इसरो का 'शुक्रयान-1' मिशन लॉन्च के लिए तैयार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने पहले शुक्र मिशन 'शुक्रयान-1' के प्रक्षेपण की तैयारी पूरी कर ली है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ISRO का 'शुक्रयान-1' शुक्र ग्रह के वातावरण और भूविज्ञान का अध्ययन करने वाला पहला भारतीय मिशन है।
- मिशन में सतह के नीचे की परतों की जांच के लिए एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) शामिल है।
- इसका मुख्य उद्देश्य शुक्र के अत्यधिक गर्म और जहरीले वातावरण के कारणों को समझना है।
- यह मिशन भारत को शुक्र का अन्वेषण करने वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल करेगा।
- मिशन का प्रक्षेपण 2026 तक टाला जा सकता है।
- शुक्र ग्रह सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह है, जिसका सतह का तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस है।
- यह मिशन पृथ्वी के जलवायु परिवर्तन के अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण डेटा प्रदान कर सकता है।
- मिशन की अनुमानित लागत लगभग ₹700 करोड़ है।
- यह भारत की अंतरग्रहीय अन्वेषण क्षमताओं को मजबूत करेगा और STEM शिक्षा को बढ़ावा देगा।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
Key Facts to Remember: इसरो का 'शुक्रयान-1' मिशन लॉन्च के लिए तैयार
- ISRO का 'शुक्रयान-1' शुक्र ग्रह के वातावरण और भूविज्ञान का अध्ययन करने वाला पहला भारतीय मिशन है।
- मिशन में सतह के नीचे की परतों की जांच के लिए एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) शामिल है।
- इसका मुख्य उद्देश्य शुक्र के अत्यधिक गर्म और जहरीले वातावरण के कारणों को समझना है।
- यह मिशन भारत को शुक्र का अन्वेषण करने वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल करेगा।
- मिशन का प्रक्षेपण 2026 तक टाला जा सकता है।
- शुक्र ग्रह सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह है, जिसका सतह का तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस है।
- यह मिशन पृथ्वी के जलवायु परिवर्तन के अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण डेटा प्रदान कर सकता है।
- मिशन की अनुमानित लागत लगभग ₹700 करोड़ है।
- यह भारत की अंतरग्रहीय अन्वेषण क्षमताओं को मजबूत करेगा और STEM शिक्षा को बढ़ावा देगा।
Practice Questions
Q1. 'शुक्रयान-1' मिशन किस भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा लॉन्च किया जाएगा?
- DRDO
- ISRO
- HAL
- BEL
Explanation: शुक्रयान-1 मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा लॉन्च किया जाएगा, जो भारत की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी है। DRDO रक्षा अनुसंधान में, HAL विमान निर्माण में और BEL इलेक्ट्रॉनिक्स में विशेषज्ञता रखती है।
Q2. 'शुक्रयान-1' मिशन का प्राथमिक वैज्ञानिक उद्देश्य क्या है?
- मंगल ग्रह पर जीवन की खोज करना
- शुक्र ग्रह के वातावरण और भूविज्ञान का अध्ययन करना
- चंद्रमा की सतह का विस्तृत नक्शा बनाना
- सूर्य के कोरोना का अध्ययन करना
Explanation: शुक्रयान-1 का मुख्य उद्देश्य शुक्र ग्रह के अत्यधिक ग्रीनहाउस प्रभाव, वातावरण की संरचना और भूवैज्ञानिक विशेषताओं का अध्ययन करना है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि वे मिशन के उद्देश्यों से संबंधित नहीं हैं।
Q3. शुक्रयान-1 मिशन में कौन सा प्रमुख वैज्ञानिक उपकरण शामिल है जो सतह के नीचे की परतों की जांच करेगा?
- ऑप्टिकल टेलीस्कोप
- स्पेक्ट्रोमीटर
- सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR)
- मैग्नेटोमीटर
Explanation: मिशन में एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) शामिल है, जो घने बादलों को भेदकर शुक्र की सतह और उसके नीचे की भूवैज्ञानिक संरचनाओं का अध्ययन करने में सक्षम है।
Q4. शुक्र ग्रह को सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह क्यों माना जाता है?
- यह सूर्य के सबसे करीब है।
- इसमें अत्यधिक मात्रा में मीथेन गैस है।
- इसके वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता के कारण तीव्र ग्रीनहाउस प्रभाव होता है।
- इसकी सतह पर सक्रिय ज्वालामुखी बहुत अधिक हैं।
Explanation: शुक्र का वातावरण मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड से बना है, जो एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है। यह गैस सूर्य की गर्मी को रोक लेती है, जिससे सतह का तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है।
Q5. 'शुक्रयान-1' मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद, भारत शुक्र ग्रह पर अन्वेषण करने वाले कितने देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा?
- पहले
- दूसरे
- तीसरे
- चुनिंदा देशों की श्रेणी में
Explanation: यह मिशन भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल करेगा जिन्होंने शुक्र ग्रह पर सफलतापूर्वक अन्वेषण मिशन भेजे हैं, जैसे कि संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और जापान।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — इसरो का 'शुक्रयान-1' मिशन लॉन्च के लिए तैयार
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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