संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का 'आतंकवाद विरोधी' प्रस्ताव
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा प्रस्ताव पेश किया है, जिसे व्यापक समर्थन मिला है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन' (CCIT) को जल्द अपनाने का प्रस्ताव रखा।
- CCIT का उद्देश्य आतंकवाद को परिभाषित करना और उसके सभी रूपों से निपटने के लिए एक सार्वभौमिक कानूनी ढांचा प्रदान करना है।
- यह प्रस्ताव सीमा पार आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर देता है।
- CCIT का विचार पहली बार 1996 में भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तुत किया गया था।
- यह सम्मेलन आतंकवाद को एक सार्वभौमिक अपराध के रूप में स्थापित करने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का प्रयास करता है।
- भारत, जो स्वयं सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है, आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
- CCIT के प्रभावी कार्यान्वयन से आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मिलने की संभावना कम हो जाएगी।
- यह प्रस्ताव भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
Key Facts to Remember: संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का 'आतंकवाद विरोधी' प्रस्ताव
- भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन' (CCIT) को जल्द अपनाने का प्रस्ताव रखा।
- CCIT का उद्देश्य आतंकवाद को परिभाषित करना और उसके सभी रूपों से निपटने के लिए एक सार्वभौमिक कानूनी ढांचा प्रदान करना है।
- यह प्रस्ताव सीमा पार आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर देता है।
- CCIT का विचार पहली बार 1996 में भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तुत किया गया था।
- यह सम्मेलन आतंकवाद को एक सार्वभौमिक अपराध के रूप में स्थापित करने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का प्रयास करता है।
- भारत, जो स्वयं सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है, आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
- CCIT के प्रभावी कार्यान्वयन से आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मिलने की संभावना कम हो जाएगी।
- यह प्रस्ताव भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Practice Questions
Q1. 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन' (CCIT) का प्रस्ताव सबसे पहले किस देश ने संयुक्त राष्ट्र में रखा था?
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- रूस
- भारत
- चीन
Explanation: भारत ने पहली बार 1996 में संयुक्त राष्ट्र में 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन' (CCIT) का प्रस्ताव रखा था। इसका उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ एक वैश्विक कानूनी ढांचा तैयार करना है।
Q2. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के किस सत्र में भारत ने CCIT को जल्द अपनाने पर ज़ोर दिया?
- 78वें सत्र
- 79वें सत्र
- 80वें सत्र
- 81वें सत्र
Explanation: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन' (CCIT) को जल्द से जल्द अपनाने की मांग की है। यह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का एक प्रयास है।
Q3. CCIT का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- आतंकवाद को केवल आर्थिक अपराध के रूप में परिभाषित करना
- आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करना और उनसे निपटने के लिए एक सार्वभौमिक कानूनी ढांचा प्रदान करना
- केवल सीमा पार आतंकवाद पर ध्यान केंद्रित करना
- सदस्य देशों के बीच केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना
Explanation: CCIT का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद को एक सार्वभौमिक अपराध के रूप में परिभाषित करना और आतंकवाद के सभी रूपों की बिना किसी भेदभाव के निंदा करते हुए, उनसे निपटने के लिए एक व्यापक और कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय ढांचा स्थापित करना है।
Q4. भारत द्वारा CCIT को अपनाने पर ज़ोर देने का प्राथमिक कारण क्या है?
- वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देना
- अपनी विदेश नीति को मजबूत करना और सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करना
- अंतरिक्ष अन्वेषण में सहयोग बढ़ाना
- पर्यावरण संरक्षण के लिए नए नियम बनाना
Explanation: भारत, जो स्वयं दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है, CCIT को अपनाने पर ज़ोर देकर आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अपनी भूमिका निभा रहा है। यह प्रस्ताव आतंकवाद के वित्तपोषण और सीमा पार आतंकवाद को रोकने में मदद करेगा।
Q5. आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए CCIT क्या प्रावधान करता है?
- यह केवल आतंकवादियों की भर्ती पर रोक लगाता है।
- यह आतंकवाद के स्रोतों को बाधित करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए तंत्र स्थापित करता है।
- यह केवल आतंकवाद से प्रभावित देशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- यह आतंकवाद को एक राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग करने की अनुमति देता है।
Explanation: CCIT का एक प्रमुख उद्देश्य आतंकवाद के वित्तपोषण के स्रोतों को बाधित करना है। यह आतंकवादियों की भर्ती, प्रशिक्षण और उनके संचालन के लिए धन की उपलब्धता को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने का प्रयास करता है।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का 'आतंकवाद विरोध…
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