भारत में नवीकरणीय ऊर्जा पहलें: प्रगति, चुनौतियाँ और भविष्य की दिशा
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा प्रमुख हैं। देश ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में इस क्षेत्र में हुई प्रगति और आगामी चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
- देश का लक्ष्य 2030 तक अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 50% नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करना है।
- मार्च 2026 तक, भारत की कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (बड़ी जलविद्युत को छोड़कर) 200 GW से अधिक हो गई है।
- सौर ऊर्जा क्षमता 120 GW से अधिक है, जबकि पवन ऊर्जा क्षमता लगभग 55 GW तक पहुंच गई है।
- भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है, जिसके लिए 19,744 करोड़ रुपये का प्रारंभिक परिव्यय है।
- प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना किसानों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है, जिसकी सह-स्थापना भारत और फ्रांस ने की थी।
- उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना सौर पीवी मॉड्यूल के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे रही है।
- नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्व (RPO) वितरण कंपनियों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा खरीद अनिवार्य करता है।
- ग्रिड एकीकरण और ऊर्जा भंडारण नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
Why In News
नवीनतम राष्ट्रीय ऊर्जा समीक्षा रिपोर्ट 2026 के विमोचन ने भारत की नवीकरणीय ऊर्जा पहलों को सुर्खियों में ला दिया है। यह रिपोर्ट पिछले वर्ष की प्रगति, स्थापित क्षमता में वृद्धि और 2030 के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की दिशा में देश के प्रयासों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जिससे यह विषय वर्तमान में अत्यंत प्रासंगिक हो गया है।
Syllabus Connection
यह लेख भारत की ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन शमन और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका पर केंद्रित है, जो पर्यावरणीय नीतियों और ऊर्जा संक्रमण के अंतर्निहित सिद्धांतों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| लक्ष्य | 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा; 2070 तक नेट-जीरो। | लक्ष्यों की प्राप्ति में चुनौतियाँ, आर्थिक प्रभाव और वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताएँ। |
| प्रमुख योजनाएं | PM-KUSUM, राष्ट्रीय सौर मिशन, हरित हाइड्रोजन मिशन, PLI योजना। | इन योजनाओं का ग्रामीण अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास पर प्रभाव। |
| संस्थाएं | MNRE, ISA (मुख्यालय गुरुग्राम), SECI। | इन संस्थाओं की भूमिका, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और नीति निर्माण में प्रभाव। |
| चुनौतियाँ | भूमि अधिग्रहण, ग्रिड एकीकरण, भंडारण लागत, वित्तपोषण। | इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए तकनीकी, नीतिगत और वित्तीय नवाचारों की आवश्यकता। |
| वैश्विक संदर्भ | भारत शीर्ष 5 नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वाले देशों में। | भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका, OSOWOG पहल और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का महत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
Key Facts to Remember: भारत में नवीकरणीय ऊर्जा पहलें: प्रगति, चुनौतियाँ और भविष्य की दिशा
- भारत ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
- देश का लक्ष्य 2030 तक अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 50% नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करना है।
- मार्च 2026 तक, भारत की कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (बड़ी जलविद्युत को छोड़कर) 200 GW से अधिक हो गई है।
- सौर ऊर्जा क्षमता 120 GW से अधिक है, जबकि पवन ऊर्जा क्षमता लगभग 55 GW तक पहुंच गई है।
- भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है, जिसके लिए 19,744 करोड़ रुपये का प्रारंभिक परिव्यय है।
- प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना किसानों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है, जिसकी सह-स्थापना भारत और फ्रांस ने की थी।
- उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना सौर पीवी मॉड्यूल के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे रही है।
- नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्व (RPO) वितरण कंपनियों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा खरीद अनिवार्य करता है।
- ग्रिड एकीकरण और ऊर्जा भंडारण नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
Practice Questions
Q1. भारत ने COP26 में घोषित अपने संशोधित NDC लक्ष्यों के तहत 2030 तक कितनी गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है?
- 300 GW
- 450 GW
- 500 GW
- 600 GW
Explanation: भारत ने ग्लासगो में COP26 शिखर सम्मेलन में अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) लक्ष्यों को संशोधित करते हुए 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य देश की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Q2. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय भारत के किस शहर में स्थित है?
- नई दिल्ली
- बेंगलुरु
- गुरुग्राम
- मुंबई
Explanation: अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय हरियाणा के गुरुग्राम शहर में स्थित है। ISA की सह-स्थापना भारत और फ्रांस ने की थी, और इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सी योजना किसानों को सौर ऊर्जा अपनाने और अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है?
- राष्ट्रीय सौर मिशन
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
- प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM)
- सौर पार्कों का विकास योजना
Explanation: प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना किसानों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके तहत सौर पंपों की स्थापना और ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है और डीजल पंपों पर निर्भरता कम होती है।
Q4. भारत ने किस वर्ष तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है?
- 2040
- 2050
- 2060
- 2070
Explanation: भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा COP26 शिखर सम्मेलन में घोषित किया गया था, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के भारत के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
Q5. भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए नोडल मंत्रालय कौन सा है?
- विद्युत मंत्रालय
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- भारी उद्योग मंत्रालय
Explanation: भारत में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) नवीकरणीय ऊर्जा के सभी पहलुओं के लिए नोडल मंत्रालय है। यह मंत्रालय देश में नवीकरणीय ऊर्जा के विकास, अनुसंधान और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है।
How to Prepare Environment for Government Exams — भारत में नवीकरणीय ऊर्जा पहलें: प्रगति, चुनौतियाँ…
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Climate news = policy news. Always note the government response to any environmental event — that's what UPSC Mains tests.
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