न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भारत के नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
राष्ट्रपति ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में नियुक्त किया है। वह वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने के बाद पदभार ग्रहण करेंगे और उनका कार्यकाल भारतीय न्यायपालिका में महत्वपूर्ण सुधारों तथा लंबित मामलों के निपटान के लिए जाना जाएगा। यह नियुक्ति कॉलेजियम की सिफारिश पर संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत की गई है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) होंगे।
- उनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत की गई है।
- वह वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने के बाद पदभार ग्रहण करेंगे।
- CJI की नियुक्ति आमतौर पर सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की सिफारिश पर होती है, जिसे कॉलेजियम प्रणाली के माध्यम से अंतिम रूप दिया जाता है।
- न्यायमूर्ति खन्ना का कार्यकाल न्यायिक सुधारों और लंबित मामलों के निपटान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- CJI सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासनिक प्रमुख होते हैं और रोस्टर मास्टर के रूप में भी कार्य करते हैं।
- न्यायिक नियुक्तियों में कॉलेजियम प्रणाली एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।
- न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत होने वाले तीसरे न्यायाधीश हैं जो CJI बनेंगे।
- उनका कार्यकाल भारतीय न्यायपालिका के लिए कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और कानूनी चुनौतियों का सामना करने वाला होगा।
Why In News
भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में नियुक्त करने की आधिकारिक घोषणा की है। यह नियुक्ति वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के आगामी सेवानिवृत्ति के बाद प्रभावी होगी, जिससे न्यायपालिका के शीर्ष पद पर एक महत्वपूर्ण बदलाव सुनिश्चित होगा। इस घोषणा ने न्यायपालिका के भविष्य की दिशा और लंबित मामलों के समाधान पर उनके संभावित प्रभाव को लेकर चर्चाओं को जन्म दिया है।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया, कॉलेजियम प्रणाली, न्यायिक स्वतंत्रता और सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका से संबंधित है, जो भारतीय संवैधानिक ढांचे का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| कौन | न्यायमूर्ति संजीव खन्ना | न्यायमूर्ति खन्ना का न्यायिक दर्शन और प्रमुख निर्णय। |
| क्या | भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) की नियुक्ति। | CJI की भूमिका, शक्तियां और न्यायिक प्रशासन पर प्रभाव। |
| कब | वर्तमान CJI की सेवानिवृत्ति के बाद प्रभावी। | न्यायिक नियुक्तियों में समयबद्धता और प्रक्रियागत पारदर्शिता। |
| कैसे | राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 124(2) के तहत, कॉलेजियम की सिफारिश पर। | कॉलेजियम प्रणाली की कार्यप्रणाली, आलोचना और सुधार के सुझाव। |
| महत्व | न्यायपालिका के शीर्ष पद पर परिवर्तन। | न्यायिक स्वतंत्रता, जवाबदेही और संवैधानिक मूल्यों का संरक्षण। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 15–25 | Polity is a core UPSC subject. Both Prelims and Mains test constitutional provisions in depth. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–6 | Questions on constitutional amendments, Parliament, and schemes appear in every SSC paper. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–4 | RBI Act, banking legislation, and government policies are regularly tested. |
| State PCS / PSC | High | 5–10 | State PCS papers test both central and state government structures. |
Key Facts to Remember: न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भारत के नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
- न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) होंगे।
- उनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत की गई है।
- वह वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने के बाद पदभार ग्रहण करेंगे।
- CJI की नियुक्ति आमतौर पर सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की सिफारिश पर होती है, जिसे कॉलेजियम प्रणाली के माध्यम से अंतिम रूप दिया जाता है।
- न्यायमूर्ति खन्ना का कार्यकाल न्यायिक सुधारों और लंबित मामलों के निपटान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- CJI सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासनिक प्रमुख होते हैं और रोस्टर मास्टर के रूप में भी कार्य करते हैं।
- न्यायिक नियुक्तियों में कॉलेजियम प्रणाली एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।
- न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत होने वाले तीसरे न्यायाधीश हैं जो CJI बनेंगे।
- उनका कार्यकाल भारतीय न्यायपालिका के लिए कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और कानूनी चुनौतियों का सामना करने वाला होगा।
Practice Questions
Q1. भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति संविधान के किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?
- अनुच्छेद 124(1)
- अनुच्छेद 124(2)
- अनुच्छेद 125(1)
- अनुच्छेद 126
Explanation: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और सर्वोच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। यह अनुच्छेद न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कार्यप्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
Q2. भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति में कौन सी प्रणाली प्रमुख भूमिका निभाती है?
- संसदीय अनुमोदन प्रणाली
- कार्यकारी चयन प्रणाली
- कॉलेजियम प्रणाली
- जनमत संग्रह प्रणाली
Explanation: भारत में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति में कॉलेजियम प्रणाली प्रमुख भूमिका निभाती है। इस प्रणाली में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और चार वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं, जो नियुक्तियों के लिए नामों की सिफारिश करते हैं।
Q3. भारत के मुख्य न्यायाधीश का मुख्य कार्य क्या है?
- केवल सरकार को कानूनी सलाह देना
- संसद के सत्रों की अध्यक्षता करना
- सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासनिक प्रमुख और रोस्टर मास्टर के रूप में कार्य करना
- राज्य के राज्यपालों की नियुक्ति करना
Explanation: भारत के मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासनिक प्रमुख होते हैं। वे न केवल न्यायिक मामलों की सुनवाई करते हैं, बल्कि रोस्टर मास्टर के रूप में भी कार्य करते हैं, जिसका अर्थ है कि वे न्यायाधीशों को मामले आवंटित करते हैं और न्यायालय के कामकाज का प्रबंधन करते हैं।
Q4. न्यायमूर्ति संजीव खन्ना से पहले दिल्ली उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत होकर CJI बनने वाले अन्य न्यायाधीश कौन थे?
- न्यायमूर्ति वाई.वी. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती
- न्यायमूर्ति एम. हमीदुल्ला बेग और न्यायमूर्ति एस.एम. सीकरी
- न्यायमूर्ति आर.एम. लोढ़ा और न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर
- न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति यू.यू. ललित
Explanation: न्यायमूर्ति संजीव खन्ना दिल्ली उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत होकर CJI बनने वाले तीसरे न्यायाधीश होंगे। उनसे पहले, न्यायमूर्ति एम. हमीदुल्ला बेग और न्यायमूर्ति एस.एम. सीकरी ने भी यह उपलब्धि हासिल की थी, जो दिल्ली उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय में आए थे और बाद में CJI बने।
Q5. भारत के मुख्य न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु क्या है?
- 60 वर्ष
- 62 वर्ष
- 65 वर्ष
- 68 वर्ष
Explanation: भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों (जिसमें मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं) की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष होती है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए यह 65 वर्ष है।
How to Prepare Indian Polity & Governance for Government Exams — न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भारत के नए मुख्य न्यायाधी…
Map every news item to an Article or provision in the Constitution. This is what UPSC Prelims directly tests.
For SSC and Railway, focus on the practical side — who appoints whom, term lengths, and what each body does.
Note the date and context of any constitutional amendment or ordinance. Questions are often framed around the 'first time' or 'most recent' event.
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