इसरो का 'शुक्रयान-1' मिशन: प्रक्षेपण की तैयारी तेज
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्र ग्रह के अध्ययन के लिए अपने आगामी मिशन की रूपरेखा साझा की है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- इसरो का 'शुक्रयान-1' मिशन शुक्र ग्रह के वायुमंडल और भूविज्ञान का अध्ययन करेगा।
- मिशन को जीएसएलवी मार्क II या एलवीएम3 (जीएसएलवी मार्क III) रॉकेट से प्रक्षेपित किया जाएगा।
- शुक्र ग्रह का वातावरण अत्यंत घना और गर्म है, सतह का तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस है।
- यह मिशन भारत की अंतरग्रहीय अन्वेषण क्षमताओं का विस्तार करेगा।
- मिशन शुक्र की सतह के नीचे की संरचना और ज्वालामुखीय गतिविधियों की जांच करेगा।
- शुक्रयान-1 में फॉस्फीन (PH3) गैस की उपस्थिति जैसी संभावित जैविक संकेतों की जांच भी शामिल हो सकती है।
- मिशन की अवधि लगभग 4 पृथ्वी वर्ष होने की उम्मीद है।
- यह भारत का पहला शुक्र-केंद्रित अंतरग्रहीय मिशन होगा।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
Key Facts to Remember: इसरो का 'शुक्रयान-1' मिशन: प्रक्षेपण की तैयारी तेज
- इसरो का 'शुक्रयान-1' मिशन शुक्र ग्रह के वायुमंडल और भूविज्ञान का अध्ययन करेगा।
- मिशन को जीएसएलवी मार्क II या एलवीएम3 (जीएसएलवी मार्क III) रॉकेट से प्रक्षेपित किया जाएगा।
- शुक्र ग्रह का वातावरण अत्यंत घना और गर्म है, सतह का तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस है।
- यह मिशन भारत की अंतरग्रहीय अन्वेषण क्षमताओं का विस्तार करेगा।
- मिशन शुक्र की सतह के नीचे की संरचना और ज्वालामुखीय गतिविधियों की जांच करेगा।
- शुक्रयान-1 में फॉस्फीन (PH3) गैस की उपस्थिति जैसी संभावित जैविक संकेतों की जांच भी शामिल हो सकती है।
- मिशन की अवधि लगभग 4 पृथ्वी वर्ष होने की उम्मीद है।
- यह भारत का पहला शुक्र-केंद्रित अंतरग्रहीय मिशन होगा।
Practice Questions
Q1. 'शुक्रयान-1' मिशन किस भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा संचालित किया जा रहा है?
- एडीआरडीई (ADRDE)
- इसरो (ISRO)
- डीआरडीओ (DRDO)
- एईएस (AES)
Explanation: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 'शुक्रयान-1' मिशन का संचालन कर रहा है। यह मिशन शुक्र ग्रह के वायुमंडल और भूविज्ञान का अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Q2. 'शुक्रयान-1' मिशन के लिए किस प्रक्षेपण यान का उपयोग किए जाने की संभावना है?
- पीएसएलवी (PSLV)
- जीएसएलवी मार्क II या एलवीएम3 (LVM3)
- एसएलवी (SLV)
- ए एस एल वी (ASLV)
Explanation: इसरो 'शुक्रयान-1' मिशन को जीएसएलवी मार्क II या एलवीएम3 (जिसे पहले जीएसएलवी मार्क III के नाम से जाना जाता था) रॉकेट का उपयोग करके प्रक्षेपित करने की योजना बना रहा है। ये भारत के सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यान हैं।
Q3. शुक्र ग्रह को अक्सर पृथ्वी की 'जुड़वां बहन' क्यों कहा जाता है?
- क्योंकि दोनों ग्रहों पर जीवन मौजूद है।
- क्योंकि दोनों का आकार और द्रव्यमान लगभग समान है।
- क्योंकि दोनों ग्रहों पर पानी की प्रचुरता है।
- क्योंकि दोनों ग्रहों का वायुमंडल समान है।
Explanation: शुक्र को पृथ्वी की 'जुड़वां बहन' कहा जाता है क्योंकि इसका आकार, द्रव्यमान और घनत्व पृथ्वी के समान है। हालांकि, इसके वातावरण और सतह की स्थिति पृथ्वी से बहुत अलग है।
Q4. 'शुक्रयान-1' मिशन का एक प्रमुख वैज्ञानिक उद्देश्य क्या है?
- मंगल ग्रह पर जीवन के प्रमाण खोजना।
- शुक्र ग्रह के वायुमंडल और भूविज्ञान का अध्ययन करना।
- बृहस्पति के चंद्रमाओं पर पानी की खोज करना।
- सौर मंडल के बाहर ग्रहों का पता लगाना।
Explanation: 'शुक्रयान-1' मिशन का मुख्य वैज्ञानिक लक्ष्य शुक्र ग्रह के जटिल वायुमंडल, सतह की भूवैज्ञानिक विशेषताओं और उसके विकास के इतिहास का गहन अध्ययन करना है।
Q5. शुक्र ग्रह का औसत सतह तापमान लगभग कितना है, जो इसे सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह बनाता है?
- 150 डिग्री सेल्सियस
- 250 डिग्री सेल्सियस
- 462 डिग्री सेल्सियस
- 600 डिग्री सेल्सियस
Explanation: शुक्र ग्रह का औसत सतह तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस (864 डिग्री फारेनहाइट) है, जो इसके घने कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण के कारण ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण होता है। यह इसे सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह बनाता है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — इसरो का 'शुक्रयान-1' मिशन: प्रक्षेपण की तैयारी तेज
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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