प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का दूसरा चरण: भारत के बुनियादी ढाँचे में क्रांतिकारी परिवर्तन
भारत सरकार ने 7 जून, 2026 को प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस चरण का उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता में और सुधार करना है, जिससे देश के आर्थिक विकास को गति मिले और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े। यह योजना विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को एकीकृत करती है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का दूसरा चरण 7 जून, 2026 को लॉन्च किया गया।
- पहले चरण का शुभारंभ 13 अक्टूबर, 2021 को हुआ था, जिसमें 16 मंत्रालयों को एकीकृत किया गया था।
- दूसरे चरण के लिए प्रारंभिक बजटीय आवंटन ₹10 लाख करोड़ प्रस्तावित किया गया है।
- इस चरण का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 200 नए मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब स्थापित करना है।
- 50,000 किलोमीटर नई सड़कों और रेलवे लाइनों का निर्माण या उन्नयन भी दूसरे चरण का हिस्सा है।
- योजना का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को GDP के 13-14% से घटाकर 8-9% तक लाना है।
- दूसरे चरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का व्यापक उपयोग किया जाएगा।
- भौतिक बुनियादी ढाँचे के साथ-साथ सामाजिक बुनियादी ढाँचे (स्कूल, अस्पताल) को भी एकीकृत किया जाएगा।
- यह योजना 'समग्र सरकार' दृष्टिकोण पर आधारित है, जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को बढ़ावा देती है।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी (PPP मॉडल) को दूसरे चरण में और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा।
- हरित बुनियादी ढाँचे और ऊर्जा दक्षता पर विशेष जोर दिया जाएगा।
- यह योजना राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और मेक इन इंडिया जैसी पहलों को मजबूत करती है।
Why In News
प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के पहले चरण की सफलता और इसके सकारात्मक परिणामों के बाद, सरकार ने 7 जून, 2026 को इसके दूसरे चरण की घोषणा की है। यह घोषणा नए लक्ष्यों, विस्तारित दायरे और अतिरिक्त बजटीय आवंटन के साथ की गई है, जिसका उद्देश्य भारत के बुनियादी ढाँचे और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को अगले स्तर पर ले जाना है।
Syllabus Connection
यह लेख भारत में बुनियादी ढाँचे के विकास, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार की 'समग्र सरकार' दृष्टिकोण वाली एक प्रमुख योजना 'प्रधानमंत्री गति शक्ति' के दूसरे चरण पर केंद्रित है। छात्रों को बुनियादी ढाँचे के महत्व, लॉजिस्टिक्स लागत के प्रभाव और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच समन्वय के बारे में समझना चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या | प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का दूसरा चरण। | बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के एकीकृत नियोजन और समन्वित निष्पादन का महत्व। |
| कब | 7 जून, 2026 को लॉन्च किया गया। | योजना के चरणों का विकास और समय के साथ इसके लक्ष्यों का विस्तार। |
| उद्देश्य | लॉजिस्टिक्स लागत कम करना, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बढ़ाना। | आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता पर योजना का व्यापक प्रभाव। |
| मुख्य विशेषताएँ | 16 मंत्रालय, ₹10 लाख करोड़ आवंटन, AI/ML उपयोग, सामाजिक बुनियादी ढाँचा। | डिजिटल प्लेटफॉर्म, 'समग्र सरकार' दृष्टिकोण और PPP मॉडल की भूमिका का विश्लेषण। |
| प्रभाव | लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, व्यापार करने में आसानी में सुधार। | भारत की अर्थव्यवस्था, निर्यात और आत्मनिर्भरता लक्ष्यों पर दीर्घकालिक प्रभाव का मूल्यांकन। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | Budget highlights, GDP data, and government economic schemes appear in SSC CGL GK section. |
| Banking (IBPS / SBI) | Very High | 6–10 | RBI policy, inflation, CRR/SLR, monetary committee decisions — banking exams test the full spectrum. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | Medium | 2–3 | Railway papers focus on budget allocations, flagship schemes, and GDP milestones. |
| UPSC / State PCS | High | 10–20 | Economy is a core UPSC subject. Economic Survey, budget, and policy changes are heavily tested. |
| State PCS / PSC | High | 4–8 | State budget, MSME, agriculture policy, and banking data are common in state PCS papers. |
Key Facts to Remember: प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का दूसरा चरण: भारत के बुनियादी ढाँचे में क्रांतिकारी परिवर्तन
- प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का दूसरा चरण 7 जून, 2026 को लॉन्च किया गया।
- पहले चरण का शुभारंभ 13 अक्टूबर, 2021 को हुआ था, जिसमें 16 मंत्रालयों को एकीकृत किया गया था।
- दूसरे चरण के लिए प्रारंभिक बजटीय आवंटन ₹10 लाख करोड़ प्रस्तावित किया गया है।
- इस चरण का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 200 नए मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब स्थापित करना है।
- 50,000 किलोमीटर नई सड़कों और रेलवे लाइनों का निर्माण या उन्नयन भी दूसरे चरण का हिस्सा है।
- योजना का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को GDP के 13-14% से घटाकर 8-9% तक लाना है।
- दूसरे चरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का व्यापक उपयोग किया जाएगा।
- भौतिक बुनियादी ढाँचे के साथ-साथ सामाजिक बुनियादी ढाँचे (स्कूल, अस्पताल) को भी एकीकृत किया जाएगा।
- यह योजना 'समग्र सरकार' दृष्टिकोण पर आधारित है, जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को बढ़ावा देती है।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी (PPP मॉडल) को दूसरे चरण में और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा।
- हरित बुनियादी ढाँचे और ऊर्जा दक्षता पर विशेष जोर दिया जाएगा।
- यह योजना राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और मेक इन इंडिया जैसी पहलों को मजबूत करती है।
Practice Questions
Q1. प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का दूसरा चरण किस तिथि को लॉन्च किया गया था?
- 13 अक्टूबर, 2021
- 7 जून, 2026
- 15 अगस्त, 2025
- 26 जनवरी, 2027
Explanation: प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का दूसरा चरण 7 जून, 2026 को भारत सरकार द्वारा लॉन्च किया गया था। पहला चरण 13 अक्टूबर, 2021 को शुरू हुआ था।
Q2. प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित प्रारंभिक बजटीय आवंटन कितना है?
- ₹5 लाख करोड़
- ₹7 लाख करोड़
- ₹10 लाख करोड़
- ₹12 लाख करोड़
Explanation: प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के दूसरे चरण के लिए ₹10 लाख करोड़ का प्रारंभिक बजटीय आवंटन प्रस्तावित किया गया है। यह राशि देश के बुनियादी ढाँचे के विकास में महत्वपूर्ण निवेश को दर्शाती है।
Q3. प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केवल सड़क निर्माण को बढ़ावा देना
- लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी में सुधार करना
- केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना
- कृषि उत्पादों के निर्यात को दोगुना करना
Explanation: प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना का मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी में सुधार करना और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के समन्वित निष्पादन को सुनिश्चित करना है। यह विभिन्न परिवहन माध्यमों को एकीकृत करके दक्षता बढ़ाता है।
Q4. प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत कितने मंत्रालयों को एक साथ लाया गया है?
- 10
- 12
- 16
- 20
Explanation: प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो 16 मंत्रालयों को एक साथ लाता है। इसमें रेलवे, सड़क परिवहन, बंदरगाह, विमानन, पेट्रोलियम, दूरसंचार और बिजली जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय शामिल हैं, ताकि बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की एकीकृत योजना और समन्वित निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
Q5. गति शक्ति योजना के दूसरे चरण में किन उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा?
- केवल GIS मैपिंग
- केवल ड्रोन तकनीक
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML)
- केवल ब्लॉकचेन तकनीक
Explanation: गति शक्ति योजना के दूसरे चरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग परियोजना योजना, निगरानी और विश्लेषण में और अधिक गहराई से किया जाएगा। इससे परियोजनाओं की दक्षता और सटीकता बढ़ेगी।
How to Prepare Economy & Finance for Government Exams — प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का…
Track current Repo Rate, Inflation rate, and GDP growth. These three numbers appear in almost every banking exam.
Keep a running note of new schemes with their ministry, launch date, and target beneficiary group.
Focus on the Economic Survey and Union Budget highlights — these single documents generate dozens of exam questions.
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