राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का शुभारंभ: शहरी गरीबों के लिए आजीविका सुरक्षा
भारत सरकार ने 7 जून, 2026 को राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों का सुनिश्चित मजदूरी रोजगार प्रदान करना है। यह योजना शहरी गरीबों की आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसका लक्ष्य शहरी बेरोजगारी को कम करना और आर्थिक स्थिरता लाना है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का शुभारंभ 7 जून, 2026 को किया गया।
- यह योजना शहरी गरीब परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों का गारंटीशुदा मजदूरी रोजगार प्रदान करती है।
- केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय इस योजना का नोडल मंत्रालय है।
- योजना का प्रारंभिक बजटीय आवंटन ₹25,000 करोड़ है।
- वित्तपोषण केंद्र सरकार (60%) और राज्य सरकारों (40%) के बीच साझा किया जाएगा।
- लाभार्थियों के पंजीकरण और भुगतान के लिए 'शहरी कर्मयोगी' नामक एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया गया है।
- मजदूरी का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से होगा।
- योजना के तहत कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी।
- यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) से प्रेरित है।
- NUREGS के तहत कार्य शहरी बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव से संबंधित होंगे।
- यह योजना शहरी बेरोजगारी को कम करने और आय असमानता को संबोधित करने का प्रयास करती है।
- राजस्थान की 'इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना' जैसी राज्य-स्तरीय पहल ने इस केंद्रीय योजना को प्रेरित किया।
Why In News
भारत सरकार ने 7 जून, 2026 को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) की शुरुआत की है। यह घोषणा शहरी क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी और कोविड-19 महामारी के बाद आर्थिक चुनौतियों के मद्देनजर की गई है, जिसका उद्देश्य शहरी गरीबों को एक सामाजिक सुरक्षा जाल प्रदान करना है। इस योजना का शुभारंभ देश के शहरी विकास एजेंडे में एक नई दिशा का संकेत देता है।
Syllabus Connection
यह योजना शहरी गरीबी, बेरोजगारी और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित है, जो सरकार की नीतियों और उनके कार्यान्वयन के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | शहरी गरीबों के लिए 100 दिन का गारंटीशुदा रोजगार। | शहरी बेरोजगारी, गरीबी और आय असमानता को संबोधित करने वाली एक सामाजिक सुरक्षा योजना। |
| कब शुरू हुई? | 7 जून, 2026। | कोविड-19 के बाद शहरी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के लिए। |
| वित्तपोषण | केंद्र 60%, राज्य 40%। | केंद्र-राज्य सहयोग का मॉडल; राज्यों पर वित्तीय बोझ और क्षमता निर्माण की चुनौतियाँ। |
| महत्व | शहरी बुनियादी ढांचा विकास, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण। | शहरीकरण की चुनौतियों का समाधान, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति और समावेशी विकास। |
| तुलना | MGNREGA के समान, लेकिन शहरी संदर्भ में। | ग्रामीण और शहरी रोजगार गारंटी योजनाओं के बीच अंतर, शहरी श्रम बाजार की विशिष्ट चुनौतियाँ। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 8–12 | UPSC tests implementation, target beneficiaries, and outcomes — not just scheme names. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Very High | 5–8 | Government schemes are one of the most tested topics in SSC CGL and CHSL GK sections. |
| Banking (IBPS / SBI) | High | 4–6 | Financial inclusion schemes, Jan Dhan, PMSBY, and credit guarantee schemes are key banking exam topics. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | Central government welfare schemes are a consistent Railway GK topic. |
| State PCS / PSC | Very High | 6–10 | Both central and state schemes are tested extensively in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का शुभारंभ: शहरी गरीबों के लिए आजीविका सुरक्षा
- राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का शुभारंभ 7 जून, 2026 को किया गया।
- यह योजना शहरी गरीब परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों का गारंटीशुदा मजदूरी रोजगार प्रदान करती है।
- केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय इस योजना का नोडल मंत्रालय है।
- योजना का प्रारंभिक बजटीय आवंटन ₹25,000 करोड़ है।
- वित्तपोषण केंद्र सरकार (60%) और राज्य सरकारों (40%) के बीच साझा किया जाएगा।
- लाभार्थियों के पंजीकरण और भुगतान के लिए 'शहरी कर्मयोगी' नामक एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया गया है।
- मजदूरी का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से होगा।
- योजना के तहत कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी।
- यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) से प्रेरित है।
- NUREGS के तहत कार्य शहरी बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव से संबंधित होंगे।
- यह योजना शहरी बेरोजगारी को कम करने और आय असमानता को संबोधित करने का प्रयास करती है।
- राजस्थान की 'इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना' जैसी राज्य-स्तरीय पहल ने इस केंद्रीय योजना को प्रेरित किया।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का शुभारंभ किस तिथि को किया गया?
- 7 जून, 2026
- 15 अगस्त, 2025
- 26 जनवरी, 2026
- 1 मई, 2026
Explanation: राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का शुभारंभ भारत सरकार द्वारा 7 जून, 2026 को किया गया था। यह शहरी क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल है।
Q2. NUREGS के तहत शहरी गरीब परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष में कितने दिनों का गारंटीशुदा रोजगार प्रदान किया जाएगा?
- 50 दिन
- 75 दिन
- 100 दिन
- 120 दिन
Explanation: राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और कमजोर परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 100 दिनों का सुनिश्चित मजदूरी रोजगार प्रदान करना है, ठीक MGNREGA की तरह।
Q3. NUREGS के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच वित्तपोषण का अनुपात क्या है?
- 50% केंद्र, 50% राज्य
- 60% केंद्र, 40% राज्य
- 75% केंद्र, 25% राज्य
- 40% केंद्र, 60% राज्य
Explanation: राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना के लिए प्रारंभिक आवंटन में से 60% केंद्र सरकार द्वारा और 40% राज्य सरकारों द्वारा वहन किया जाएगा। यह केंद्र-राज्य सहयोग पर आधारित एक योजना है।
Q4. NUREGS के कार्यान्वयन और लाभार्थियों के प्रबंधन के लिए कौन सा डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया गया है?
- ई-शहरी
- शहरी कर्मयोगी
- नगर सेवा
- रोजगार सेतु
Explanation: NUREGS के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए 'शहरी कर्मयोगी' नामक एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया गया है। यह पोर्टल लाभार्थियों के पंजीकरण, कार्य आवंटन, उपस्थिति रिकॉर्डिंग और मजदूरी भुगतान को ट्रैक करने में मदद करेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सी योजना NUREGS के लिए एक प्रेरणा स्रोत रही है?
- प्रधानमंत्री जन धन योजना
- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
Explanation: राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की सफलता से प्रेरित है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी का एक सफल मॉडल स्थापित किया है। NUREGS को अक्सर 'शहरी मनरेगा' के रूप में संदर्भित किया जाता है।
How to Prepare Government Schemes for Government Exams — राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी योजना (NUREGS) का शु…
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For UPSC, understand the policy objective behind the scheme — income support, housing, health insurance. The 'why' matters more than the name.
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