इसरो ने 'गगनयान-3' मिशन के लिए क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण पूरा किया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (**इसरो**) ने अपने महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन **गगनयान-3** के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए **CE-20 क्रायोजेनिक इंजन** का सफल दीर्घकालिक हॉट टेस्ट पूरा किया है। यह परीक्षण **तमिलनाडु के महेंद्रगिरि** स्थित **इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स** में किया गया, जो **LVM3** लॉन्च वाहन के ऊपरी चरण की मानव-रेटेड योग्यता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस उपलब्धि के साथ, भारत **मानव अंतरिक्ष उड़ान** क्षमता हासिल करने के करीब पहुँच गया है, जो देश की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति में एक मील का पत्थर साबित होगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- **इसरो** ने **गगनयान-3** मिशन के लिए **CE-20 क्रायोजेनिक इंजन** का सफल परीक्षण किया है।
- यह परीक्षण **इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स, महेंद्रगिरि, तमिलनाडु** में संपन्न हुआ।
- **CE-20 इंजन** **LVM3** लॉन्च वाहन के ऊपरी चरण को शक्ति प्रदान करेगा, जिसे मानव-रेटेड बनाया जा रहा है।
- परीक्षण का उद्देश्य इंजन की विश्वसनीयता और सुरक्षा को मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए सुनिश्चित करना था।
- **गगनयान मिशन** का लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को **पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO)** में भेजना और सुरक्षित वापस लाना है।
- भारत मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
- यह मिशन **आत्मनिर्भर भारत** पहल और देश की वैज्ञानिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
- **भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023** अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देती है।
- **TV-D1** जैसी परीक्षण उड़ानें **गगनयान** की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Why In News
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने हाल ही में अपने आगामी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान-3 के लिए CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का एक महत्वपूर्ण और सफल दीर्घकालिक हॉट टेस्ट पूरा किया है। यह परीक्षण इंजन को मानव-रेटेड LVM3 लॉन्च वाहन के ऊपरी चरण के लिए योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिससे भारत अपनी पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान के करीब पहुँच गया है।
Syllabus Connection
छात्रों को भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम, क्रायोजेनिक प्रौद्योगिकी के सिद्धांतों और इसके महत्व, तथा भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 के प्रमुख प्रावधानों की समीक्षा करनी चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| मिशन का नाम | गगनयान-3 | भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन और रणनीतिक महत्व। |
| इंजन का नाम | CE-20 क्रायोजेनिक इंजन | क्रायोजेनिक प्रौद्योगिकी की जटिलता और भारी-भरकम प्रक्षेपणों में इसकी भूमिका। |
| परीक्षण स्थल | इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स, महेंद्रगिरि, तमिलनाडु | भारत के अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे का भौगोलिक वितरण और क्षमता। |
| लॉन्च वाहन | LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) | LVM3 की बहुमुखी प्रतिभा और विभिन्न मिशनों में इसकी उपयोगिता। |
| उद्देश्य | मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए इंजन का योग्यता परीक्षण | अंतरिक्ष सुरक्षा, विश्वसनीयता और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने में परीक्षणों का महत्व। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
Key Facts to Remember: इसरो ने 'गगनयान-3' मिशन के लिए क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण पूरा किया
- **इसरो** ने **गगनयान-3** मिशन के लिए **CE-20 क्रायोजेनिक इंजन** का सफल परीक्षण किया है।
- यह परीक्षण **इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स, महेंद्रगिरि, तमिलनाडु** में संपन्न हुआ।
- **CE-20 इंजन** **LVM3** लॉन्च वाहन के ऊपरी चरण को शक्ति प्रदान करेगा, जिसे मानव-रेटेड बनाया जा रहा है।
- परीक्षण का उद्देश्य इंजन की विश्वसनीयता और सुरक्षा को मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए सुनिश्चित करना था।
- **गगनयान मिशन** का लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को **पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO)** में भेजना और सुरक्षित वापस लाना है।
- भारत मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
- यह मिशन **आत्मनिर्भर भारत** पहल और देश की वैज्ञानिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
- **भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023** अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देती है।
- **TV-D1** जैसी परीक्षण उड़ानें **गगनयान** की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Practice Questions
Q1. हाल ही में **गगनयान-3** मिशन के लिए **CE-20 क्रायोजेनिक इंजन** का सफल परीक्षण किस स्थान पर किया गया?
- सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा
- विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम
- इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स, महेंद्रगिरि
- यू आर राव सैटेलाइट सेंटर, बेंगलुरु
Explanation: **CE-20 क्रायोजेनिक इंजन** का परीक्षण **इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स, महेंद्रगिरि, तमिलनाडु** में किया गया था। यह केंद्र **इसरो** के तरल प्रणोदन प्रणालियों के परीक्षण के लिए समर्पित है, जबकि श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण स्थल है।
Q2. **गगनयान मिशन** के लिए उपयोग किए जाने वाले लॉन्च वाहन का नाम क्या है?
- PSLV
- GSLV Mk-II
- LVM3
- SSLV
Explanation: **गगनयान मिशन** के लिए **LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3)** रॉकेट का उपयोग किया जाएगा। यह **इसरो** का सबसे शक्तिशाली परिचालन रॉकेट है और इसे मानव-रेटेड बनाने के लिए इसमें कई संशोधन किए जा रहे हैं।
Q3. **CE-20 क्रायोजेनिक इंजन** **LVM3** रॉकेट के किस चरण में उपयोग किया जाता है?
- पहला चरण
- दूसरा चरण
- तीसरा/ऊपरी चरण
- बूस्टर चरण
Explanation: **CE-20 क्रायोजेनिक इंजन** **LVM3** लॉन्च वाहन के **तीसरे या ऊपरी चरण** को शक्ति प्रदान करता है। क्रायोजेनिक चरण अत्यधिक कम तापमान पर तरल हाइड्रोजन और तरल ऑक्सीजन जैसे प्रणोदकों का उपयोग करता है, जिससे उच्च दक्षता प्राप्त होती है।
Q4. **गगनयान मिशन** का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- चंद्रमा पर मानव रहित रोवर भेजना
- मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजना
- भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना और सुरक्षित वापस लाना
- एक नया अंतरिक्ष दूरबीन स्थापित करना
Explanation: **गगनयान मिशन** का मुख्य उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को **पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO)** में भेजना और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है। यह भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
Q5. **भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023** का एक महत्वपूर्ण पहलू क्या है?
- केवल सरकारी एजेंसियों के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र को आरक्षित करना
- निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रतिबंधित करना
- अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी उद्योग की भूमिका को बढ़ावा देना
- केवल रक्षा उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करना
Explanation: **भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023** का एक प्रमुख उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी उद्योग की भूमिका को बढ़ावा देना है। यह नीति **इसरो** को अनुसंधान और विकास पर ध्यान केंद्रित करने और निजी कंपनियों को परिचालन गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करती है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — इसरो ने 'गगनयान-3' मिशन के लिए क्रायोजेनिक इंजन क…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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