भारत में न्यायिक सुधार और 'डिजिटल न्याय' का भविष्य: ई-कोर्ट परियोजना का तीसरा चरण
भारत सरकार ने ई-कोर्ट परियोजना के तीसरे चरण को गति प्रदान की है, जिसका उद्देश्य भारतीय न्यायपालिका को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। यह पहल न्यायिक प्रक्रियाओं में देरी को कम करने और आम नागरिकों के लिए न्याय की सुलभता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- ई-कोर्ट परियोजना की शुरुआत 2007 में हुई थी।
- तीसरे चरण का मुख्य उद्देश्य AI और क्लाउड कंप्यूटिंग का एकीकरण है।
- NJDG का पूर्ण रूप नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड है।
- ई-समिति सर्वोच्च न्यायालय के अधीन कार्य करती है।
- अनुच्छेद 39A मुफ्त कानूनी सहायता और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करता है।
- ई-फाइलिंग 3.0 वकीलों को कहीं से भी मुकदमा दायर करने की अनुमति देता है।
- न्याय-क्लाउड डेटा सुरक्षा के लिए एक समर्पित सर्वर नेटवर्क है।
- अनुवाद उपकरण का उपयोग अदालती आदेशों के क्षेत्रीय अनुवाद के लिए होता है।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 न्यायिक डेटा की सुरक्षा करता है।
- भारतनेट परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी प्रदान कर रही है।
Why In News
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने निचली अदालतों में डिजिटल बुनियादी ढांचे के एकीकरण के लिए एक नई समयसीमा जारी की है, जो ई-कोर्ट परियोजना के तीसरे चरण के कार्यान्वयन को अनिवार्य बनाती है। यह निर्णय लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्यायिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत बदलाव है।
Syllabus Connection
न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और उसमें सुधार के लिए तकनीकी हस्तक्षेप (ई-गवर्नेंस)।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| What | ई-कोर्ट परियोजना का तीसरा चरण | न्यायिक सुधारों में तकनीक की भूमिका और चुनौतियां |
| Who | सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति | न्यायपालिका की स्वतंत्रता और जवाबदेही |
| Why | लंबित मामलों को कम करना | न्याय तक पहुंच और डिजिटल विभाजन |
| How | AI, क्लाउड, और डेटा ग्रिड | न्यायिक पारदर्शिता और साइबर सुरक्षा |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
| State PCS / PSC | High | 5–10 | State PCS papers test both central and state government structures. |
Key Facts to Remember: भारत में न्यायिक सुधार और 'डिजिटल न्याय' का भविष्य: ई-कोर्ट परियोजना का तीसरा चरण
- ई-कोर्ट परियोजना की शुरुआत 2007 में हुई थी।
- तीसरे चरण का मुख्य उद्देश्य AI और क्लाउड कंप्यूटिंग का एकीकरण है।
- NJDG का पूर्ण रूप नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड है।
- ई-समिति सर्वोच्च न्यायालय के अधीन कार्य करती है।
- अनुच्छेद 39A मुफ्त कानूनी सहायता और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करता है।
- ई-फाइलिंग 3.0 वकीलों को कहीं से भी मुकदमा दायर करने की अनुमति देता है।
- न्याय-क्लाउड डेटा सुरक्षा के लिए एक समर्पित सर्वर नेटवर्क है।
- अनुवाद उपकरण का उपयोग अदालती आदेशों के क्षेत्रीय अनुवाद के लिए होता है।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 न्यायिक डेटा की सुरक्षा करता है।
- भारतनेट परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी प्रदान कर रही है।
Practice Questions
Q1. ई-कोर्ट परियोजना के तीसरे चरण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केवल अदालतों का निर्माण करना
- न्यायिक प्रणाली का पूर्ण डिजिटलीकरण और AI का एकीकरण
- वकीलों के वेतन में वृद्धि करना
- कानूनी शिक्षा को अनिवार्य बनाना
Explanation: ई-कोर्ट परियोजना का तीसरा चरण क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से न्यायिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है। यह न्यायपालिका में पारदर्शिता और दक्षता लाने का एक प्रयास है।
Q2. NJDG का पूर्ण रूप क्या है?
- National Judicial Digital Grid
- National Justice Data Group
- New Judicial Data Grid
- National Judicial Data Grid
Explanation: NJDG का अर्थ नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड है, जो भारत की अदालतों में लंबित मामलों का वास्तविक समय डेटा प्रदान करता है।
Q3. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश देता है?
- अनुच्छेद 14
- अनुच्छेद 21
- अनुच्छेद 39A
- अनुच्छेद 44
Explanation: अनुच्छेद 39A राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देता है कि कानूनी प्रणाली इस तरह से काम करे कि न्याय के अवसर सभी नागरिकों को समान रूप से मिलें।
Q4. ई-कोर्ट परियोजना के लिए नोडल एजेंसी कौन सी है?
- नीति आयोग
- सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति
- कानून और न्याय मंत्रालय
- सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
Explanation: ई-कोर्ट परियोजना का कार्यान्वयन सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति की देखरेख में किया जाता है, जो नीतिगत दिशा-निर्देश तय करती है।
Q5. ई-फाइलिंग का मुख्य लाभ क्या है?
- कागज की खपत में वृद्धि
- न्यायिक प्रक्रिया में देरी
- कहीं से भी मुकदमे दायर करने की सुविधा
- अदालतों का भौतिक दौरा अनिवार्य करना
Explanation: ई-फाइलिंग वकीलों और वादियों को भौतिक रूप से अदालत में उपस्थित हुए बिना ऑनलाइन दस्तावेज जमा करने की अनुमति देता है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है।
How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams — भारत में न्यायिक सुधार और 'डिजिटल न्याय' का भविष्…
Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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