यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए भारत के नए नामांकन
भारत सरकार ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए तीन नए सांस्कृतिक स्थलों के नाम प्रस्तावित किए हैं, जिनमें ओडिशा का लिंगराज मंदिर परिसर, असम के अहोम मोइदाम्स और गुजरात का वडनगर बहुस्तरीय ऐतिहासिक शहर शामिल हैं। इन नामांकनों का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना, पर्यटन को बढ़ावा देना और इन महत्वपूर्ण स्थलों के संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए तीन नए सांस्कृतिक स्थलों का नामांकन किया है।
- नामांकित स्थलों में ओडिशा का **लिंगराज मंदिर परिसर**, असम के **अहोम मोइदाम्स (चराइदेव)** और गुजरात का **वडनगर बहुस्तरीय ऐतिहासिक शहर** शामिल हैं।
- वर्तमान में भारत में कुल **42 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल** हैं, जिनमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल शामिल हैं।
- यूनेस्को विश्व धरोहर समिति इन प्रस्तावों की समीक्षा और मूल्यांकन के बाद अंतिम निर्णय लेगी।
- विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से इन स्थलों को वैश्विक पहचान, पर्यटन प्रोत्साहन और बेहतर संरक्षण निधि प्राप्त होती है।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और संस्कृति मंत्रालय भारत में विश्व धरोहर स्थलों के प्रबंधन और नामांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- नामांकन प्रक्रिया में पहले स्थल को भारत की अस्थायी सूची में शामिल किया जाता है, जिसके बाद विस्तृत नामांकन फाइल तैयार की जाती है।
- विश्व धरोहर सूची में शामिल होने से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता आती है।
Why In News
भारत सरकार ने हाल ही में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए तीन नए स्थलों के नामांकन प्रस्ताव यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र को भेजे हैं। इन प्रस्तावों पर यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति की आगामी बैठक में विचार किया जाएगा, जिससे ये स्थल और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में आ गई है।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक मंच पर उसकी पहचान से संबंधित है। छात्रों को यूनेस्को, विश्व धरोहर स्थलों के मानदंड, भारत के प्रमुख सांस्कृतिक स्थल और सांस्कृतिक कूटनीति की अवधारणा को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए भारत के तीन नए नामांकन। | सांस्कृतिक स्थलों का वैश्विक पहचान में महत्व और संरक्षण के निहितार्थ। |
| कौन | भारत सरकार (संस्कृति मंत्रालय, ASI) द्वारा यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र को प्रस्ताव। | यूनेस्को की भूमिका, भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग। |
| कहां | ओडिशा (लिंगराज मंदिर), असम (अहोम मोइदाम्स), गुजरात (वडनगर)। | विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विविधता और उनके संरक्षण की आवश्यकता। |
| क्यों | वैश्विक मान्यता, पर्यटन प्रोत्साहन, संरक्षण, सांस्कृतिक गौरव। | स्थानीय अर्थव्यवस्था, सतत विकास और राष्ट्रीय पहचान पर विश्व धरोहर स्थिति का प्रभाव। |
| प्रक्रिया | अस्थायी सूची, नामांकन फाइल, मूल्यांकन, समिति की स्वीकृति। | नामांकन प्रक्रिया की जटिलता, मानदंड और अंतर्राष्ट्रीय मानकों का पालन। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Ancient, medieval, and modern history form a full section in UPSC Prelims and GS-I Mains. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 3–5 | Modern Indian history, freedom struggle, and cultural heritage appear in SSC CGL. |
| State PCS / PSC | High | 5–10 | Regional history is specifically tested in state exams — Maratha history in Maharashtra, etc. |
Key Facts to Remember: यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए भारत के नए नामांकन
- भारत ने यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए तीन नए सांस्कृतिक स्थलों का नामांकन किया है।
- नामांकित स्थलों में ओडिशा का **लिंगराज मंदिर परिसर**, असम के **अहोम मोइदाम्स (चराइदेव)** और गुजरात का **वडनगर बहुस्तरीय ऐतिहासिक शहर** शामिल हैं।
- वर्तमान में भारत में कुल **42 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल** हैं, जिनमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल शामिल हैं।
- यूनेस्को विश्व धरोहर समिति इन प्रस्तावों की समीक्षा और मूल्यांकन के बाद अंतिम निर्णय लेगी।
- विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से इन स्थलों को वैश्विक पहचान, पर्यटन प्रोत्साहन और बेहतर संरक्षण निधि प्राप्त होती है।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और संस्कृति मंत्रालय भारत में विश्व धरोहर स्थलों के प्रबंधन और नामांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- नामांकन प्रक्रिया में पहले स्थल को भारत की अस्थायी सूची में शामिल किया जाता है, जिसके बाद विस्तृत नामांकन फाइल तैयार की जाती है।
- विश्व धरोहर सूची में शामिल होने से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता आती है।
Practice Questions
Q1. हाल ही में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए भारत द्वारा नामांकित तीन स्थलों में से कौन सा एक नहीं है?
- लिंगराज मंदिर परिसर, भुवनेश्वर
- अहोम मोइदाम्स, चराइदेव
- वडनगर बहुस्तरीय ऐतिहासिक शहर
- रानी की वाव, पाटन
Explanation: भारत ने हाल ही में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए लिंगराज मंदिर परिसर, अहोम मोइदाम्स और वडनगर बहुस्तरीय ऐतिहासिक शहर का नामांकन किया है। रानी की वाव, पाटन (गुजरात) पहले से ही 2014 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया जा चुका है।
Q2. वर्तमान में भारत में कुल कितने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं?
- 38
- 40
- 42
- 45
Explanation: भारत में वर्तमान में कुल 42 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। इनमें 34 सांस्कृतिक स्थल, 7 प्राकृतिक स्थल और 1 मिश्रित स्थल शामिल हैं। यह संख्या भारत को विश्व में सबसे अधिक स्थलों वाले देशों में से एक बनाती है।
Q3. यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के नामांकन के लिए कौन सा भारतीय संगठन प्राथमिक रूप से जिम्मेदार है?
- पर्यटन मंत्रालय
- संस्कृति मंत्रालय
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI)
- नीति आयोग
Explanation: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संस्कृति मंत्रालय के तहत एक प्रमुख संगठन है जो भारत में पुरातात्विक अनुसंधान और विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए जिम्मेदार है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के नामांकन और प्रबंधन में प्राथमिक भूमिका निभाता है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा कथन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के संबंध में सही नहीं है?
- विश्व धरोहर स्थल केवल सांस्कृतिक महत्व के होते हैं।
- इन स्थलों को 'उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य' (Outstanding Universal Value) के लिए चुना जाता है।
- विश्व धरोहर का दर्जा पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करता है।
- यूनेस्को विश्व धरोहर समिति नामांकन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लेती है।
Explanation: विश्व धरोहर स्थल केवल सांस्कृतिक महत्व के नहीं होते हैं। वे सांस्कृतिक, प्राकृतिक या मिश्रित महत्व के हो सकते हैं। यूनेस्को की सूची में प्राकृतिक सौंदर्य, भूवैज्ञानिक महत्व या जैव विविधता वाले स्थल भी शामिल होते हैं।
Q5. अहोम मोइदाम्स, जो हाल ही में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए नामांकित किए गए हैं, भारत के किस राज्य में स्थित हैं?
- मेघालय
- असम
- नागालैंड
- त्रिपुरा
Explanation: अहोम मोइदाम्स (चराइदेव मोइदाम्स) असम राज्य में स्थित हैं। ये अहोम राजवंश के शाही परिवार के सदस्यों के लिए बनाए गए पारंपरिक दफन टीले हैं और इन्हें 'असम के पिरामिड' के रूप में भी जाना जाता है।
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