भारत ने स्वदेशी 'रुस्तम-2' ड्रोन का सफल परीक्षण किया
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने हाल ही में स्वदेशी रूप से विकसित मध्यम ऊंचाई वाले लंबे समय तक उड़ने वाले (MALE) ड्रोन 'रुस्तम-2', जिसे तपस-BH-201 के नाम से भी जाना जाता है, का सफल परीक्षण किया। कर्नाटक के चित्रदुर्ग में हुए इस परीक्षण ने ड्रोन की 28,000 फीट की ऊंचाई पर 18 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरने की क्षमता को प्रदर्शित किया, जो भारत की रक्षा क्षमताओं में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ड्रोन निगरानी और टोही मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे विदेशी ड्रोनों पर निर्भरता कम होगी।
2-Minute Summary (TL;DR)
- 'रुस्तम-2' का आधिकारिक नाम तपस-BH-201 है, जिसका अर्थ है 'टैक्टिकल एयरबोर्न प्लेटफॉर्म फॉर एरियल सर्विलांस - बियॉन्ड होराइजन 201'।
- यह एक मध्यम ऊंचाई, लंबी सहनशक्ति (MALE) श्रेणी का मानव रहित हवाई वाहन (UAV) है।
- इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADE) द्वारा विकसित किया गया है।
- ड्रोन 28,000 फीट की ऊंचाई पर 18 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरने में सक्षम है।
- इसका प्राथमिक उद्देश्य खुफिया जानकारी एकत्र करना, निगरानी करना और टोही (ISR) मिशनों को अंजाम देना है।
- 'रुस्तम-2' विदेशी ड्रोनों पर भारत की निर्भरता को कम करने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- इसके सफल परीक्षण कर्नाटक के चित्रदुर्ग में स्थित एरोनॉटिकल टेस्ट रेंज (ATR) में किए गए हैं।
- यह ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT) और कम्युनिकेशन इंटेलिजेंस (COMINT) पेलोड ले जाने में सक्षम है।
- 'रुस्तम-2' को भारतीय सेना के तीनों अंगों - थल सेना, नौसेना और वायु सेना - की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Why In News
स्वदेशी 'रुस्तम-2' (तपस-BH-201) ड्रोन के हालिया सफल उड़ान परीक्षणों ने इसे एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है, जहाँ इसने अपनी उन्नत सहनशक्ति और परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। यह नवीनतम उपलब्धि भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से हो रही प्रगति को रेखांकित करती है, विशेषकर उन्नत मानव रहित हवाई वाहनों (UAVs) के विकास में।
Syllabus Connection
इस समाचार का संबंध भारत की रक्षा क्षमताओं में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के प्रयासों से है, विशेषकर मानव रहित हवाई वाहन (UAV) प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में। छात्रों को DRDO की भूमिका, विभिन्न रक्षा प्रणालियों के स्वदेशी विकास और भारत की रक्षा नीति के रणनीतिक उद्देश्यों की समीक्षा करनी चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | स्वदेशी मध्यम ऊंचाई, लंबी सहनशक्ति (MALE) ड्रोन। | भारत की निगरानी और टोही क्षमताओं में वृद्धि का प्रतीक। |
| किसने विकसित किया? | रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO)। | स्वदेशी रक्षा अनुसंधान और विकास में DRDO की केंद्रीय भूमिका। |
| मुख्य क्षमताएँ? | 28,000 फीट पर 18+ घंटे की उड़ान, निगरानी, टोही। | सीमा सुरक्षा, खुफिया जानकारी संग्रह और सामरिक लाभ में योगदान। |
| रणनीतिक महत्व? | विदेशी ड्रोनों पर निर्भरता कम करना, आत्मनिर्भरता। | क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता पर प्रभाव और भारत की भू-राजनीतिक स्थिति मजबूत करना। |
| परीक्षण स्थल? | कर्नाटक का चित्रदुर्ग। | भारत के रक्षा परीक्षण बुनियादी ढांचे का महत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
Key Facts to Remember: भारत ने स्वदेशी 'रुस्तम-2' ड्रोन का सफल परीक्षण किया
- 'रुस्तम-2' का आधिकारिक नाम तपस-BH-201 है, जिसका अर्थ है 'टैक्टिकल एयरबोर्न प्लेटफॉर्म फॉर एरियल सर्विलांस - बियॉन्ड होराइजन 201'।
- यह एक मध्यम ऊंचाई, लंबी सहनशक्ति (MALE) श्रेणी का मानव रहित हवाई वाहन (UAV) है।
- इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADE) द्वारा विकसित किया गया है।
- ड्रोन 28,000 फीट की ऊंचाई पर 18 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरने में सक्षम है।
- इसका प्राथमिक उद्देश्य खुफिया जानकारी एकत्र करना, निगरानी करना और टोही (ISR) मिशनों को अंजाम देना है।
- 'रुस्तम-2' विदेशी ड्रोनों पर भारत की निर्भरता को कम करने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- इसके सफल परीक्षण कर्नाटक के चित्रदुर्ग में स्थित एरोनॉटिकल टेस्ट रेंज (ATR) में किए गए हैं।
- यह ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT) और कम्युनिकेशन इंटेलिजेंस (COMINT) पेलोड ले जाने में सक्षम है।
- 'रुस्तम-2' को भारतीय सेना के तीनों अंगों - थल सेना, नौसेना और वायु सेना - की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Practice Questions
Q1. स्वदेशी 'रुस्तम-2' ड्रोन का आधिकारिक नाम क्या है?
- तपस-BH-201
- गरुड़-MK-I
- प्रहार-AT-301
- अग्नि-V-UAV
Explanation: 'रुस्तम-2' को आधिकारिक तौर पर 'तपस-BH-201' के नाम से जाना जाता है, जो 'टैक्टिकल एयरबोर्न प्लेटफॉर्म फॉर एरियल सर्विलांस - बियॉन्ड होराइजन' का संक्षिप्त रूप है। यह DRDO द्वारा विकसित एक महत्वपूर्ण मानव रहित हवाई वाहन है।
Q2. 'रुस्तम-2' (तपस-BH-201) ड्रोन किस श्रेणी का मानव रहित हवाई वाहन (UAV) है?
- हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (HALE)
- मीडियम-एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE)
- लो-एल्टीट्यूड शॉर्ट एंड्योरेंस (LASE)
- वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (VTOL)
Explanation: 'रुस्तम-2' एक मध्यम ऊंचाई, लंबी सहनशक्ति (MALE) श्रेणी का UAV है। इसका मतलब है कि यह मध्यम ऊँचाई पर लंबी अवधि तक उड़ान भरने में सक्षम है, जो इसे निगरानी और टोही मिशनों के लिए आदर्श बनाता है।
Q3. 'रुस्तम-2' ड्रोन को किस भारतीय संगठन द्वारा विकसित किया गया है?
- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO)
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
Explanation: 'रुस्तम-2' ड्रोन को भारत के प्रमुख रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह संगठन भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Q4. 'रुस्तम-2' ड्रोन की अधिकतम उड़ान ऊंचाई और सहनशक्ति क्षमता क्या है?
- 20,000 फीट, 12 घंटे
- 28,000 फीट, 18 घंटे से अधिक
- 35,000 फीट, 24 घंटे
- 15,000 फीट, 8 घंटे
Explanation: 'रुस्तम-2' ड्रोन 28,000 फीट की ऊंचाई पर 18 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरने में सक्षम है। यह क्षमता इसे लंबी अवधि के निगरानी और टोही मिशनों के लिए उपयुक्त बनाती है, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों को महत्वपूर्ण सामरिक लाभ मिलता है।
Q5. 'रुस्तम-2' ड्रोन का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- हवाई युद्ध और बमबारी
- माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स
- खुफिया जानकारी एकत्र करना, निगरानी और टोही (ISR)
- मौसम की भविष्यवाणी और जलवायु अनुसंधान
Explanation: 'रुस्तम-2' को मुख्य रूप से खुफिया जानकारी एकत्र करने, निगरानी करने और टोही (ISR) मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सीमावर्ती क्षेत्रों में और दुश्मन के इलाके में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में मदद करता है, जिससे भारतीय सेना की निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
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