इसरो का शुक्रयान-1 मिशन: वीनस के वातावरण के अध्ययन की तैयारी
इसरो ने अपने आगामी शुक्र मिशन 'शुक्रयान-1' के लिए पेलोड चयन और लॉन्च विंडो की घोषणा की है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- इसरो का पहला शुक्र मिशन 'शुक्रयान-1' 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लॉन्च होने की संभावना है।
- मिशन का मुख्य उद्देश्य शुक्र ग्रह की सतह और घने वातावरण का विस्तृत अध्ययन करना है।
- शुक्र का सतह का तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस और वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी से 92 गुना अधिक है।
- शुक्र का वातावरण मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड से बना है, जो अत्यधिक ग्रीनहाउस प्रभाव पैदा करता है।
- 'शुक्रयान-1' में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित वैज्ञानिक पेलोड शामिल होंगे।
- यह मिशन भारत के मंगलयान और चंद्रयान जैसे सफल अंतरग्रहीय मिशनों की श्रृंखला का हिस्सा है।
- मिशन शुक्र के अतीत में संभावित जीवन की संभावनाओं और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में मदद करेगा।
- यह मिशन भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताओं को और मजबूत करेगा।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
Key Facts to Remember: इसरो का शुक्रयान-1 मिशन: वीनस के वातावरण के अध्ययन की तैयारी
- इसरो का पहला शुक्र मिशन 'शुक्रयान-1' 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लॉन्च होने की संभावना है।
- मिशन का मुख्य उद्देश्य शुक्र ग्रह की सतह और घने वातावरण का विस्तृत अध्ययन करना है।
- शुक्र का सतह का तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस और वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी से 92 गुना अधिक है।
- शुक्र का वातावरण मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड से बना है, जो अत्यधिक ग्रीनहाउस प्रभाव पैदा करता है।
- 'शुक्रयान-1' में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित वैज्ञानिक पेलोड शामिल होंगे।
- यह मिशन भारत के मंगलयान और चंद्रयान जैसे सफल अंतरग्रहीय मिशनों की श्रृंखला का हिस्सा है।
- मिशन शुक्र के अतीत में संभावित जीवन की संभावनाओं और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में मदद करेगा।
- यह मिशन भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताओं को और मजबूत करेगा।
Practice Questions
Q1. 'शुक्रयान-1' मिशन किस भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा संचालित किया जाएगा?
- एडीआरडीई (ADRDE)
- इसरो (ISRO)
- डीआरडीओ (DRDO)
- एनआईई (NIE)
Explanation: शुक्रयान-1 मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा संचालित किया जाएगा। इसरो भारत की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी है जो इस तरह के अंतरग्रहीय मिशनों की योजना और कार्यान्वयन करती है।
Q2. 'शुक्रयान-1' मिशन के लिए अनुमानित लॉन्च विंडो क्या है?
- 2025 की शुरुआत
- 2026 के मध्य
- 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत
- 2028 की शुरुआत
Explanation: इसरो ने 'शुक्रयान-1' मिशन को 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लॉन्च करने की योजना बनाई है। यह लॉन्च विंडो मिशन के लिए आवश्यक कक्षीय यांत्रिकी और प्रणोदन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर चुनी गई है।
Q3. शुक्र ग्रह का सतह का औसत तापमान लगभग कितना है?
- 150 डिग्री सेल्सियस
- 250 डिग्री सेल्सियस
- 462 डिग्री सेल्सियस
- 600 डिग्री सेल्सियस
Explanation: शुक्र ग्रह अपने घने कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण के कारण अत्यधिक ग्रीनहाउस प्रभाव का अनुभव करता है, जिसके परिणामस्वरूप इसकी सतह का औसत तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
Q4. 'शुक्रयान-1' मिशन का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- शुक्र के चंद्रमाओं का अध्ययन करना
- शुक्र की सतह और घने वातावरण का विस्तृत अध्ययन करना
- शुक्र के चारों ओर एक संचार उपग्रह स्थापित करना
- शुक्र से नमूने एकत्र करके पृथ्वी पर लाना
Explanation: मिशन का मुख्य उद्देश्य शुक्र ग्रह की सतह की स्थलाकृति, भूविज्ञान और इसके अत्यधिक घने, जहरीले वातावरण की संरचना, तापमान और गतिशीलता का विस्तृत अध्ययन करना है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'शुक्रयान-1' मिशन के संदर्भ में सही नहीं है?
- यह इसरो का पहला शुक्र मिशन होगा।
- मिशन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित पेलोड शामिल होंगे।
- यह मिशन 2024 में लॉन्च किया जाएगा।
- यह मिशन शुक्र के वायुमंडल के अध्ययन पर केंद्रित होगा।
Explanation: यह कथन कि मिशन 2024 में लॉन्च किया जाएगा, गलत है। 'शुक्रयान-1' मिशन के लिए अनुमानित लॉन्च विंडो 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत है, न कि 2024।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — इसरो का शुक्रयान-1 मिशन: वीनस के वातावरण के अध्यय…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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