ISRO द्वारा 'पृथ्वी अवलोकन उपग्रह-07' (EOS-07) का सफल प्रक्षेपण: कृषि और आपदा प्रबंधन में नई क्रांति
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 'पृथ्वी अवलोकन उपग्रह-07' (EOS-07) का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। यह उपग्रह कृषि, वानिकी, जल संसाधन प्रबंधन और आपदा निगरानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजरी और डेटा प्रदान करेगा। यह प्रक्षेपण भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को और मजबूत करेगा और विभिन्न विकासात्मक अनुप्रयोगों में योगदान देगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ISRO ने 31 मई, 2026 को 'पृथ्वी अवलोकन उपग्रह-07' (EOS-07) का सफल प्रक्षेपण किया।
- प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C60 द्वारा किया गया।
- EOS-07 को 500 किलोमीटर की सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा (SSPO) में स्थापित किया गया है।
- उपग्रह का वजन लगभग 1800 किलोग्राम है और इसका मिशन जीवनकाल 5 वर्ष है।
- इसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन मल्टी-स्पेक्ट्रल कैमरा और सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) जैसे उन्नत सेंसर लगे हैं।
- यह कृषि, वानिकी, जल संसाधन, शहरी नियोजन और आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा।
- मिशन में 'अंकुर' (निजी भारतीय स्टार्टअप) और 'स्प्रिंगसैट' (अंतर्राष्ट्रीय ग्राहक) नामक दो सह-यात्री उपग्रह भी थे।
- PSLV-C60 की यह 60वीं सफल उड़ान थी, जो इसकी विश्वसनीयता को दर्शाती है।
- ISRO के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ हैं।
- EOS-07 भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' और 'स्पेस डिप्लोमेसी' पहलों का समर्थन करता है।
Why In News
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 31 मई, 2026 को अपने नवीनतम पृथ्वी अवलोकन उपग्रह, EOS-07, को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह प्रक्षेपण भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो कृषि उत्पादकता बढ़ाने, प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी करने और शहरी नियोजन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा, जिससे यह वर्तमान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक प्रमुख खबर बन गई है।
Syllabus Connection
यह लेख भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों के महत्व, उनके अनुप्रयोगों (कृषि, आपदा प्रबंधन) और अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी के बारे में है। छात्रों को ISRO की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| उपग्रह का नाम | पृथ्वी अवलोकन उपग्रह-07 (EOS-07) | पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों का कृषि और आपदा प्रबंधन में महत्व। |
| प्रक्षेपण यान | PSLV-C60 (60वीं उड़ान) | PSLV की विश्वसनीयता और भारत की प्रक्षेपण क्षमताओं का वैश्विक महत्व। |
| मुख्य उपकरण | SAR, मल्टी-स्पेक्ट्रल कैमरा | SAR प्रौद्योगिकी की विशिष्टता और इसके बहुमुखी अनुप्रयोग। |
| अनुप्रयोग क्षेत्र | कृषि, जल, आपदा प्रबंधन | सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका। |
| निजी भागीदारी | 'अंकुर' सह-यात्री उपग्रह | भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र में निजीकरण का बढ़ता महत्व और चुनौतियाँ। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Banking (IBPS / SBI) | Low | 1–2 | Occasionally tested via banking technology, fintech, or climate-science crossovers. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | Space missions, defence acquisitions, and health research appear regularly. |
Key Facts to Remember: ISRO द्वारा 'पृथ्वी अवलोकन उपग्रह-07' (EOS-07) का सफल प्रक्षेपण: कृषि और आपदा प्रबंधन में नई क्रांति
- ISRO ने 31 मई, 2026 को 'पृथ्वी अवलोकन उपग्रह-07' (EOS-07) का सफल प्रक्षेपण किया।
- प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C60 द्वारा किया गया।
- EOS-07 को 500 किलोमीटर की सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा (SSPO) में स्थापित किया गया है।
- उपग्रह का वजन लगभग 1800 किलोग्राम है और इसका मिशन जीवनकाल 5 वर्ष है।
- इसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन मल्टी-स्पेक्ट्रल कैमरा और सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) जैसे उन्नत सेंसर लगे हैं।
- यह कृषि, वानिकी, जल संसाधन, शहरी नियोजन और आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा।
- मिशन में 'अंकुर' (निजी भारतीय स्टार्टअप) और 'स्प्रिंगसैट' (अंतर्राष्ट्रीय ग्राहक) नामक दो सह-यात्री उपग्रह भी थे।
- PSLV-C60 की यह 60वीं सफल उड़ान थी, जो इसकी विश्वसनीयता को दर्शाती है।
- ISRO के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ हैं।
- EOS-07 भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' और 'स्पेस डिप्लोमेसी' पहलों का समर्थन करता है।
Practice Questions
Q1. हाल ही में ISRO द्वारा प्रक्षेपित 'पृथ्वी अवलोकन उपग्रह-07' (EOS-07) को किस प्रक्षेपण यान द्वारा कक्षा में स्थापित किया गया?
- GSLV Mk-III
- PSLV-C60
- SSLV-D2
- रोहिणी RS-1
Explanation: EOS-07 को ISRO के विश्वसनीय ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) के C60 संस्करण द्वारा सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। PSLV ISRO का एक बहुमुखी और विश्वसनीय प्रक्षेपण यान है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों के लिए किया जाता है।
Q2. EOS-07 उपग्रह को किस प्रकार की कक्षा में स्थापित किया गया है?
- भू-स्थिर कक्षा (GEO)
- भू-तुल्यकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO)
- सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा (SSPO)
- निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO)
Explanation: EOS-07 को 500 किलोमीटर की ऊंचाई पर सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा (SSPO) में स्थापित किया गया है। पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों के लिए SSPO एक आदर्श कक्षा है क्योंकि यह उपग्रह को पृथ्वी के एक ही क्षेत्र पर दिन के एक ही समय में बार-बार गुजरने की अनुमति देती है, जिससे लगातार निगरानी संभव होती है।
Q3. EOS-07 में निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण सभी मौसम की स्थिति में पृथ्वी की सतह की इमेजरी प्राप्त करने में सक्षम है?
- मल्टी-स्पेक्ट्रल कैमरा
- हाइपर-स्पेक्ट्रल कैमरा
- सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR)
- थर्मल इन्फ्रारेड सेंसर
Explanation: सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) एक ऐसा उपकरण है जो दिन और रात, साथ ही सभी मौसम की स्थिति में (बादलों या धुंध के बावजूद) पृथ्वी की सतह की उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजरी प्राप्त करने में सक्षम है। यह इसे पृथ्वी अवलोकन के लिए एक अत्यंत मूल्यवान उपकरण बनाता है।
Q4. EOS-07 के साथ प्रक्षेपित निजी भारतीय स्टार्टअप द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी प्रदर्शक उपग्रह का नाम क्या है?
- प्रारंभ
- अंकुर
- ध्रुव
- पिक्सेल
Explanation: EOS-07 के साथ 'अंकुर' नामक एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक उपग्रह भी प्रक्षेपित किया गया, जिसे एक निजी भारतीय स्टार्टअप द्वारा विकसित किया गया है। यह भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने की सरकार की नीति का एक उदाहरण है।
Q5. ISRO की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- 1962
- 1969
- 1972
- 1980
Explanation: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना 15 अगस्त, 1969 को हुई थी। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का विकास और इसे राष्ट्रीय आवश्यकताओं के लिए उपयोग करना था, और तब से इसने भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — ISRO द्वारा 'पृथ्वी अवलोकन उपग्रह-07' (EOS-07) का…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
Related Current Affairs
Test Your Knowledge on Today's Current Affairs
10 questions · 10 minutes · Based on today's GK updates. See how prepared you really are.
Start Daily Quiz