भारत की 'राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026' का अनावरण: जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की व्यापक योजना
भारत सरकार ने 12 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026' का अनावरण किया है। यह रणनीति देश को जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों, जैसे अत्यधिक मौसम की घटनाओं, जल संकट और कृषि उत्पादकता में कमी से निपटने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करती है। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में लचीलापन बढ़ाना और कमजोर समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 12 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026' का अनावरण किया है।
- यह रणनीति जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति भारत की भेद्यता को कम करने और लचीलापन बढ़ाने पर केंद्रित है।
- रणनीति में कृषि, जल संसाधन, तटीय प्रबंधन, शहरी नियोजन और स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं।
- यह 'जलवायु-स्मार्ट कृषि' प्रथाओं और कुशल जल प्रबंधन तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर देती है।
- तटीय क्षेत्रों के लिए मैंग्रोव वृक्षारोपण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उपाय सुझाए गए हैं।
- रणनीति 'जोखिम-आधारित दृष्टिकोण' और 'प्रकृति-आधारित समाधानों' (NbS) को अपनाती है।
- प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने और जलवायु अनुकूलन के लिए अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने का प्रावधान है।
- रणनीति के कार्यान्वयन के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रारंभिक कोष आवंटित किया गया है।
- यह रणनीति भारत के पेरिस समझौते के तहत राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के अनुकूलन लक्ष्यों के अनुरूप है।
- एक 'राष्ट्रीय अनुकूलन निगरानी फ्रेमवर्क' प्रगति को ट्रैक करेगा और नीतिगत समायोजन की सिफारिश करेगा।
Why In News
हाल ही में देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और अप्रत्याशित बाढ़ जैसी चरम मौसमी घटनाओं के बाद, भारत सरकार ने 12 मई, 2026 को अपनी महत्वाकांक्षी 'राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026' जारी की है। यह रणनीति जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति भारत की भेद्यता को कम करने और विभिन्न क्षेत्रों में अनुकूलन क्षमता को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप प्रस्तुत करती है, जो भविष्य की आपदाओं से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है।
Syllabus Connection
यह लेख जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, भारत की राष्ट्रीय रणनीति, इसके विभिन्न क्षेत्रीय प्रभावों और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं से संबंधित है। छात्रों को अनुकूलन और शमन के बीच अंतर, विभिन्न सरकारी योजनाओं और वैश्विक जलवायु समझौतों को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| रणनीति का नाम | राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026 | जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में अनुकूलन की आवश्यकता और महत्व। |
| मुख्य उद्देश्य | भेद्यता कम करना, लचीलापन बढ़ाना | जलवायु न्याय और सतत विकास के संदर्भ में अनुकूलन नीतियों का विश्लेषण। |
| प्रमुख क्षेत्र | कृषि, जल, तटीय, शहरी, स्वास्थ्य | विभिन्न क्षेत्रों में अनुकूलन उपायों की विशिष्ट चुनौतियां और समाधान। |
| दृष्टिकोण | जोखिम-आधारित, प्रकृति-आधारित समाधान (NbS) | NbS की प्रभावशीलता और पारंपरिक ज्ञान को एकीकृत करने का महत्व। |
| वित्तपोषण | ₹10,000 करोड़ प्रारंभिक कोष | अनुकूलन वित्तपोषण में वैश्विक अंतर और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भूमिका। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: भारत की 'राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026' का अनावरण: जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की व्यापक योजना
- भारत सरकार ने 12 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026' का अनावरण किया है।
- यह रणनीति जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति भारत की भेद्यता को कम करने और लचीलापन बढ़ाने पर केंद्रित है।
- रणनीति में कृषि, जल संसाधन, तटीय प्रबंधन, शहरी नियोजन और स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं।
- यह 'जलवायु-स्मार्ट कृषि' प्रथाओं और कुशल जल प्रबंधन तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर देती है।
- तटीय क्षेत्रों के लिए मैंग्रोव वृक्षारोपण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उपाय सुझाए गए हैं।
- रणनीति 'जोखिम-आधारित दृष्टिकोण' और 'प्रकृति-आधारित समाधानों' (NbS) को अपनाती है।
- प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने और जलवायु अनुकूलन के लिए अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने का प्रावधान है।
- रणनीति के कार्यान्वयन के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रारंभिक कोष आवंटित किया गया है।
- यह रणनीति भारत के पेरिस समझौते के तहत राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के अनुकूलन लक्ष्यों के अनुरूप है।
- एक 'राष्ट्रीय अनुकूलन निगरानी फ्रेमवर्क' प्रगति को ट्रैक करेगा और नीतिगत समायोजन की सिफारिश करेगा।
Practice Questions
Q1. भारत की 'राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केवल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति भेद्यता को कम करना और लचीलापन बढ़ाना
- सौर ऊर्जा उत्पादन को अधिकतम करना
- अंतरिक्ष अन्वेषण में निवेश बढ़ाना
Explanation: राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026 का मुख्य उद्देश्य भारत को जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों से निपटने के लिए तैयार करना है। इसमें भेद्यता को कम करना और विभिन्न क्षेत्रों में अनुकूलन क्षमता को मजबूत करना शामिल है, ताकि चरम मौसमी घटनाओं और अन्य जलवायु-संबंधी चुनौतियों का सामना किया जा सके।
Q2. इस रणनीति के तहत 'प्रकृति-आधारित समाधान' (NbS) में क्या शामिल हो सकता है?
- केवल औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण
- आर्द्रभूमि का पुनर्स्थापन और वनीकरण
- परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण
- कृत्रिम वर्षा का उपयोग
Explanation: प्रकृति-आधारित समाधान (NbS) में पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण, पुनर्स्थापन और सतत प्रबंधन का उपयोग करके जलवायु परिवर्तन सहित विभिन्न चुनौतियों का समाधान करना शामिल है। आर्द्रभूमि का पुनर्स्थापन, वनीकरण और पारिस्थितिकी तंत्र-आधारित आपदा जोखिम में कमी इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
Q3. भारत की पहली व्यापक जलवायु नीति, 'जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC)', किस वर्ष शुरू की गई थी?
- 2002
- 2008
- 2015
- 2020
Explanation: भारत ने 2008 में जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) शुरू की थी। यह भारत की पहली व्यापक जलवायु नीति थी जिसमें आठ राष्ट्रीय मिशन शामिल थे, हालांकि यह मुख्य रूप से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने (शमन) पर केंद्रित थी।
Q4. राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026 के कार्यान्वयन के लिए प्रारंभिक कोष कितना आवंटित किया गया है?
- ₹1,000 करोड़
- ₹5,000 करोड़
- ₹10,000 करोड़
- ₹20,000 करोड़
Explanation: राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीति 2026 के कार्यान्वयन के लिए ₹10,000 करोड़ का एक प्रारंभिक कोष आवंटित किया गया है। इस कोष का उपयोग विभिन्न अनुकूलन परियोजनाओं, अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए किया जाएगा।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा अंतर्राष्ट्रीय समझौता जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अनुकूलन को एक महत्वपूर्ण स्तंभ मानता है?
- क्योटो प्रोटोकॉल
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
- पेरिस समझौता
- वियना कन्वेंशन
Explanation: पेरिस समझौता (2015) एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत करती है। यह शमन (mitigation) और अनुकूलन (adaptation) दोनों को समान रूप से महत्वपूर्ण स्तंभ मानता है, और देशों को अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) में दोनों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
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For UPSC, understand the international treaty context: Paris Agreement, CBD, CITES, Ramsar — know what each treaty does.
Climate news = policy news. Always note the government response to any environmental event — that's what UPSC Mains tests.
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