य रूप से 28nm, 40nm, 55nm और 90nm नोड्स तकनीक पर आधारित चिप्स का निर्माण करेगा।
- भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत इस परियोजना को 50% वित्तीय सहायता प्राप्त है।
- संयंत्र में Class 1 स्तर का क्लीनरूम स्थापित किया जाएगा, जो नैनोमीटर-स्तर के विनिर्माण के लिए आवश्यक है।
- यह परियोजना भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और आयात निर्भरता को कम करने में मदद करेगी।
- भारत का सेमीकंडक्टर बाजार वर्ष 2030 तक $110 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है।
- धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (DSIR) दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (DMIC) के तहत विकसित किया जा रहा पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है।
Why In News
13 जून 2026 को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने घोषणा की कि धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब ने अपने पहले चरण के परीक्षण उपकरणों की स्थापना पूरी कर ली है और वाणिज्यिक परीक्षण (Commercial Trials) शुरू कर दिए हैं, जो भारत के सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
Syllabus Connection
छात्रों को भारत के सेमीकंडक्टर मिशन (ISM), विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत), और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) में भारत की भूमिका का अध्ययन करना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | भारत का पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब संयंत्र। | भारत की तकनीकी संप्रभुता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की रणनीति। |
| कहाँ और किसके द्वारा? | धोलेरा (गुजरात); टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और PSMC (ताइवान)। | सार्वजनिक-निजी और अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी हस्तांतरण मॉडल का विश्लेषण। |
| वित्तीय ढांचा | ₹91,000 करोड़ निवेश, ISM के तहत 50% सरकारी सहायता। | औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में सरकारी सब्सिडी और राजकोषीय प्रोत्साहन की भूमिका। |
| तकनीकी विवरण | 28nm से 90nm नोड्स, 50,000 WSPM क्षमता। | भारत में उच्च-तकनीकी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की चुनौतियाँ और समाधान। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Economy is a core UPSC subject. Economic Survey, budget, and policy changes are heavily tested. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | Budget highlights, GDP data, and government economic schemes appear in SSC CGL GK section. |
| Banking (IBPS / SBI) | Very High | 6–10 | RBI policy, inflation, CRR/SLR, monetary committee decisions — banking exams test the full spectrum. |
| State PCS / PSC | High | 4–8 | State budget, MSME, agriculture policy, and banking data are common in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: भारत का पहला स्वदेशी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट धोलेरा में स्थापित: टाटा-पीएसएमसी साझेदारी ने शुरू किया वाणिज्यिक परीक्षण
- गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (Fab) स्थापित किया जा रहा है।
- यह परियोजना टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (TEPL) और ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन (PSMC) का एक संयुक्त उद्यम है।
- इस संयंत्र की कुल निवेश लागत ₹91,000 करोड़ (लगभग $11 बिलियन) है।
- धोलेरा फैब की कुल नियोजित उत्पादन क्षमता 50,000 वेफर प्रति माह (WSPM) होगी।
- यह संयंत्र मुख्य रूप से 28nm, 40nm, 55nm और 90nm नोड्स तकनीक पर आधारित चिप्स का निर्माण करेगा।
- भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत इस परियोजना को 50% वित्तीय सहायता प्राप्त है।
- संयंत्र में Class 1 स्तर का क्लीनरूम स्थापित किया जाएगा, जो नैनोमीटर-स्तर के विनिर्माण के लिए आवश्यक है।
- यह परियोजना भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और आयात निर्भरता को कम करने में मदद करेगी।
- भारत का सेमीकंडक्टर बाजार वर्ष 2030 तक $110 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है।
- धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (DSIR) दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (DMIC) के तहत विकसित किया जा रहा पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है।
Practice Questions
Q1. भारत का पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (Fab) निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थापित किया जा रहा है?
- धोलेरा, गुजरात
- साणंद, गुजरात
- मोरीगांव, असम
- श्रीपेरंबुदूर, तमिलनाडु
Explanation: भारत का पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (Fab) गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (DSIR) में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान की PSMC द्वारा स्थापित किया जा रहा है। साणंद में माइक्रोन का ATMP संयंत्र है और मोरीगांव में टाटा का पैकेजिंग संयंत्र है।
Q2. धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब परियोजना में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ साझेदारी करने वाली कंपनी 'PSMC' किस देश से संबंधित है?
- ताइवान
- दक्षिण कोरिया
- जापान
- संयुक्त राज्य अमेरिका
Explanation: PSMC (Powerchip Semiconductor Manufacturing Corporation) ताइवान की एक अग्रणी सेमीकंडक्टर विनिर्माण कंपनी है, जिसने इस परियोजना के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी की है।
Q3. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए भारत सरकार द्वारा कितने प्रतिशत की समान वित्तीय सहायता (Fiscal Support) प्रदान की जाती है?
- 50%
- 30%
- 75%
- 40%
Explanation: संशोधित सेमीकंडक्टर योजना के तहत, भारत सरकार सिलिकॉन फैब, डिस्प्ले फैब और अन्य सेमीकंडक्टर सुविधाओं की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 50% समान वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
Q4. धोलेरा सेमीकंडक्टर संयंत्र मुख्य रूप से किस नोड आकार (Node Size) के चिप्स का उत्पादन करेगा?
- 28nm, 40nm, 55nm और 90nm
- 3nm, 5nm और 7nm
- 120nm, 150nm और 180nm
- केवल 10nm
Explanation: धोलेरा संयंत्र मुख्य रूप से 28nm, 40nm, 55nm और 90nm के परिपक्व नोड्स (Mature Nodes) पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो ऑटोमोटिव, दूरसंचार और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए अत्यधिक मांग में हैं।
Q5. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) को भारत सरकार द्वारा किस वर्ष शुरू किया गया था?
- 2021
- 2019
- 2023
- 2025
Explanation: इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) को दिसंबर 2021 में ₹76,000 करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत शुरू किया गया था।
How to Prepare Economy & Finance for Government Exams — भारत का पहला स्वदेशी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लां…
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