राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0: भारत का ऊर्जा संक्रमण और वैश्विक नेतृत्व
भारत सरकार ने 6 जून, 2026 को 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0' का अनावरण किया, जिसमें 2030 तक हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता को 10 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। यह मिशन भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक रणनीति प्रस्तुत करता है, जो देश के ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण है।
2-Minute Summary (TL;DR)
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0 का अनावरण 6 जून, 2026 को किया गया।
- मिशन का लक्ष्य 2030 तक 10 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
- इस चरण में अगले पांच वर्षों में ₹50,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।
- यह मिशन इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना का विस्तार करेगा।
- इस्पात, उर्वरक, शिपिंग और भारी परिवहन जैसे क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- सरकार चार 'हरित हाइड्रोजन हब' स्थापित करने की योजना बना रही है।
- हरित हाइड्रोजन के अनुसंधान और विकास (R&D) के लिए ₹5,000 करोड़ के साथ एक राष्ट्रीय अनुसंधान कोष स्थापित होगा।
- मिशन 2.0 से 2030 तक 2 मिलियन से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
- इससे ₹1 लाख करोड़ से अधिक के जीवाश्म ईंधन आयात में कमी आएगी।
- भारत को 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता और 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
- यह मिशन भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
- हरित हाइड्रोजन का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन) का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस से होता है।
Why In News
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 6 जून, 2026 को 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0' की विस्तृत कार्ययोजना जारी की। यह घोषणा भारत के लिए ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त करने और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों में योगदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश के ऊर्जा परिदृश्य को मौलिक रूप से बदलने की क्षमता रखती है।
Syllabus Connection
यह समाचार भारत के ऊर्जा संक्रमण, नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, जलवायु परिवर्तन शमन रणनीतियों और सतत विकास की अवधारणाओं से संबंधित है। छात्रों को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और विभिन्न क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोगों की समीक्षा करनी चाहिए।
Prelims vs Mains — What to Focus On
| Aspect | Prelims | Mains |
|---|---|---|
| क्या है? | भारत का महत्वाकांक्षी हरित हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग कार्यक्रम। | ऊर्जा सुरक्षा, डीकार्बोनाइजेशन और वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करना। |
| लक्ष्य | 2030 तक 10 MMT हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता। | भारत के NDC लक्ष्यों को प्राप्त करना और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना। |
| प्रमुख पहल | PLI योजना विस्तार, R&D कोष, चार हरित हाइड्रोजन हब। | घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और अवसंरचना विकास। |
| महत्व | 2 मिलियन रोजगार, ₹1 लाख करोड़ आयात में कमी, शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य। | आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, पर्यावरणीय स्थिरता और भू-राजनीतिक प्रभाव। |
| चुनौतियाँ | उच्च लागत, भंडारण, परिवहन अवसंरचना, तकनीकी विकास। | लागत-प्रभावशीलता, सुरक्षा मानक, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एकीकरण। |
How This Topic is Tested in Competitive Exams
| Exam | Frequency | Approx. Marks | What Gets Asked |
|---|---|---|---|
| UPSC / State PCS | Very High | 12–20 | Environment and Ecology is a separate section in UPSC Prelims. GS-III includes environment, climate change, and disaster management. |
| SSC (CGL / CHSL / MTS) | High | 3–5 | National parks, Ramsar sites, pollution levels, and climate summits appear in SSC GK. |
| Banking (IBPS / SBI) | Medium | 2–3 | Climate finance, green bonds, and ESG ratings are occasionally tested in banking exams. |
| State PCS / PSC | High | 5–8 | State PCS papers test both central environment policy and state-specific conservation achievements. |
| Railway (RRB NTPC / Group D) | High | 3–6 | Environment is a reliable Railway GK category — national parks, endangered species, pollution. |
Key Facts to Remember: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0: भारत का ऊर्जा संक्रमण और वैश्विक नेतृत्व
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0 का अनावरण 6 जून, 2026 को किया गया।
- मिशन का लक्ष्य 2030 तक 10 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
- इस चरण में अगले पांच वर्षों में ₹50,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।
- यह मिशन इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना का विस्तार करेगा।
- इस्पात, उर्वरक, शिपिंग और भारी परिवहन जैसे क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- सरकार चार 'हरित हाइड्रोजन हब' स्थापित करने की योजना बना रही है।
- हरित हाइड्रोजन के अनुसंधान और विकास (R&D) के लिए ₹5,000 करोड़ के साथ एक राष्ट्रीय अनुसंधान कोष स्थापित होगा।
- मिशन 2.0 से 2030 तक 2 मिलियन से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
- इससे ₹1 लाख करोड़ से अधिक के जीवाश्म ईंधन आयात में कमी आएगी।
- भारत को 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता और 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
- यह मिशन भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
- हरित हाइड्रोजन का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन) का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस से होता है।
Practice Questions
Q1. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0 के तहत भारत का 2030 तक हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य क्या है?
- 2.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
- 5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
- 10 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
- 15 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0 का महत्वाकांक्षी लक्ष्य 2030 तक 10 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है। यह पिछले लक्ष्य का दोगुना है और भारत को वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Q2. हरित हाइड्रोजन के उत्पादन में किस ऊर्जा स्रोत का उपयोग किया जाता है?
- कोयला
- प्राकृतिक गैस
- नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन)
- परमाणु ऊर्जा
Explanation: हरित हाइड्रोजन वह हाइड्रोजन है जो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, जैसे सौर या पवन ऊर्जा, का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा उत्पादित होता है। इस प्रक्रिया में कोई ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन नहीं होता है।
Q3. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0 के तहत इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कौन सी योजना विस्तारित की जाएगी?
- मेक इन इंडिया
- उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना
- आत्मनिर्भर भारत अभियान
- स्टार्टअप इंडिया
Explanation: मिशन 2.0 में हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए इलेक्ट्रोलाइजर के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना का विस्तार किया जाएगा। यह घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देगा और लागत कम करने में मदद करेगा।
Q4. मिशन 2.0 के तहत कितने 'हरित हाइड्रोजन हब' स्थापित करने की योजना है?
- दो
- तीन
- चार
- पांच
Explanation: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0 के तहत, सरकार ने चार 'हरित हाइड्रोजन हब' स्थापित करने की योजना बनाई है। ये हब नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध तटीय क्षेत्रों में स्थित होंगे और बड़े पैमाने पर उत्पादन को बढ़ावा देंगे।
Q5. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केवल जीवाश्म ईंधन का आयात बढ़ाना
- भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना
- केवल कृषि क्षेत्र में हाइड्रोजन का उपयोग करना
- परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना
Explanation: मिशन 2.0 का मुख्य उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। यह देश की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण है।
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