भारतीय नौसेना का 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग
भारतीय नौसेना ने 6 जून, 2026 को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति और अंतरसंचालनीयता को मजबूत करने के उद्देश्य से 'समुद्र शक्ति 2026' नामक एक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास का सफलतापूर्वक समापन किया। इस अभ्यास में भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई प्रमुख नौसेनाओं ने भाग लिया, जिसका मुख्य फोकस समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) संचालन पर था।
2-Minute Summary (TL;DR)
- भारतीय नौसेना का 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास 6 जून, 2026 को समाप्त हुआ।
- यह एक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास था जो बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में आयोजित किया गया।
- अभ्यास 29 मई से 6 जून, 2026 तक चला।
- इसमें भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर और वियतनाम की नौसेनाओं ने भाग लिया।
- भारतीय नौसेना के प्रमुख युद्धपोतों में INS विक्रमादित्य, INS शिवालिक और P-8I विमान शामिल थे।
- अभ्यास का मुख्य फोकस समुद्री सुरक्षा, पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) और मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) संचालन पर था।
- यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति और अंतरसंचालनीयता को मजबूत करता है।
- 'समुद्र शक्ति' अभ्यास 2018 में भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय रूप से शुरू हुआ था।
- 2024 में इसे बहुराष्ट्रीय प्रारूप में विस्तारित किया गया।
- अभ्यास ने क्वाड (QUAD) देशों की भागीदारी के माध्यम से क्षेत्रीय सुरक्षा वास्तुकला को मजबूत किया।
- यह भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- अभ्यास ने समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए संयुक्त प्रतिक्रिया का अभ्यास किया।
Why In News
भारतीय नौसेना ने 6 जून, 2026 को 'समुद्र शक्ति 2026' नामक एक महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास का सफल समापन किया। यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भू-रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के बीच आयोजित किया गया था, जो क्षेत्रीय स्थिरता और भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के लिए इसके महत्व को रेखांकित करता है।
Syllabus Connection
यह समाचार हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, बहुपक्षीय रक्षा सहयोग, भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और भू-रणनीतिक महत्व की अवधारणाओं से संबंधित है। छात्रों को क्वाड (QUAD), समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) और विभिन्न नौसैनिक अभ्यासों की भूमिका की समीक्षा करनी चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास, 'समुद्र शक्ति 2026'। | हिंद-प्रशांत में क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास। |
| कब और कहाँ? | 29 मई - 6 जून, 2026; बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर। | हिंद-प्रशांत के रणनीतिक जलमार्गों में भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव। |
| भागीदार | भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, वियतनाम। | क्वाड देशों का सहयोग, क्षेत्रीय भागीदारों के साथ विश्वास निर्माण और अंतरसंचालनीयता। |
| मुख्य फोकस | समुद्री सुरक्षा, ASW, HADR, हवाई रक्षा। | सामूहिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना, समुद्री डकैती और आपदाओं के लिए संयुक्त प्रतिक्रिया। |
| महत्व | अंतरसंचालनीयता, समुद्री डोमेन जागरूकता, 'एक्ट ईस्ट' नीति का सुदृढीकरण। | चीन की बढ़ती समुद्री शक्ति के प्रति संतुलित प्रतिक्रिया, क्षेत्रीय भू-रणनीतिक संतुलन। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Medium | 4–8 | UPSC focuses on strategic aspects: defence policy, Indo-Pacific, border issues, and bilateral defence deals. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | Defence acquisitions, military exercises, and appointments appear in SSC GK. |
| State PCS / PSC | Medium | 2–4 | State PCS papers test major acquisitions and military exercises involving India. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–5 | Army, Navy, and Air Force current events are regularly tested in Railway GK. |
Key Facts to Remember: भारतीय नौसेना का 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग
- भारतीय नौसेना का 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास 6 जून, 2026 को समाप्त हुआ।
- यह एक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास था जो बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में आयोजित किया गया।
- अभ्यास 29 मई से 6 जून, 2026 तक चला।
- इसमें भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर और वियतनाम की नौसेनाओं ने भाग लिया।
- भारतीय नौसेना के प्रमुख युद्धपोतों में INS विक्रमादित्य, INS शिवालिक और P-8I विमान शामिल थे।
- अभ्यास का मुख्य फोकस समुद्री सुरक्षा, पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) और मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) संचालन पर था।
- यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति और अंतरसंचालनीयता को मजबूत करता है।
- 'समुद्र शक्ति' अभ्यास 2018 में भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय रूप से शुरू हुआ था।
- 2024 में इसे बहुराष्ट्रीय प्रारूप में विस्तारित किया गया।
- अभ्यास ने क्वाड (QUAD) देशों की भागीदारी के माध्यम से क्षेत्रीय सुरक्षा वास्तुकला को मजबूत किया।
- यह भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टिकोण के अनुरूप है।
- अभ्यास ने समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए संयुक्त प्रतिक्रिया का अभ्यास किया।
Practice Questions
Q1. भारतीय नौसेना का 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास किस क्षेत्र में आयोजित किया गया था?
- अरब सागर और ओमान की खाड़ी
- हिंद महासागर और लाल सागर
- बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर
- प्रशांत महासागर और दक्षिण चीन सागर
Explanation: भारतीय नौसेना का 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलक्षेत्रों में आयोजित किया गया था। यह क्षेत्र हिंद-प्रशांत में समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Q2. 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास में भारत के अलावा किन देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया?
- चीन, रूस, ईरान
- संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, वियतनाम
- फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम
- ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, रूस
Explanation: 'समुद्र शक्ति 2026' एक बहुराष्ट्रीय अभ्यास था जिसमें भारत के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर और वियतनाम की नौसेनाओं ने भाग लिया। यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यापक सहयोग को दर्शाता है।
Q3. 'समुद्र शक्ति' अभ्यास मूल रूप से किन दो देशों के बीच द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था?
- भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका
- भारत और जापान
- भारत और इंडोनेशिया
- भारत और ऑस्ट्रेलिया
Explanation: 'समुद्र शक्ति' अभ्यास की शुरुआत 2018 में भारत और इंडोनेशिया के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी, जिसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ाना था। बाद में इसे बहुराष्ट्रीय प्रारूप में विस्तारित किया गया।
Q4. 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र क्या था, जो प्राकृतिक आपदाओं के लिए संयुक्त प्रतिक्रिया से संबंधित है?
- अंतरिक्ष युद्ध
- साइबर सुरक्षा
- मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR)
- पर्वतीय युद्ध
Explanation: 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास में मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) संचालन पर विशेष जोर दिया गया। इसमें प्राकृतिक आपदाओं के दौरान संयुक्त प्रतिक्रिया और समन्वय का अभ्यास किया गया, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
Q5. भारतीय नौसेना का कौन सा विमानवाहक पोत 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास में शामिल था?
- INS विक्रांत
- INS विक्रमादित्य
- INS विराट
- INS अरिहंत
Explanation: भारतीय नौसेना की ओर से, INS विक्रमादित्य (विमानवाहक पोत) ने 'समुद्र शक्ति 2026' अभ्यास में भाग लिया। यह भारत की समुद्री शक्ति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।
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