संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधार: भारत की स्थायी सदस्यता का दावा
संयुक्त राष्ट्र महासभा में चर्चा के दौरान, भारत ने सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार और स्थायी सदस्यता के लिए अपने दावे को मजबूती से दोहराया है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों और स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है, क्योंकि 1945 का ढांचा वर्तमान वैश्विक परिदृश्य का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।
- भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते, UNSC में स्थायी सीट का हकदार है।
- G4 देशों (भारत, जापान, जर्मनी, ब्राजील) ने मिलकर UNSC के विस्तार और अधिक प्रतिनिधित्व के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है।
- UNSC में सुधारों की धीमी गति वैश्विक बहुपक्षवाद के लिए एक चुनौती है और यह संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता को प्रभावित कर सकती है।
- भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक रहा है।
- UNSC के स्थायी सदस्यों (P5) के पास वीटो शक्ति होती है, जो महत्वपूर्ण निर्णयों को अवरुद्ध कर सकती है।
- भारत की स्थायी सदस्यता वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अधिक निष्पक्षता और विकासशील देशों के हितों का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी।
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 10–20 | International relations is a core GS-II topic for UPSC. Bilateral agreements, multilateral bodies, and geopolitics are essential. |
| State PCS / PSC | Medium | 3–5 | State PCS papers test India's role in international forums and bilateral trade ties. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | Medium | 2–4 | International summits, treaties, and India's bilateral relations appear in SSC GK. |
Key Facts to Remember: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधार: भारत की स्थायी सदस्यता का दावा
- भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों और स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है, क्योंकि 1945 का ढांचा वर्तमान वैश्विक परिदृश्य का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।
- भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते, UNSC में स्थायी सीट का हकदार है।
- G4 देशों (भारत, जापान, जर्मनी, ब्राजील) ने मिलकर UNSC के विस्तार और अधिक प्रतिनिधित्व के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है।
- UNSC में सुधारों की धीमी गति वैश्विक बहुपक्षवाद के लिए एक चुनौती है और यह संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता को प्रभावित कर सकती है।
- भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक रहा है।
- UNSC के स्थायी सदस्यों (P5) के पास वीटो शक्ति होती है, जो महत्वपूर्ण निर्णयों को अवरुद्ध कर सकती है।
- भारत की स्थायी सदस्यता वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अधिक निष्पक्षता और विकासशील देशों के हितों का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी।
Practice Questions
Q1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों की मांग के संदर्भ में G4 देशों में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
- भारत, चीन, रूस, अमेरिका
- भारत, जापान, जर्मनी, ब्राजील
- चीन, फ्रांस, यूके, जर्मनी
- भारत, फ्रांस, जापान, ब्राजील
Explanation: G4 देशों का समूह उन देशों का प्रतिनिधित्व करता है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहे हैं। इन देशों में भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील शामिल हैं।
Q2. भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का दावा क्यों कर रहा है?
- क्योंकि भारत संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य है।
- क्योंकि भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
- क्योंकि भारत परमाणु हथियारों से लैस है।
- क्योंकि भारत ने संयुक्त राष्ट्र के बजट में सबसे अधिक योगदान दिया है।
Explanation: भारत अपनी विशाल आबादी, बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक शांति व सुरक्षा में योगदान को देखते हुए UNSC में स्थायी सदस्यता का दावा करता है। यह तर्क दिया जाता है कि वर्तमान ढांचा आज की दुनिया का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।
Q3. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों (P5) के पास कौन सी विशेष शक्ति होती है?
- अस्थायी सदस्यों को वीटो करना
- संयुक्त राष्ट्र के बजट को नियंत्रित करना
- वीटो शक्ति, जो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अवरुद्ध कर सकती है
- महासचिव का चुनाव करना
Explanation: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (चीन, फ्रांस, रूस, यूके, यूएसए) के पास वीटो शक्ति होती है। इस शक्ति का उपयोग करके वे किसी भी गैर-प्रक्रियात्मक प्रस्ताव को अवरुद्ध कर सकते हैं, भले ही अन्य सभी सदस्य सहमत हों।
Q4. भारत UNSC में सुधारों की मांग करते समय किस ऐतिहासिक ढांचे का उल्लेख करता है?
- 1955 का ढांचा
- 1965 का ढांचा
- 1945 का ढांचा
- 2001 का ढांचा
Explanation: भारत का तर्क है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का वर्तमान ढांचा 1945 का है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित हुआ था। यह ढांचा आज की वैश्विक वास्तविकताओं और शक्तियों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, इसलिए इसमें सुधार की आवश्यकता है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वर्तमान स्थायी सदस्यों (P5) में शामिल नहीं है?
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- फ्रांस
- जर्मनी
- रूस
Explanation: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वर्तमान स्थायी सदस्य (P5) संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और चीन हैं। जर्मनी एक स्थायी सदस्य नहीं है, हालांकि यह G4 देशों में से एक है जो स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है।
How to Prepare International Affairs for Government Exams — संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधार: भारत…
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