भारतीय नौसेना में छठी स्कॉर्पीन पनडुब्बी 'आईएनएस वाग्शीर' शामिल
प्रोजेक्ट-75 के तहत निर्मित छठी और अंतिम स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी 'आईएनएस वाग्शीर' को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- प्रोजेक्ट-75 के तहत निर्मित छठी और अंतिम स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी 'आईएनएस वाग्शीर' को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है।
- 'आईएनएस वाग्शीर' का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा फ्रांस के नेवल ग्रुप के तकनीकी सहयोग से किया गया है।
- यह पनडुब्बी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का एक प्रमुख उदाहरण है।
- स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली पनडुब्बी 'आईएनएस कलवरी' को 2017 में नौसेना में शामिल किया गया था।
- 'आईएनएस वाग्शीर' उन्नत स्टील्थ (चुपके) क्षमताओं, लंबी दूरी की गाइडेड टॉरपीडो और एंटी-शिप मिसाइलों से लैस है।
- यह पनडुब्बी सतह-विरोधी युद्ध, पनडुब्बी-रोधी युद्ध और खुफिया जानकारी जुटाने जैसे विविध मिशनों को अंजाम दे सकती है।
- इसकी तैनाती से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमताएं और मजबूत होंगी।
- प्रोजेक्ट-75 के तहत 6 पनडुब्बियों का निर्माण भारत और फ्रांस के बीच 2005 में हुए समझौते का हिस्सा था।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
Key Facts to Remember: भारतीय नौसेना में छठी स्कॉर्पीन पनडुब्बी 'आईएनएस वाग्शीर' शामिल
- प्रोजेक्ट-75 के तहत निर्मित छठी और अंतिम स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी 'आईएनएस वाग्शीर' को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है।
- 'आईएनएस वाग्शीर' का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा फ्रांस के नेवल ग्रुप के तकनीकी सहयोग से किया गया है।
- यह पनडुब्बी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का एक प्रमुख उदाहरण है।
- स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली पनडुब्बी 'आईएनएस कलवरी' को 2017 में नौसेना में शामिल किया गया था।
- 'आईएनएस वाग्शीर' उन्नत स्टील्थ (चुपके) क्षमताओं, लंबी दूरी की गाइडेड टॉरपीडो और एंटी-शिप मिसाइलों से लैस है।
- यह पनडुब्बी सतह-विरोधी युद्ध, पनडुब्बी-रोधी युद्ध और खुफिया जानकारी जुटाने जैसे विविध मिशनों को अंजाम दे सकती है।
- इसकी तैनाती से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमताएं और मजबूत होंगी।
- प्रोजेक्ट-75 के तहत 6 पनडुब्बियों का निर्माण भारत और फ्रांस के बीच 2005 में हुए समझौते का हिस्सा था।
Practice Questions
Q1. प्रोजेक्ट-75 के तहत भारतीय नौसेना में शामिल की गई छठी और अंतिम स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी का क्या नाम है?
- आईएनएस कलवरी
- आईएनएस वागीर
- आईएनएस वाग्शीर
- आईएनएस खांडेरी
Explanation: आईएनएस वाग्शीर प्रोजेक्ट-75 के तहत निर्मित छठी और अंतिम स्कॉर्पीन पनडुब्बी है जिसे हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। यह स्कॉर्पीन वर्ग की पनडुब्बियों की श्रृंखला में नवीनतम है।
Q2. 'आईएनएस वाग्शीर' का निर्माण किस भारतीय शिपयार्ड द्वारा किया गया है?
- हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL)
- कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL)
- मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL)
- गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE)
Explanation: आईएनएस वाग्शीर का निर्माण भारत की प्रमुख शिपयार्ड, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा किया गया है। यह भारत के रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
Q3. स्कॉर्पीन पनडुब्बी के निर्माण में किस विदेशी देश का तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है?
- रूस
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- जर्मनी
- फ्रांस
Explanation: आईएनएस वाग्शीर और प्रोजेक्ट-75 की अन्य पनडुब्बियों का निर्माण फ्रांस के नेवल ग्रुप (Naval Group) के तकनीकी सहयोग से किया गया है। यह भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण है।
Q4. 'आईएनएस वाग्शीर' किस प्रकार की पनडुब्बी है और इसकी मुख्य हथियार क्षमता क्या है?
- परमाणु-संचालित, बैलिस्टिक मिसाइल ले जाने वाली
- डीजल-इलेक्ट्रिक, टॉरपीडो और एंटी-शिप मिसाइल ले जाने वाली
- क्रूज मिसाइल ले जाने वाली, सतह पर मार करने वाली
- मानव रहित, टोही क्षमता वाली
Explanation: आईएनएस वाग्शीर एक पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है। यह लंबी दूरी की गाइडेड टॉरपीडो और एंटी-शिप मिसाइलों से लैस है, जो इसे विभिन्न प्रकार के समुद्री युद्ध अभियानों के लिए उपयुक्त बनाती है।
Q5. 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत 'आईएनएस वाग्शीर' के निर्माण का क्या महत्व है?
- यह केवल विदेशी तकनीक पर निर्भरता को दर्शाता है।
- यह भारत के रक्षा निर्यात को कम करता है।
- यह भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाता है और आयात पर निर्भरता कम करता है।
- यह नौसेना के लिए केवल एक अतिरिक्त जहाज है।
Explanation: 'आईएनएस वाग्शीर' का स्वदेशी निर्माण 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहलों के अनुरूप है। यह भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करता है, रोजगार सृजित करता है और आयात पर निर्भरता को कम करता है।
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