माउंट एवरेस्ट पर दुनिया का सबसे ऊंचा मौसम स्टेशन स्थापित
वैज्ञानिकों की एक टीम ने हाल ही में माउंट एवरेस्ट के 'डेथ ज़ोन' में 8,810 मीटर की ऊंचाई पर दुनिया का सबसे ऊंचा स्वचालित मौसम स्टेशन सफलतापूर्वक स्थापित किया है। नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी और त्रिभुवन विश्वविद्यालय के इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य हिमालयी ग्लेशियरों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का वास्तविक समय में अध्ययन करना है, जिससे दक्षिण एशिया की जल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन रणनीतियों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह सौर ऊर्जा से संचालित स्टेशन अत्यधिक ठंड और कठोर परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण पर्यावरणीय डेटा प्रदान करेगा।
2-Minute Summary (TL;DR)
- माउंट एवरेस्ट पर 8,810 मीटर की ऊंचाई पर दुनिया का सबसे ऊंचा स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित किया गया है।
- यह स्टेशन एवरेस्ट के 'डेथ ज़ोन' में स्थित है, जहाँ ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम होता है।
- स्थापना नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी और नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है।
- यह स्टेशन तापमान, हवा की गति, दबाव, आर्द्रता और बर्फ की गहराई का वास्तविक समय डेटा प्रदान करेगा।
- इसका मुख्य उद्देश्य हिमालयी ग्लेशियरों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को बेहतर ढंग से समझना है।
- यह सौर ऊर्जा से संचालित है और -40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- इस डेटा से दक्षिण एशिया की जल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन रणनीतियों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
- यह परियोजना 'परपेचुअल एवरेस्ट एक्सपेडिशन' का हिस्सा है, जो उच्च ऊंचाई पर वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देती है।
Why In News
वैज्ञानिकों की एक टीम ने हाल ही में माउंट एवरेस्ट के 'डेथ ज़ोन' में दुनिया का सबसे ऊंचा स्वचालित मौसम स्टेशन सफलतापूर्वक स्थापित किया है। यह उपलब्धि हिमालयी जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने और भविष्य की आपदाओं की भविष्यवाणी करने के लिए महत्वपूर्ण वास्तविक समय डेटा प्रदान करेगी। इस स्थापना ने वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि यह चरम ऊंचाई पर अनुसंधान की सीमाओं को आगे बढ़ाता है।
Syllabus Connection
यह समाचार हिमालयी क्षेत्र के भूगोल, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, ग्लेशियरों के पिघलने और उनके पारिस्थितिकीय तथा सामाजिक-आर्थिक परिणामों से संबंधित है। छात्रों को पर्वतीय पारिस्थितिकी प्रणालियों और सुदूर संवेदन प्रौद्योगिकियों के महत्व की समीक्षा करनी चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | माउंट एवरेस्ट पर स्थापित दुनिया का सबसे ऊंचा मौसम स्टेशन। | जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण। |
| कहाँ स्थापित? | माउंट एवरेस्ट के 'डेथ ज़ोन' में, 8,810 मीटर की ऊंचाई पर। | चरम मौसमी परिस्थितियों में डेटा संग्रह की चुनौतियों और महत्व को दर्शाता है। |
| किसने स्थापित किया? | नेशनल ज्योग्राफिक और त्रिभुवन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की टीम। | अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग और पर्वतारोहण विशेषज्ञता का एक उदाहरण। |
| उद्देश्य क्या है? | वास्तविक समय में मौसम डेटा एकत्र करना, जलवायु परिवर्तन का अध्ययन। | हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने, जल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर प्रभाव का विश्लेषण। |
| तकनीकी विशेषताएँ? | सौर ऊर्जा संचालित, अत्यधिक ठंड में कार्य करने में सक्षम। | उच्च ऊंचाई पर टिकाऊ और स्वायत्त वैज्ञानिक उपकरणों के विकास में प्रगति। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | High | 8–15 | UPSC tests physical, human, and economic geography together with environment policy. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–6 | Physical geography, national parks, rivers, and climate events appear in SSC Tier-1. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 4–7 | India's physical geography, minerals, dams, and river systems are standard Railway GK topics. |
Key Facts to Remember: माउंट एवरेस्ट पर दुनिया का सबसे ऊंचा मौसम स्टेशन स्थापित
- माउंट एवरेस्ट पर 8,810 मीटर की ऊंचाई पर दुनिया का सबसे ऊंचा स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित किया गया है।
- यह स्टेशन एवरेस्ट के 'डेथ ज़ोन' में स्थित है, जहाँ ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम होता है।
- स्थापना नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी और नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है।
- यह स्टेशन तापमान, हवा की गति, दबाव, आर्द्रता और बर्फ की गहराई का वास्तविक समय डेटा प्रदान करेगा।
- इसका मुख्य उद्देश्य हिमालयी ग्लेशियरों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को बेहतर ढंग से समझना है।
- यह सौर ऊर्जा से संचालित है और -40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- इस डेटा से दक्षिण एशिया की जल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन रणनीतियों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
- यह परियोजना 'परपेचुअल एवरेस्ट एक्सपेडिशन' का हिस्सा है, जो उच्च ऊंचाई पर वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देती है।
Practice Questions
Q1. माउंट एवरेस्ट पर स्थापित दुनिया का सबसे ऊंचा स्वचालित मौसम स्टेशन कितनी ऊंचाई पर स्थित है?
- 8,000 मीटर
- 8,810 मीटर
- 7,900 मीटर
- 8,400 मीटर
Explanation: माउंट एवरेस्ट पर स्थापित नया मौसम स्टेशन 8,810 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो इसे दुनिया का सबसे ऊंचा स्वचालित मौसम स्टेशन बनाता है। यह ऊंचाई एवरेस्ट के 'डेथ ज़ोन' में आती है, जहाँ जीवित रहना अत्यंत कठिन होता है।
Q2. माउंट एवरेस्ट पर मौसम स्टेशन स्थापित करने में कौन से दो प्रमुख संगठन शामिल थे?
- विश्व मौसम विज्ञान संगठन और नेपाल सरकार
- नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी और त्रिभुवन विश्वविद्यालय
- संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग
- यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और चीन विज्ञान अकादमी
Explanation: माउंट एवरेस्ट पर दुनिया के सबसे ऊंचे मौसम स्टेशन की स्थापना में नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी और नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह एक सहयोगी प्रयास था जिसका उद्देश्य हिमालयी जलवायु को समझना है।
Q3. माउंट एवरेस्ट पर स्थापित मौसम स्टेशन का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- पर्वतारोहियों के लिए वास्तविक समय में मौसम की भविष्यवाणी करना
- हिमालयी ग्लेशियरों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करना
- एवरेस्ट क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना
- स्थानीय वनस्पतियों और जीवों पर शोध करना
Explanation: इस मौसम स्टेशन का प्राथमिक उद्देश्य हिमालयी ग्लेशियरों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का गहन अध्ययन करना है। यह डेटा वैज्ञानिकों को इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों को समझने में मदद करेगा, जिसका दक्षिण एशिया की जल सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।
Q4. माउंट एवरेस्ट के 'डेथ ज़ोन' की विशेषता क्या है?
- यह क्षेत्र अत्यधिक वनस्पति से ढका है।
- यह क्षेत्र अत्यधिक ऑक्सीजन स्तर के लिए जाना जाता है।
- यह क्षेत्र बहुत कम ऑक्सीजन स्तर और अत्यधिक ठंड के लिए जाना जाता है।
- यह क्षेत्र केवल गर्मियों में ही सुलभ होता है।
Explanation: माउंट एवरेस्ट का 'डेथ ज़ोन' (आमतौर पर 8,000 मीटर से ऊपर) बहुत कम ऑक्सीजन स्तर, अत्यधिक ठंड और तेज हवाओं जैसी चरम मौसमी परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। इन परिस्थितियों में मानव शरीर के लिए लंबे समय तक जीवित रहना लगभग असंभव होता है।
Q5. माउंट एवरेस्ट मौसम स्टेशन द्वारा एकत्र किए जाने वाले डेटा में निम्नलिखित में से क्या शामिल नहीं है?
- तापमान
- हवा की गति
- समुद्री जल स्तर
- बर्फ की गहराई
Explanation: माउंट एवरेस्ट पर स्थापित मौसम स्टेशन तापमान, हवा की गति, दबाव, आर्द्रता और बर्फ की गहराई जैसे महत्वपूर्ण मौसमी डेटा एकत्र करता है। समुद्री जल स्तर का डेटा पर्वतीय क्षेत्रों से संबंधित नहीं है और यह स्टेशन इसे एकत्र नहीं करता है।
How to Prepare Geography & Environment for Government Exams — माउंट एवरेस्ट पर दुनिया का सबसे ऊंचा मौसम स्टेशन…
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