इसरो का 'गगनयान-2' मिशन: मानव रहित परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक संपन्न
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान कार्यक्रम के तहत दूसरी मानव रहित परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ISRO ने 5 मई 2026 को 'गगनयान-2' की सफल मानव रहित परीक्षण उड़ान संपन्न की।
- मिशन का मुख्य उद्देश्य क्रू एस्केप सिस्टम और पुन: प्रवेश तकनीक का परीक्षण करना था।
- 'व्योममित्र' नामक रोबोटिक पेलोड को इस परीक्षण उड़ान में अंतरिक्ष में भेजा गया।
- अंतरिक्ष यान को सुरक्षित रूप से बंगाल की खाड़ी में अवतरित कराया गया।
- यह सफलता भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान-1' के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
- 'गगनयान-1' के 2027 तक लॉन्च होने की उम्मीद है, जिससे भारत मानव अंतरिक्ष उड़ान भरने वाले देशों के विशिष्ट समूह में शामिल हो जाएगा।
- गगनयान कार्यक्रम को 2018 में भारत सरकार की मंजूरी मिली थी।
- यह मिशन भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता और नवाचार को दर्शाता है।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
Key Facts to Remember: इसरो का 'गगनयान-2' मिशन: मानव रहित परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक संपन्न
- ISRO ने 5 मई 2026 को 'गगनयान-2' की सफल मानव रहित परीक्षण उड़ान संपन्न की।
- मिशन का मुख्य उद्देश्य क्रू एस्केप सिस्टम और पुन: प्रवेश तकनीक का परीक्षण करना था।
- 'व्योममित्र' नामक रोबोटिक पेलोड को इस परीक्षण उड़ान में अंतरिक्ष में भेजा गया।
- अंतरिक्ष यान को सुरक्षित रूप से बंगाल की खाड़ी में अवतरित कराया गया।
- यह सफलता भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान-1' के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
- 'गगनयान-1' के 2027 तक लॉन्च होने की उम्मीद है, जिससे भारत मानव अंतरिक्ष उड़ान भरने वाले देशों के विशिष्ट समूह में शामिल हो जाएगा।
- गगनयान कार्यक्रम को 2018 में भारत सरकार की मंजूरी मिली थी।
- यह मिशन भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता और नवाचार को दर्शाता है।
Practice Questions
Q1. 'गगनयान-2' मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजे गए रोबोटिक पेलोड का नाम क्या है?
- मित्र-1
- व्योममित्र
- अंतरिक्ष-मित्र
- मानव-रोबो
Explanation: 'गगनयान-2' मिशन में 'व्योममित्र' नामक एक उन्नत अर्ध-मानव रोबोटिक पेलोड को अंतरिक्ष में भेजा गया था। इसका उद्देश्य मानव अंतरिक्ष यात्रियों के लिए परीक्षण करना और डेटा एकत्र करना था।
Q2. 'गगनयान-2' मिशन की सफल परीक्षण उड़ान किस तारीख को संपन्न हुई?
- 15 अगस्त 2025
- 5 मई 2026
- 10 जनवरी 2027
- 20 नवंबर 2025
Explanation: 'गगनयान-2' मिशन की सफल मानव रहित परीक्षण उड़ान 5 मई 2026 को संपन्न हुई। यह गगनयान कार्यक्रम की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था।
Q3. 'गगनयान' कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य क्या है?
- चंद्रमा पर मानव भेजना
- मंगल ग्रह पर रोवर उतारना
- भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना
- एक नया अंतरिक्ष टेलीस्कोप लॉन्च करना
Explanation: 'गगनयान' कार्यक्रम का मुख्य और प्राथमिक लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें पृथ्वी पर वापस लाना है। यह भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन होगा।
Q4. 'गगनयान-2' मिशन में किस महत्वपूर्ण प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया?
- संचार प्रणाली
- क्रू एस्केप सिस्टम
- सौर ऊर्जा प्रणाली
- लैंडिंग गियर प्रणाली
Explanation: 'गगनयान-2' मिशन का एक मुख्य उद्देश्य क्रू एस्केप सिस्टम (Crew Escape System) और पुन: प्रवेश (Re-entry) तकनीक की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था। यह सुनिश्चित करता है कि आपातकाल की स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।
Q5. भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन, 'गगनयान-1' के कब तक लॉन्च होने की उम्मीद है?
- 2025
- 2026
- 2027
- 2028
Explanation: हालिया परीक्षणों की सफलता के बाद, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को उम्मीद है कि 'गगनयान-1', भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन, 2027 तक लॉन्च हो जाएगा। यह भारत को मानव अंतरिक्ष उड़ान भरने वाले देशों के विशिष्ट समूह में शामिल करेगा।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — इसरो का 'गगनयान-2' मिशन: मानव रहित परीक्षण उड़ान…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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