इसरो का 'गगनयान-2' मिशन: मानव रहित परीक्षण उड़ान सफल
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान कार्यक्रम के तहत अपनी दूसरी मानव रहित परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की।
2-Minute Summary (TL;DR)
- इसरो ने 7 मई 2026 को गगनयान-2 (दूसरी मानव रहित परीक्षण उड़ान) का सफल प्रक्षेपण किया।
- मिशन का मुख्य उद्देश्य क्रू मॉड्यूल की सुरक्षा, जीवन रक्षक प्रणालियों और पुनः प्रवेश तकनीकों का परीक्षण करना था।
- 'व्योममित्र' नामक एक उन्नत रोबोटिक एस्ट्रोनॉट को इस मिशन में अंतरिक्ष में भेजा गया।
- प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-XL रॉकेट का उपयोग करके किया गया।
- यह मिशन भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन (गगनयान-1) की तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- गगनयान कार्यक्रम का शुभारंभ वर्ष 2018 में हुआ था।
- इसरो के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने मिशन की सफलता की पुष्टि की।
- यह सफलता भारत को अंतरिक्ष अन्वेषण में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करेगी।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
Key Facts to Remember: इसरो का 'गगनयान-2' मिशन: मानव रहित परीक्षण उड़ान सफल
- इसरो ने 7 मई 2026 को गगनयान-2 (दूसरी मानव रहित परीक्षण उड़ान) का सफल प्रक्षेपण किया।
- मिशन का मुख्य उद्देश्य क्रू मॉड्यूल की सुरक्षा, जीवन रक्षक प्रणालियों और पुनः प्रवेश तकनीकों का परीक्षण करना था।
- 'व्योममित्र' नामक एक उन्नत रोबोटिक एस्ट्रोनॉट को इस मिशन में अंतरिक्ष में भेजा गया।
- प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-XL रॉकेट का उपयोग करके किया गया।
- यह मिशन भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन (गगनयान-1) की तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- गगनयान कार्यक्रम का शुभारंभ वर्ष 2018 में हुआ था।
- इसरो के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने मिशन की सफलता की पुष्टि की।
- यह सफलता भारत को अंतरिक्ष अन्वेषण में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करेगी।
Practice Questions
Q1. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा 7 मई 2026 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित दूसरी मानव रहित परीक्षण उड़ान का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- चंद्रमा पर मानव को भेजना
- क्रू मॉड्यूल की सुरक्षा और पुनः प्रवेश तकनीकों का परीक्षण करना
- मंगल ग्रह पर रोवर उतारना
- एक नया संचार उपग्रह स्थापित करना
Explanation: इस मिशन का प्राथमिक उद्देश्य क्रू मॉड्यूल की सुरक्षा, जीवन रक्षक प्रणालियों और पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश के दौरान उसकी स्थिरता का गहन परीक्षण करना था। यह भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन की तैयारी का हिस्सा था।
Q2. गगनयान-2 मिशन में अंतरिक्ष में भेजे गए रोबोटिक एस्ट्रोनॉट का क्या नाम था?
- प्रज्ञान
- मित्र
- व्योममित्र
- विक्रम
Explanation: इसरो ने गगनयान-2 मिशन में 'व्योममित्र' नामक एक उन्नत रोबोटिक एस्ट्रोनॉट को अंतरिक्ष में भेजा था। 'व्योममित्र' को विशेष रूप से मानवयुक्त मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Q3. गगनयान-2 मिशन का प्रक्षेपण किस रॉकेट का उपयोग करके किया गया?
- GSLV Mk III
- PSLV-XL
- SSLV
- RSLV
Explanation: गगनयान-2 मिशन का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-XL रॉकेट का उपयोग करके किया गया था। PSLV-XL अपनी विश्वसनीयता के लिए जाना जाता है।
Q4. भारत के गगनयान कार्यक्रम का शुभारंभ किस वर्ष हुआ था?
- 2016
- 2018
- 2020
- 2022
Explanation: भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ वर्ष 2018 में हुआ था। इस कार्यक्रम का लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना है।
Q5. गगनयान-2 मिशन की सफलता भारत को अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में किन देशों की श्रेणी में शामिल करती है?
- केवल एशियाई देशों
- संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों
- केवल यूरोपीय देशों
- सभी देशों से आगे
Explanation: गगनयान-2 मिशन की सफलता भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल करती है जिन्होंने मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन की क्षमता विकसित की है, जैसे कि संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — इसरो का 'गगनयान-2' मिशन: मानव रहित परीक्षण उड़ान…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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