नासा के जेम्स वेब टेलीस्कोप ने 'सुपर-अर्थ' पर पानी के संकेतों की खोज की
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने सौर मंडल के बाहर एक चट्टानी ग्रह के वायुमंडल में जल वाष्प के संभावित संकेतों का पता लगाया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने 'सुपर-अर्थ' ग्रह GJ 486 b के वायुमंडल में जल वाष्प के संकेत खोजे हैं।
- GJ 486 b पृथ्वी से लगभग 26 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।
- यह खोज चट्टानी ग्रहों पर वायुमंडल की स्थिरता और जीवन की संभावना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।
- JWST अवरक्त प्रकाश में अवलोकन करता है और ब्रह्मांड के शुरुआती पिंडों का अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- GJ 486 b एक 'सुपर-अर्थ' है, जिसका अर्थ है कि इसका द्रव्यमान पृथ्वी से अधिक है।
- यह ग्रह लाल बौने तारे GJ 486 की परिक्रमा करता है।
- यह खोज ब्रह्मांड में पानी की व्यापकता और जीवन की संभावना के बारे में हमारी समझ को बढ़ाती है।
- नासा, ESA और CSA JWST परियोजना में भागीदार हैं।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 5–8 | UPSC tests Science & Technology through governance: space policy, biotech regulations, cyber security. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 4–8 | Basic science, space missions, ISRO launches, and defence technology are standard SSC GK topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Very High | 6–10 | Science and Technology is one of the largest GK sections in Railway papers. |
Key Facts to Remember: नासा के जेम्स वेब टेलीस्कोप ने 'सुपर-अर्थ' पर पानी के संकेतों की खोज की
- जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने 'सुपर-अर्थ' ग्रह GJ 486 b के वायुमंडल में जल वाष्प के संकेत खोजे हैं।
- GJ 486 b पृथ्वी से लगभग 26 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।
- यह खोज चट्टानी ग्रहों पर वायुमंडल की स्थिरता और जीवन की संभावना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।
- JWST अवरक्त प्रकाश में अवलोकन करता है और ब्रह्मांड के शुरुआती पिंडों का अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- GJ 486 b एक 'सुपर-अर्थ' है, जिसका अर्थ है कि इसका द्रव्यमान पृथ्वी से अधिक है।
- यह ग्रह लाल बौने तारे GJ 486 की परिक्रमा करता है।
- यह खोज ब्रह्मांड में पानी की व्यापकता और जीवन की संभावना के बारे में हमारी समझ को बढ़ाती है।
- नासा, ESA और CSA JWST परियोजना में भागीदार हैं।
Practice Questions
Q1. नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने हाल ही में किस 'सुपर-अर्थ' ग्रह के वायुमंडल में जल वाष्प के संभावित संकेत पाए हैं?
- प्रॉक्सिमा सेंटॉरी बी
- ट्रैपिस्ट-1ई
- GJ 486 b
- केप्लर-186f
Explanation: जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने GJ 486 b नामक एक सुपर-अर्थ ग्रह के वायुमंडल में जल वाष्प के स्पेक्ट्रल संकेत पाए हैं। यह ग्रह पृथ्वी से लगभग 26 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।
Q2. GJ 486 b नामक ग्रह के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
- यह एक गैस विशालकाय ग्रह है।
- यह पृथ्वी से लगभग 26 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक चट्टानी 'सुपर-अर्थ' है।
- यह हमारे सौर मंडल के भीतर स्थित है।
- इस पर जीवन की पुष्टि हो चुकी है।
Explanation: GJ 486 b एक 'सुपर-अर्थ' है, जिसका अर्थ है कि इसका द्रव्यमान पृथ्वी से अधिक है, और यह पृथ्वी से लगभग 26 प्रकाश वर्ष दूर एक चट्टानी ग्रह है। इस पर जल वाष्प के संकेत मिले हैं, लेकिन जीवन की पुष्टि नहीं हुई है।
Q3. जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) मुख्य रूप से किस प्रकार के प्रकाश में अवलोकन करता है?
- दृश्य प्रकाश (Visible Light)
- पराबैंगनी प्रकाश (Ultraviolet Light)
- अवरक्त प्रकाश (Infrared Light)
- एक्स-रे (X-rays)
Explanation: जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप को अवरक्त (infrared) प्रकाश में अवलोकन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह क्षमता इसे धूल के बादलों के माध्यम से देखने और ब्रह्मांड के सबसे पुराने और सबसे दूर के पिंडों का पता लगाने में मदद करती है।
Q4. एक 'सुपर-अर्थ' से क्या तात्पर्य है?
- एक ऐसा ग्रह जिसका द्रव्यमान पृथ्वी से बहुत अधिक है और यह गैसों से बना है।
- एक ऐसा ग्रह जिसका द्रव्यमान पृथ्वी से अधिक है लेकिन यह नेपच्यून जैसे गैस दिग्गजों से छोटा है।
- पृथ्वी का एक कृत्रिम उपग्रह।
- एक ऐसा ग्रह जो हमारे सौर मंडल के बाहर स्थित है।
Explanation: 'सुपर-अर्थ' एक एक्सोप्लैनेट (हमारे सौर मंडल के बाहर का ग्रह) का एक वर्ग है जिसका द्रव्यमान पृथ्वी से अधिक है, लेकिन यह यूरेनस या नेपच्यून जैसे 'आइस जायंट्स' या 'गैस जायंट्स' से कम है। GJ 486 b इसी श्रेणी में आता है।
Q5. GJ 486 b के वायुमंडल में जल वाष्प की खोज का क्या महत्व है?
- यह पुष्टि करता है कि GJ 486 b पर जीवन मौजूद है।
- यह दर्शाता है कि चट्टानी ग्रह अपने वायुमंडल को बनाए रख सकते हैं, जो जीवन की संभावना के लिए महत्वपूर्ण है।
- यह बताता है कि ब्रह्मांड में पानी दुर्लभ है।
- यह केवल JWST की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करता है।
Explanation: GJ 486 b पर जल वाष्प की खोज महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इस विचार का समर्थन करती है कि चट्टानी ग्रह, यहां तक कि अपने तारे के करीब और गर्म होने पर भी, वायुमंडल को बनाए रख सकते हैं। पानी को जीवन के लिए एक आवश्यक घटक माना जाता है, इसलिए यह खोज ब्रह्मांड में जीवन की संभावना के बारे में हमारी समझ को बढ़ाती है।
How to Prepare Science & Technology for Government Exams — नासा के जेम्स वेब टेलीस्कोप ने 'सुपर-अर्थ' पर पान…
For Railway exams, make flashcards for every major ISRO launch — name, payload, purpose, date. These repeat frequently.
For SSC, focus on defence acquisitions and their strategic significance rather than technical specs.
For UPSC, connect every scientific development to policy — climate targets, digital India, health policy.
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