भारत की नई 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नीति 2026' जारी: पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा में मील का पत्थर
भारत सरकार ने 12 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नीति 2026' जारी की है, जिसका उद्देश्य देश की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) का व्यापक संरक्षण और सतत प्रबंधन सुनिश्चित करना है। यह नीति आर्द्रभूमि के क्षरण को रोकने, उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता को बनाए रखने और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जो जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन शमन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत सरकार ने 12 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नीति 2026' जारी की है।
- नीति का उद्देश्य देश की आर्द्रभूमियों का व्यापक संरक्षण और सतत प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
- यह नीति आर्द्रभूमि के क्षरण को रोकने और उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता को बनाए रखने पर केंद्रित है।
- नीति में प्रत्येक राज्य को अपनी आर्द्रभूमि की विस्तृत सूची तैयार करने का प्रावधान है।
- एक 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि स्वास्थ्य सूचकांक' विकसित किया जाएगा जो आर्द्रभूमि की स्थिति का मूल्यांकन करेगा।
- नीति में आर्द्रभूमि के लिए 'बफर जोन' स्थापित करने और 'आर्द्रभूमि मित्र' स्वयंसेवकों का नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है।
- आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए ₹500 करोड़ का एक विशेष कोष स्थापित किया जाएगा।
- यह नीति 'पारिस्थितिकी तंत्र-आधारित दृष्टिकोण' अपनाती है और 'इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान्स (IMPs)' पर जोर देती है।
- भारत 1982 से रामसर कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता है और वर्तमान में 80 से अधिक रामसर स्थल हैं।
- नीति संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और 'लाइफ' (LiFE) आंदोलन के अनुरूप है।
Why In News
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 12 मई, 2026 को भारत की नई 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नीति 2026' का अनावरण किया है। यह नीति देश की तेजी से घटती आर्द्रभूमियों की रक्षा के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करती है, जो जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद करती हैं। हाल के एक अध्ययन में भारत में 30% आर्द्रभूमियों के गंभीर खतरे में होने का खुलासा होने के बाद इस नीति की आवश्यकता महसूस की गई थी।
Syllabus Connection
यह लेख आर्द्रभूमि संरक्षण, सतत प्रबंधन नीतियों, जैव विविधता के महत्व और जलवायु परिवर्तन शमन में उनकी भूमिका से संबंधित है। छात्रों को रामसर स्थलों, विभिन्न संरक्षण नियमों और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के बारे में जानना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| नीति का नाम | राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नीति 2026 | आर्द्रभूमि के पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का महत्व और सतत विकास में उनकी भूमिका। |
| जारीकर्ता | पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय | भारत की पर्यावरण शासन संरचना और विभिन्न मंत्रालयों की भूमिका। |
| मुख्य प्रावधान | राष्ट्रीय आर्द्रभूमि स्वास्थ्य सूचकांक, बफर जोन, आर्द्रभूमि मित्र | नीति के कार्यान्वयन में चुनौतियां और स्थानीय समुदायों की भागीदारी का महत्व। |
| अंतर्राष्ट्रीय संबंध | रामसर कन्वेंशन, SDG 6, 14, 15 | वैश्विक आर्द्रभूमि संरक्षण प्रयासों में भारत की भूमिका और अंतर्राष्ट्रीय संधियों का प्रभाव। |
| आर्द्रभूमि के खतरे | शहरीकरण, प्रदूषण, कृषि विस्तार, जलवायु परिवर्तन | मानव गतिविधियों और विकासात्मक दबावों का आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: भारत की नई 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नीति 2026' जारी: पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा में मील का पत्थर
- भारत सरकार ने 12 मई, 2026 को 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नीति 2026' जारी की है।
- नीति का उद्देश्य देश की आर्द्रभूमियों का व्यापक संरक्षण और सतत प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
- यह नीति आर्द्रभूमि के क्षरण को रोकने और उनकी पारिस्थितिकीय अखंडता को बनाए रखने पर केंद्रित है।
- नीति में प्रत्येक राज्य को अपनी आर्द्रभूमि की विस्तृत सूची तैयार करने का प्रावधान है।
- एक 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि स्वास्थ्य सूचकांक' विकसित किया जाएगा जो आर्द्रभूमि की स्थिति का मूल्यांकन करेगा।
- नीति में आर्द्रभूमि के लिए 'बफर जोन' स्थापित करने और 'आर्द्रभूमि मित्र' स्वयंसेवकों का नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है।
- आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए ₹500 करोड़ का एक विशेष कोष स्थापित किया जाएगा।
- यह नीति 'पारिस्थितिकी तंत्र-आधारित दृष्टिकोण' अपनाती है और 'इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान्स (IMPs)' पर जोर देती है।
- भारत 1982 से रामसर कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता है और वर्तमान में 80 से अधिक रामसर स्थल हैं।
- नीति संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और 'लाइफ' (LiFE) आंदोलन के अनुरूप है।
Practice Questions
Q1. भारत की नई 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नीति 2026' किस मंत्रालय द्वारा जारी की गई है?
- जल शक्ति मंत्रालय
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
- पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
Explanation: भारत की नई 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नीति 2026' पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा जारी की गई है। यह मंत्रालय देश में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदार है।
Q2. इस नीति के तहत आर्द्रभूमि की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए क्या विकसित करने का प्रस्ताव है?
- राष्ट्रीय जल गुणवत्ता सूचकांक
- राष्ट्रीय आर्द्रभूमि स्वास्थ्य सूचकांक
- राष्ट्रीय जैव विविधता रजिस्टर
- राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण योजना
Explanation: नई नीति में आर्द्रभूमि की स्थिति का समय-समय पर मूल्यांकन करने और संरक्षण प्रयासों की प्रभावशीलता को मापने के लिए एक 'राष्ट्रीय आर्द्रभूमि स्वास्थ्य सूचकांक' विकसित करने का प्रावधान है। यह सूचकांक आर्द्रभूमि के पारिस्थितिकीय स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक होगा।
Q3. भारत किस वर्ष से रामसर कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता है?
- 1971
- 1982
- 1992
- 2002
Explanation: भारत 1982 से रामसर कन्वेंशन का एक हस्ताक्षरकर्ता है। रामसर कन्वेंशन आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके सतत उपयोग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है, और भारत ने इसके तहत कई आर्द्रभूमियों को अंतर्राष्ट्रीय महत्व के रामसर स्थलों के रूप में नामित किया है।
Q4. 'आर्द्रभूमि मित्र' पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- आर्द्रभूमि पर शोध करना
- स्थानीय स्तर पर आर्द्रभूमि संरक्षण में जागरूकता बढ़ाना और सहायता करना
- आर्द्रभूमि से मछली पकड़ना
- आर्द्रभूमि के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देना
Explanation: नई नीति में 'आर्द्रभूमि मित्र' नामक स्वयंसेवकों का एक नेटवर्क बनाने की बात कही गई है। इनका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आर्द्रभूमि संरक्षण में जागरूकता बढ़ाना, सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना और संरक्षण गतिविधियों में सहायता करना है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सी पारिस्थितिकी तंत्र सेवा आर्द्रभूमियों द्वारा प्रदान नहीं की जाती है?
- बाढ़ नियंत्रण
- भूजल पुनर्भरण
- कार्बन पृथक्करण
- ओजोन परत का क्षरण
Explanation: आर्द्रभूमियां कई महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं प्रदान करती हैं, जिनमें बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण, कार्बन पृथक्करण, जल शुद्धिकरण और जैव विविधता आवास शामिल हैं। ओजोन परत का क्षरण आर्द्रभूमियों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा नहीं है, बल्कि यह वायुमंडलीय रसायनों के कारण होने वाली एक पर्यावरणीय समस्या है।
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For UPSC, understand the international treaty context: Paris Agreement, CBD, CITES, Ramsar — know what each treaty does.
Climate news = policy news. Always note the government response to any environmental event — that's what UPSC Mains tests.
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