भारत और फ्रांस के बीच 'वरुण 2026' नौसैनिक अभ्यास अरब सागर में संपन्न: द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मिली नई ताकत
भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'वरुण 2026' का 24वां संस्करण अरब सागर में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अभ्यास में दोनों देशों के अत्याधुनिक युद्धपोतों, पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और अंतर-संचालनीयता को बढ़ावा देना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'वरुण 2026' का 24वां संस्करण अरब सागर में आयोजित किया गया।
- इस अभ्यास की शुरुआत वर्ष 1993 में हुई थी, और इसे 2001 में 'वरुण' नाम दिया गया था।
- भारतीय नौसेना की ओर से INS कोलकाता (गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर) और INS तरकश ने इस अभ्यास में भाग लिया।
- अभ्यास में कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बी और समुद्री गश्ती विमान P-8I ने भी हिस्सा लिया।
- यह अभ्यास दोनों देशों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और अंतर-संचालनीयता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
- भारत और फ्रांस के बीच एक पारस्परिक रसद सहायता समझौता (Mutual Logistics Support Agreement) लागू है।
- फ्रांस भारत का पहला रणनीतिक भागीदार देश है, जिसके साथ 1998 में रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए गए थे।
- यह अभ्यास मुख्य रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare) और वायु रक्षा अभ्यासों पर केंद्रित था।
- भारत अपनी 'सागर' (SAGAR) नीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) फ्रांस के सहयोग से भारत में कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों का निर्माण कर रहा है।
Why In News
13 जून 2026 को भारतीय नौसेना के पश्चिमी नौसेना कमान द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत और फ्रांस के बीच पांच दिवसीय 'वरुण 2026' युद्धाभ्यास का समुद्री चरण अरब सागर में संपन्न हो गया है, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करता है।
Syllabus Connection
छात्रों को भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति, हिंद महासागर में चीन की चुनौतियों, और फ्रांस जैसे रणनीतिक भागीदारों के साथ रक्षा सहयोग का अध्ययन करना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | भारत-फ्रांस द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'वरुण 2026' (24वां संस्करण)। | हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का महत्व। |
| कहाँ आयोजित हुआ? | अरब सागर में। | पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना। |
| प्रमुख भागीदार | INS कोलकाता, INS तरकश, कलवरी पनडुब्बी, P-8I विमान। | संयुक्त सैन्य अभियानों में अंतर-संचालनीयता (Interoperability) का विकास। |
| रणनीतिक संदर्भ | 1998 में रणनीतिक साझेदारी, रसद सहायता समझौता। | बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और समुद्री सुरक्षा कूटनीति में भारत की भूमिका। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Army, Navy, and Air Force current events are regularly tested in Railway GK. |
Key Facts to Remember: भारत और फ्रांस के बीच 'वरुण 2026' नौसैनिक अभ्यास अरब सागर में संपन्न: द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मिली नई ताकत
- भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'वरुण 2026' का 24वां संस्करण अरब सागर में आयोजित किया गया।
- इस अभ्यास की शुरुआत वर्ष 1993 में हुई थी, और इसे 2001 में 'वरुण' नाम दिया गया था।
- भारतीय नौसेना की ओर से INS कोलकाता (गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर) और INS तरकश ने इस अभ्यास में भाग लिया।
- अभ्यास में कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बी और समुद्री गश्ती विमान P-8I ने भी हिस्सा लिया।
- यह अभ्यास दोनों देशों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और अंतर-संचालनीयता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
- भारत और फ्रांस के बीच एक पारस्परिक रसद सहायता समझौता (Mutual Logistics Support Agreement) लागू है।
- फ्रांस भारत का पहला रणनीतिक भागीदार देश है, जिसके साथ 1998 में रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए गए थे।
- यह अभ्यास मुख्य रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare) और वायु रक्षा अभ्यासों पर केंद्रित था।
- भारत अपनी 'सागर' (SAGAR) नीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) फ्रांस के सहयोग से भारत में कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों का निर्माण कर रहा है।
Practice Questions
Q1. भारत और फ्रांस के बीच आयोजित द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'वरुण 2026' का आयोजन कहाँ किया गया?
- अरब सागर
- बंगाल की खाड़ी
- भूमध्य सागर
- लाक्कादीव सागर
Explanation: भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'वरुण 2026' का 24वां संस्करण अरब सागर में आयोजित किया गया था।
Q2. भारत और फ्रांस के बीच नौसैनिक अभ्यास को किस वर्ष आधिकारिक तौर पर 'वरुण' (Varuna) नाम दिया गया था?
- 2001
- 1993
- 1998
- 2010
Explanation: दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग की शुरुआत 1993 में हुई थी, लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर 'वरुण' नाम वर्ष 2001 में दिया गया था।
Q3. 'वरुण 2026' अभ्यास में भाग लेने वाला 'INS कोलकाता' किस श्रेणी का युद्धपोत है?
- गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर
- विमानवाहक पोत
- स्टील्थ फ्रिगेट
- परमाणु पनडुब्बी
Explanation: INS कोलकाता भारतीय नौसेना का एक स्वदेशी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर (Project 15A) है, जिसने इस अभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लिया।
Q4. भारत की 'सागर' (SAGAR) पहल का पूर्ण रूप क्या है, जो समुद्री सुरक्षा से संबंधित है?
- Security and Growth for All in the Region
- Safety and Governance in Arabian Region
- Security and Geopolitics of Asian Rivers
- Sustainable Alliance for Global Aquatic Resources
Explanation: SAGAR का पूर्ण रूप 'Security and Growth for All in the Region' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) है, जिसे भारत सरकार द्वारा 2015 में लॉन्च किया गया था।
Q5. भारतीय नौसेना की 'कलवरी श्रेणी' की पनडुब्बियां किस देश के तकनीकी सहयोग से भारत में निर्मित की जा रही हैं?
- फ्रांस
- रूस
- जर्मनी
- संयुक्त राज्य अमेरिका
Explanation: कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां फ्रांस की कंपनी 'नेवल ग्रुप' के तकनीकी सहयोग (स्कॉर्पीन डिजाइन) से भारत के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा निर्मित की जा रही हैं।
How to Prepare Defence for Government Exams — भारत और फ्रांस के बीच 'वरुण 2026' नौसैनिक अभ्यास…
For every military exercise, note: India + Partner country + Purpose (bilateral or multilateral). Questions are pattern-based.
Defence indigenization ('Atmanirbhar Bharat in Defence') is a high-priority topic for 2025–26. Focus on systems developed by DRDO or HAL.
Chiefs of defence services change periodically. Always keep the current CDS, Army Chief, Navy Chief, and Air Chief up to date.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz